गहलोत सरकार ने पशुओं के ट्रांसपोर्टेशन और मेलों पर लगाई रोक, जानिए वजह
जयपुर, 3 अगस्त। राजस्थान में पशुओं में फैल रहे लंपी रोग को लेकर गहलोत सरकार ने बड़ा फैसला किया है। सरकार ने 16 जिलों में पशुओं के ट्रांसपोर्टेशन और मेलों पर रोक लगा दी है। राज्य के पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया ने राजधानी जयपुर में मीडिया से बात करते हुए यह जानकारी दी। कटारिया ने कहा कि राज्य का कृषि विभाग इस बीमारी से गायों को बचाने के लिए प्रयासों में जुटा हुआ है। संक्रमित गायों को बचाने के लिए दवाओं का प्रबंध किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में कृषि विभाग ने अगले 1 महीने के लिए 16 जिलों में पशुओं के ट्रांसपोर्टेशन पर रोक लगा दी है। यह बीमारी राजस्थान समेत देश के 10 राज्यों में फैल चुकी है। हालांकि राजस्थान लंपी रोग में 9वें स्थान पर है और डेथ रेट भी एक से डेढ़ प्रतिशत है। लेकिन फिर भी प्रदेश के करीब 3000 गौशालाओं को कैसे इस बीमारी से बचाया जा सके। इसे लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। यह बीमारी गायों के समूह में रहने के कारण फैल रही है और यह समूह सबसे ज्यादा गौशालाओं में होता है। इसके चलते संक्रमण भी फ़ैल रहा है।

संक्रमण रोकने के लिए मृत गायों को दफनाने के निर्देश
पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा कि संक्रमण को रोकने के लिए मृत गायों को दफनाने के निर्देश दिए गए हैं। गौशालाओं के लिए पशु चिकित्सक, एलएसए एवं अन्य अफसरों को जिला कलेक्टर के संपर्क में रहने के लिए पाबंद किया गया है। इमरजेंसी सेवाओं के लिए वाहन, कर्मचारियों और मेडिसिन की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। कटारिया ने कहा कि गौशालाओं में मृत गायों को खुले में छोड़ने की जगह दफनाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के जिन 16 जिलों में लंबी वायरस फैल रहा है। उनमें जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, जालौर, पाली, चूरू, बीकानेर, सिरोही, गंगानगर, अजमेर, हनुमानगढ़, जयपुर, सीकर, झुंझुनू, नागौर और उदयपुर हैं। इन सभी जिलों में केटल ट्रांसपोर्ट पर एक महीने तक रोक लगा दी गई है। प्रदेश में अब तक लंपी रोग के संक्रमण के कारण 4296 गायों की मौत हो गई है। प्रदेश में 4 लाख से ज्यादा गाय इस रोग से संक्रमित हो चुकी है।













Click it and Unblock the Notifications