देवेंद्र झाझड़िया को स्पोर्ट्स मैन ऑफ द डिकेड अवार्ड, जानिए बचपन में क्यों काटना पड़ा था इनका एक हाथ?

चूरू। देश के स्टार जेवलिन थ्रोअर व दो बार के पैराओलंपिक गोल्ड पदक विजेता राजीव गांधी खेल रत्न अवार्डी देवेंद्र झाझड़िया के नाम एक और उपलब्धि दर्ज हो गई है। अब देवेंद्र झाझड़िया को द हिंदू ग्रुप एवं स्पोर्टस स्टार पत्रिका की ओर से स्पोर्ट्स मैन ऑफ़ द डिकेड अवार्ड (पैरा स्पोर्ट्स ) से सम्मानित किया गया है।

टोक्यो ओलंपिक से पदक लाने की उम्मीद

टोक्यो ओलंपिक से पदक लाने की उम्मीद

स्पोर्ट्स मैन ऑफ़ द डिकेड अवार्ड पर प्रतिक्रिया करते हुए झाझड़िया ने कहा कि यह अवार्ड मेरे लिए गर्व की बात है। इस प्रकार अवार्ड मिलने से नई ऊर्जा मिलती है और हौसला बढ़ता है। इन दिनों टोक्यो ओलंपिक की तैयारी में जुटे देवेंद्र ने कहा कि देश के लिए बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद हैं। मैं अपने प्रशंसकों की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा और कोशिश करूंगा कि एक बार फिर देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर आऊं।

 देवेन्द्र झाझड़िया का परिवार

देवेन्द्र झाझड़िया का परिवार

राजस्थान के चूरू जिले के राजगढ़ उपखण्ड के जयपुरिया खालसा पोस्ट हड़ियाल के रामसिंह झाझड़िया और जीवनी देवी के घर 10 जून 1981 को जन्मे देवेन्द्र ​झाझड़िया वर्तमान में भारतीय खेल प्राधिकरण के कोच (जॉब) भी हैं। राजगढ़ के गांव चिमनपुरा निवासी मंजू झाझड़िया से वर्ष 2007 में शादी हुई। मंजू कब्बडी खिलाड़ी है। इनके बेटी जिया व बेटाया काव्यान है। इनके अलावा देवेन्द्र झा​झड़िया के दो भाई महेन्द्र व जोगेंन्द्र और बहन मायापती, धनपती, किरोड़पती और नीरमा है। वर्तमान में देवेन्द्र झाझड़िया जयपुर के मुरलीनगर स्थित सूर्यानगर में रहते हैं।

 देवेंद्र झाझड़िया की जीवनी

देवेंद्र झाझड़िया की जीवनी

बकौल, देवेन्द्र झाझड़िया 'यह बात 1989 की है। तब मैं आठ साल का था। पेड़ पर चढ़ा उसी दौरान करंट की चपेट में आ गया। चिकित्सकों ने खूब इलाज किया। आखिर बायां काटना पड़ा। चाहता था मैं भी खुद से हार मान लेता लेकिन मेरी मुश्किल हालात को ही मैंने सबसे बड़ी ताकत बनाया और स्कूल के समय से मैंने भाला उठाया, जिसे जेवेलिन थ्रो के नाम से भी जाना जाता है। कोच आरडी सिंह ने मेरी प्रतिभा को निखारा और नतीजा सबके सामने है।'

देवेन्द्र झाझड़िया को मिले अवार्ड

देवेन्द्र झाझड़िया को मिले अवार्ड

-3 दिसम्बर 2004 में राष्ट्रपति ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

-2004 में महाराणा प्रताप राज्य खेल पुरस्कार

-29 अगस्त 2005 में अर्जुन अवार्ड से नवाजे गए।

-2005 में पीसीआई उत्कृष्ट खिलाड़ी पुरस्कार।

-2014 में पद्मश्री और पैरा स्पोर्ट्सपर्सन ऑफ द ईयर अवार्ड

-2016 में जीक्यू मैगजीन ने बेस्ट प्लेयर के अवार्ड से नवाजा

-29 अगस्त 2017 को राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड

देवेन्द्र झाझड़िया का खेल व रिकॉर्ड

देवेन्द्र झाझड़िया का खेल व रिकॉर्ड

- 8वीं फेसपिक गेम्स बुसान 2002 (पैरा एशियन) में स्वर्ण पदक के साथ नया विश्व रिकॉर्ड

- ब्रिटिश ओपन एथलेटिक्स चैम्पियशिप 2003 में जेवलिन थ्रो, ट्रिपल जम्प और शॉट पुट में स्वर्ण पदक

- एथेंस पैरालंपिक गेम्स 2004 में जेवलिन थ्रो में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता और व्यक्तिगत रूप से पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने।


-नौवीं फेसकिप गेम्स कुआलालम्पुर 2006 (पैरा एशियन) जेवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक व रिकॉर्ड

-आईडब्यूएएस वर्ल्ड गेम्स ताइपेई ताइवान 2007 में जेवलिन थ्रो में रजत पदक

-आईडब्यूएएस वर्ल्ड गेम्स बंगलौर 2009 में जेवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक व डिस्कस थ्रो में रजत पदक

-वर्ल्ड चैम्पियशिप लियोन फ्रांस 2003 जेवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक हासिल कर चैम्पियशिप का नया रिकॉर्ड बनाया।

-पैरा एशियन गेम्स इंचियोन कोरिया 2014 में रजत पदक

-आईपीसी वर्ल्ड चैम्पियशिप दोहा 2015 में रजत पदक

-पैरालंपिक रियो डे जेनेरियो 2016 में स्वर्ण पदक के साथ खुद का एथेंस का विश्व रिकॉर्ड तोड़ा। पैरालंपिक में दो बार स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने।

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