कोरोना योद्धा राममूर्ति मीणा : मां की मौत पर नहीं गए घर, वीडियो कॉल पर अंतिम दर्शन कर दी विदाई

जयपुर। मिलिए रियल कोरोना योद्धा से। नाम है राममूर्ति मीणा। राजस्थान के जयपुर स्थित सवाई मानसिंह अस्पताल में आईसीयू इंचार्ज हैं। मां की मौत पर भी घर नहीं जा सके। कोरोना मरीजों के इलाज को प्राथमिकता दी और वीडियो कॉल से ही मां के अंतिम दर्शन कर विदाई दी।

राजस्थान में कोरोना पॉजिटिव केस तीन सौ पार

राजस्थान में कोरोना पॉजिटिव केस तीन सौ पार

राजस्थान में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। 7 अप्रैल तक आंकड़ा तीन सौ पार चला गया है। जयपुर सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बना हुआ है। प्रदेशभर के चिकित्सकों की तरह जयपुर एसएमएस अस्पताल के कोरोना आइसोलेशन के आईसीयू प्रभारी राममूर्ति मीणा भी कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं।

 करौली के रहने वाले हैं राममूर्ति मीणा

करौली के रहने वाले हैं राममूर्ति मीणा

मूलरूप से राजस्थान के करौली जिले की गांव रानौली के रहने वाले राममूर्ति मीणा की 93 वर्षीय माँ भोलादेवी का सोमवार को निधन ​हो गया। मां के निधन हो जाने पर भी राममूर्ति मीणा घर नहीं जा सके। मां के अन्तिम दर्शन भी नहीं कर पाए। इतना ही नहीं ये मां के दाह संस्कार और शोक में भी शामिल नहीं हो सके। इन्होंने मोबाइल पर वीडियो कॉल के जरिए मां की अंतेष्टि के दौरान अंतिम दर्शन किए। उनका ये त्याग सभी देशवासियों व नर्सेज के लिए प्रेरणा है। ये कोरोना योद्धा काम को अपना फर्ज मानते हुए दिन रात कोरोना पॉजिटिव मरीजों की सेवा में लगे हुए हैं।

 गांव जाता तो बढ़ सकता था संक्रमण का खतरा

गांव जाता तो बढ़ सकता था संक्रमण का खतरा

राममूर्ति मीणा ने बताया कि अफसोस है कि मां के अंतिम संस्कार व अन्य कार्यक्रमो में गांव रानोली (करौली) नहीं आ सका। वजह है कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों को भी नहीं छोड़ सकता हूँ। कोरोना महामारी से हम सभी को एकजुट होकर लड़ना है। मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने की बजाय कोरोना आइसोलेशन में अपनी सेवाएँ देना ज्यादा उचित समझा। अगर मैं अपने गाँव जाता तो भी यहां अन्य लोगों को संक्रमण का खतरा हो सकता था। राममूर्ती ने कहा कि देश संकट के दौर से गुजर रहा है और उन्होंने अपना फर्ज निभाया है। बता दें कि SMS होस्पिटल में कोरोना आइसोलेशन वार्ड नर्सिंग इंचार्ज राममूर्ती को अभी 14 दिन क्वारनटाईन में रखा गया है। समाज में संक्रमण में ना फैले इसलिए वो जयपुर स्थित अपने घर नहीं जा रहे। वे SMS अस्पताल के पास ही एक धर्मशाला के कमरे में रुके हुए हैं।

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