सीएम गहलोत पहुँचे बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने, छलक उठा बीसलपुर बांध
जयपुर, 25 अगस्त। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। सीएम गहलोत सुबह 10.30 बजे हवाई सर्वेक्षण के लिए जयपुर से रवाना हुए। हाड़ौती अंचल में हालात बहुत खराब है। कोटा झालावाड़ बूंदी और 12 जिले में जल प्रलय ने तबाही मचा रखी है। धौलपुर जिले के 120 गांव चपेट में आ गए हैं। जबकि चंबल नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 15.81 मीटर पहुंच गया है। सेना और एसडीआरएफ राहत बचाव कार्य में लगे हैं। चंबल के जलस्तर का वर्ष 1996 में रिकॉर्ड टूट गया है। चंबल का वार्निंग लेवल 129.79 से शुरू हो जाता है। वर्तमान में चंबल नदी का जलस्तर 145. 07 मीटर है। सीएम गहलोत से पहले पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने हाड़ौती अंचल का हवाई सर्वे कर चुकी हैं। मुख्यमंत्री गहलोत के दौरे में उनके साथ यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल और कोटा के प्रभारी मंत्री परसादी लाल मीणा भी साथ रहे। बारां जिले के अंता से विधायक और खान मंत्री प्रमोद जैन भाया बारां और झालावाड़ में सीएम गहलोत के साथ रहेंगे।

चार हजार लोगों का किया रेस्क्यू
राजस्थान में बाढ़ ग्रस्त इलाकों में बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। जिला प्रशासन, सेना, जल वायु सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और नागरिक सुरक्षा की टीमों ने बाढ़ ग्रस्त इलाकों से 4302 लोगों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया है। बाढ़ प्रभावित जिलों में फंसे नागरिकों को एअरलिफ्ट करने के लिए 2 दिनों से कोटा हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर की भी तैनाती की गई है। आपदा प्रबंधन सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के शासन उप सचिव ने बताया कि मध्यप्रदेश एवं राज्य में भारी वर्षा होने के कारण चंबल, कालीसिंध, परवन, पार्वती, मेज नदियों एवं राणा प्रताप सागर, कालीसिंध, कोटा बैराज, जवाहर सागर, पार्वती डैम और गुढ़ा डैम जैसे बांधों में अत्यधिक पानी की आवक से अधिकतर बांध के गेट खोलने के कारण राज्य के कोटा, बूंदी, झालावाड़, बारां, सवाई माधोपुर और धौलपुर जिले में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
बीसलपुर बांध छलका लेकिन नहीं खुले गेट
राजस्थान में अच्छी बारिश के बाद बीसलपुर बांध लबालब भर गया है। बांध में 315.50 मीटर पानी आ गया है। लेकिन अब बारिश रुकने के बाद बांध में पानी की आवक कम हो गई है। त्रिवेणी नदी का गेज भी 6 मीटर से कम है। ऐसे में बीसलपुर बांध में पानी की आवक बहुत धीमी है। बांध लबालब भर चुका है। लेकिन पानी की आवक कम होने से बांध के गेट खोले जाने को लेकर अभी संशय बरकरार है। माना जा रहा है कि देर रात या कल तक थोड़ी देर के लिए बीसलपुर बांध के गेट खोले जा सकते हैं। बीसलपुर से अजमेर जयपुर और टॉप को पेयजल आपूर्ति की जाती है।













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