Bharat Jodo Yatra में राहुल गांधी ने राजस्थान के मसले पर लगाया विराम, जानिए पूरी वजह
राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान इंदौर में संवाददाता सम्मेलन में साफ कर दिया है कि राजस्थान में कोई विवाद नहीं हैं।
Bharat Jodo Yatra पर निकले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इंदौर में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राजस्थान के सियासी घटनाक्रम पर विराम लगा दिया है। राहुल गांधी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पिछले हफ्ते एक न्यूज़ चैनल को दिए गए साक्षात्कार में पूछे गए सवाल को इग्नोर करते हुए कहा कि कौन क्या बोला इस पर नहीं जाऊंगा। दोनों नेता कांग्रेस की धरोहर है। लेकिन इस बात की गारंटी दे सकता हूँ कि इससे राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। एक तरह से राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सचिन पायलट को गद्दार कहने के मुद्दे को कोई महत्व न देकर सीधा संदेश दे दिया है कि राजस्थान में किसी तरह का कोई संकट नहीं है। गहलोत ही राजस्थान में कांग्रेस के नेता और पार्टी का चेहरा हैं।

पत्रकार ने घुमाकर पूछा राहुल गांधी से सवाल
दिल्ली के राष्ट्रीय चैनल के पत्रकार ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सचिन को गद्दार बताने के सवाल को इस तरह से घुमाकर पूछा था कि सचिन के पक्ष में जवाब आए। लेकिन राहुल गांधी ने बड़ी समझदारी से ऐसा जवाब दिया। जिससे सभी कयासों को विराम लग गया है। राहुल गांधी ने साथ ही मध्यप्रदेश में दल बदल कर भाजपा में गए कांग्रेस के विधायकों को लेकर भी जवाब दिया। जो भी सीधे राजस्थान के लिए बड़ा संदेश था। सवाल में यह पूछा गया था कि जो विधायक कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए हैं। क्या भविष्य में पार्टी उन्हें वापस लेगी। राहुल गांधी ने सीधे तौर पर कहा कि जो लोग पैसे से खरीदे गए हैं। उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। राहुल लगातार इस बात को कहते हैं कि बीजेपी ने उनके भ्रष्ट 20-25 विधायकों को करोड़ों में खरीद मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिराई और फिर भाजपा की सरकार का गठन किया।

साजिश रचने वाली नेताओं से नाराज है राहुल गांधी
राहुल गांधी राजस्थान में 2020 में सरकार गिराने की कोशिश करने वाले नेताओं से खासे नाराज हैं। सचिन पायलट की अगुवाई में 19 विधायकों ने अपनी ही सरकार गिराने की कोशिश की थी। इसके लिए करोड़ों का लेन-देन भी हुआ था। मुख्यमंत्री गहलोत के भी कह चुके हैं कि बीजेपी के नेताओं ने यह रकम दी थी। लगातार सरकार को अस्थिर करने की कोशिशों के बावजूद मुख्यमंत्री गहलोत ने 22 नवंबर को एक चैनल को दिए इंटरव्यू में सचिन पायलट को गद्दार बताते हुए बीजेपी को जमकर आड़े हाथों लिया था।

गहलोत के बयान को दिया गया तूल
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सचिन पायलट को गद्दार कहे जाने वाले बयान को कुछ मीडिया वालों ने तूल देकर ऐसा माहौल बनाया। जैसे कि उन्होंने बहुत गलत कह दिया। जबकि राहुल गांधी भी मध्यप्रदेश की घटना का जिक्र कर पार्टी तोड़ने वाले विधायकों को भ्रष्ट कहकर एक तरह से उन्हें उन्हें गद्दार ठहरा रहे थे। हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत निश्चिंत होकर गुजरात विधानसभा चुनाव प्रचार में निकले हुए हैं। वहां पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी गहलोत की तारीफ कर संदेश दे दिया है कि गहलोत राजस्थान के असल नेता है। राहुल गांधी ने मीडिया में गहलोत के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान पर विराम लगा दिया है। सचिन पायलट अपने समर्थकों से बयान दिलवा और मीडिया में ख़बरें चलवा कर सरकार को अस्थिर करने में जुटे थे। राहुल गांधी भी जानते थे कि उनको संवाददाता सम्मेलन में फंसाने की कोशिश होगी। इसलिए वे पहले से सजग थे। मध्यप्रदेश में उमड़ी भीड़ से राहुल गांधी गदगद दिखाई दिए। राहुल गांधी के बयान के बाद राजस्थान में भी कार्यकर्ताओं में भारी जोश के आसार हैं। राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान इसका सकारात्मक असर देखने को मिलेगा।












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