Rajasthan में विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक बदलाव के मूड में कांग्रेस-भाजपा, जानिए पूरा मामला
Rajasthan में कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों में आने वाले समय में बड़े संगठनात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे कांग्रेसका फोकस पार्टी में एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत को लागू करते हुए पदाधिकारियों के नाम का ऐलान किया जाएगा वहीं भाजपा में चुनावी राजनीति में शामिल नेताओं की छुट्टी करने पदाधिकारियों को नियुक्त किया जाएगा। इसे लेकर दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों में कवायद शुरू हो गई है कांग्रेस में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के साथ ही राजस्थान में पार्टी के जिला अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्षों के नाम का ऐलान किसी भी समय किया जा सकता है इन पदों पर पहले से सहमति बनाकर नाम कांग्रेश आलाकमान को भेजे जा चुके हैं अभी 30 के करीब कांग्रेश जिला अध्यक्षों के नाम का ऐलान होना है वही प्रदेश पदाधिकारियों को लेकर एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत को लागू कर नए सिरे से पदाधिकारियों के नाम का ऐलान किया जाएगा।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को लेकर भी हो सकता है फैसला
कांग्रेस सूत्रों की माने तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर भी पार्टी नए सिरे से फैसला कर सकती है पार्टी एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत पर काम करती है तो गोविंद सिंह डोटासरा सरकार में पूर्व मंत्री और विधायक हैं ऐसे में उनकी जगह पार्टी नया पीसीसी चीफ नियुक्त कर सकती है मल्लिकार्जुन खड़गे के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद देशभर के पीसीसी अध्यक्षों को लेकर फैसला उन्हीं पर छोड़ा गया है प्रदेश में पीसीसी अध्यक्ष को लेकर फैसला कांग्रेस हाईकमान के लिए अहम होगा क्योंकि यहां दोनों गुटों के बीच पलटी राजनीति को बैलेंस करने के लिए पीसीसी अध्यक्ष का फैसला अहम साबित होगा।

राजस्थान में संगठन की ताकत बढ़ाने में जुटी भाजपा
राजस्थान के प्रमुख विपक्षी दल भाजपा इस बात को लेकर एलान कर चुका है कि आने वाले समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे को सामने रखकर संगठनात्मक ताकत के साथ ही विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा ऐसे में पार्टी चुनावी राजनीति और संगठन की ताकत को अलग से रखने की रणनीति पर काम कर रही है पार्टी में अभी एक दर्जन से ज्यादा जिला अध्यक्षों को बदलने पर कवायद चल रही है इन जिला अध्यक्षों के बदलाव को लेकर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से अनुमति मांगी गई है अध्यक्षों को बदलने का आधार चुनावी राजनीति है यह वह जिलाध्यक्ष है जो पार्टी को विधानसभा चुनाव लड़ने की मंशा जता चुके हैं इसके अलावा कई मोर्चों और प्रमुख पदाधिकारी भी इस सूची में शामिल है जिन्हें आने वाले समय में बदला जा सकता है पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से ऐसे नामों को बदलने के लिए पहले ही कहा गया है।

भाजपा में घर वापसी करने वाले नेताओं की सूची तैयार
भाजपा में 2018 के बाद चुनावी राजनीति के चलते पार्टी से दूर हुए नेताओं की सूची भी तैयार की जा रही है बताया जा रहा है कि इस सूची में सैकड़ों प्रमुख नेताओं के नाम है जो अपने अपने क्षेत्र में प्रभाव रखते हैं पार्टी जल्द ही इन नेताओं की घर वापसी कर अपनी ताकत को बढ़ाएगी इसके लिए केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और विधायक वासुदेव देवनानी की टीम गठित की गई है इस टीम ने घर वापसी मिशन पर काम करना शुरू कर दिया है पार्टी पहले पेज में उन नेताओं को शामिल करेगी जिनके नामों पर विवाद नहीं है।












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