सोनिया गांधी से मुलाक़ात से पहले कैमरे में कैद हुए अशोक गहलोत के नोट्स, जानिए क्या लिखा था कागज में
जयपुर, 30 सितंबर। राजस्थान के सियासी हालात के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की फोटो खूब वायरल हो रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोनिया गांधी से मुलाकात करने के लिए जब उनके आवास पर जा रहे थे। इस दौरान उनके हाथ में एक कागज था। जिसे गहलोत बार-बार पढ़ रहे थे। दरअसल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से मुलाकात के दौरान किन मुद्दों पर चर्चा करनी है। इसके लिए नोट्स तैयार किए थे। गहलोत 10 जनपथ पहुंचने से पहले बार-बार उन नोट्स को देख रहे थे। इसी दौरान मीडिया के कैमरा पर्सन ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कैमरा जूम कर फोटो ले लिया। इससे मुख्यमंत्री के हाथ में मौजूद कागज की फोटो भी कैद हो गई। अब इसे सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है।


पायलट के खिलाफ गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हाथ में नोट्स का जो कागज था। उसमें सचिन पायलट के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए थे। उस कागज में जिन मुद्दों का जिक्र सोनिया गांधी के सामने किया जाना था। उसे लेकर नोट तैयार किए गए थे। इसमें पायलट कैम्प पर गुंडागर्दी करने भाजपा से मिलीभगत करने से लेकर पार्टी छोड़ने तक का जिक्र किया गया है। कागज में सबसे टॉप पर लिखा हुआ था जो हुआ बहुत दुखद है। मैं भी बहुत दुखी हूँ और आहत हूँ

पुष्कर की घटना का भी जिक्र किया
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कागज में पायलट खेलने के खिलाफ सिलसिलेवार आरोप के बिंदु बना रखे थे। इस कागज में अशोक गहलोत ने पुष्कर की घटना और शकुंतला रावत का भी जिक्र किया है। आपको बता दें पिछले दिनों पुष्कर में कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मंत्री अशोक चांदना के भाषण के दौरान पायलट समर्थकों ने जूते उछाले थे और मंत्री शकुंतला रावत के खिलाफ नारेबाजी की थी। इस पर अशोक चांदना ने पायलट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।

नामांकन के बाद अब राजस्थान का फैसला
राजस्थान का सियासी मसला कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव से जुड़ा हुआ है। कांग्रेस में अध्यक्ष पद के नामांकन के बाद अब राजस्थान के मसले को हल करने के लिए नए सिरे से एक्सरसाइज शुरू होने की संभावना है। जयपुर में एक बार फिर कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाने का वक्त तय हो सकता है। पार्टी द्वारा नए पर्यवेक्षक नियुक्त किए जा सकते हैं। अशोक गहलोत के बयानों से साफ है कि राजस्थान में विधायक दल की बैठक फिर से होगी। उसमें एक लाइन का प्रस्ताव पास होगा। केसी वेणुगोपाल भी कह चुके हैं कि राजस्थान का फैसला एक-दो दिन में हो जाएगा।












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