आनंदपाल गैंग के हार्ट पर 'अटैक', 27 दिन में खत्म हुए दो खास गुर्गे
Anand Pal Singh Gang , जयपुर। राजस्थान में आतंक का दूसरा नाम रही आनंदपाल गैंग खत्म होने को है। खुद आनंदपाल का एनकाउंटर हो गया और अधिकांश गुर्गे सलाखों के पीछे हैं। कभी ये गुर्गे खुले घूमा करते थे तब लोगों पर बेरहमी से गोलियां दागते थे, मगर अब जेलों में बंद इन गुर्गों के ही हार्ट पर अटैक हो रहा है, जिससे एक-एक करके इन गुर्गों का भी खात्मा होता रहा है। महज 27 दिन में ही आनंदपाल के दो सबसे खतरनाक व भरोसेमंद गुर्गों की मौत हो गई। खास बात यह है कि दोनों की ही मौत हार्ट अटैक के कारण हुई है।

श्रीवल्लभ की अजमेर जेल में मौत
Gangster Anandpal Singh के खास गुर्गों में एक था श्रीवल्लभ। डीडवाना निवासी श्रीवल्लभ के खिलाफ लूट, हत्या समेत संगीन मामले दर्ज हुए। आनंदपाल के साथ जेल में रहा और वर्ष 2015 में पेशी पर गया आनंदपाल लाड़नूं से लौटते समय पुलिसकर्मियों पर हमला करके फरार हो गया था। तब उसके साथ फरार होने वालों में श्रीवल्लभ भी था। 24 जून 2017 को चूरू के रतनगढ़ के गांव मोलासर में आनंदपाल का एनकाउंटर हो गया और कुछ समय बाद पुलिस ने फरार चल रहे श्रीवल्लभ को भी पकड़ लिया। श्रीवल्लभ को अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में रखा गया। पिछले कुछ समय से तबीयत खराब होने पर इसे अजमेर केन्द्रीय में शिफ्ट किया गया, जहां 10 जनवरी 2019 की तड़के हार्ट अटैक की वजह से श्रीवल्लभ की मौत हो गई।
प्रताप सिंह पांडारोई जोधपुर जेल में मरा
प्रताप सिंह पांडारोई को आनंदपाल का राइट हैंड कहा जाता था। नागौर जिले के डीडवाना के नजदीक पांडारोई गांव निवासी प्रताप सिंह आनंदपाल गैंग के सबसे सक्रिय सदस्यों में से एक था। आनंदपाल के जानी दुश्मन रहे इन्द्रचन्द के अपहरण केस में प्रताप सिंह का नाम आया था। बहुचर्चित खेराज हत्याकांड के गवाह महीप कुमार को धमकाने के आरोप भी प्रताप सिंह पर लगे थे। गनोड़ा सेल्समैन हत्याकांड समेत कई मामलों में प्रताप सिंह Jodhpur जेल में बंद था। 15 दिसम्बर 2018 को जेल में प्रताप सिंह की मौत हो गई। इसकी मौत भी श्रीवल्लभ की तरह हार्ट अटैक से होनी ही मानी गई थी।












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