Abhinav Panwar : 29 साल की उम्र में अमेरिका ने दिया 2 करोड़ का पैकेज, कभी IIT में नहीं मिला था प्रवेश
जयपुर। उम्र...महज 29 साल। ओहदा...अमेरिका की कंपनी में सीनियर मैनेजर। मासिक वेतन...16 लाख से ज्यादा और सालाना पैकेज...2 करोड़ रुपए। यह सक्सेस स्टोरी है राजस्थान के अभिनव पंवार की। वो लड़का जिसे कभी आईआई में प्रवेश नहीं मिला। फिर भी हिम्मत नहीं हारी। कुछ बड़ा करने के अपने जज्बे को बनाए रखा। फिर अमेरिका में नौकरी और मोटी तनख्वाह का वो मुकाम हासिल करके दिखाया जो हर किसी युवा का ख्वाब है।

फुलेरा के रहने वाले हैं अभिनव पंवार
मूलरूप से जयपुर के फुलेरा के रहने वाले अभिनव पंवार को कम्प्यूटर और मैनेजमेंट से लगाव है। अभिनव का ख्वाब किसी टॉप आईआईटी कम्प्यूटर साइंस में बीटेक करने का ख्वाब था, मगर जेईई में सात हजार रैंक आई तो यह सपना अधूरा रह गया।

कंपनी को पहुंचाया 30 मिलियन यूएस डॉलर का फायदा
अमरिका की टेक्सस यूनिवर्सिटी की एमबीए करने के बाद अभिनव को कैलिफोर्निया की सॉफ्टवेयर कंपनी एडॉब में नौकरी मिली। कंपनी ने उन्हें दो करोड़ रुपए सालाना का पैकेज दिया है। महज 29 साल की उम्र में वह सीनियर मैनेजर बन चुके हैं। कंपनी को बिजनेस ग्रोथ देने और नए ग्राहक बनाने के लिए मैंने काफी काम किया। डेटा एनालिसिस की मदद से कंपनी को लगभग 30 मिलियन यूएस डॉलर का फायदा पहुंचाया। काम के प्रति मेरी मेहनत को देखते हुए उन्होंने मुझे इस उम्र में सीनियर मैनेजर का पद दिया है।

अभिनव पंवार का परिवार
अभिनव पंवार ने स्कूल की पढ़ाई जयपुर से पूरी की। पिता पीएस पंवार सरस डेयरी के मार्केटिंग मैनेजर पद से रिटायर हो चुके हैं। माता कृष्णा पंवार गृहिणी हैं। पिता की सवाई माधोपुर पोस्टिंग के दौरान अभिनव का बचपन वहीं बीता। अभिनव दो बहनों का इकलौता भाई है। पिछले साल इनकी शादी नवलगढ़ निवासी शर्मिठा राजावत से हुई है। शर्मिठा ने एमटेक कर रखा है। फुलेरा का रहने वाला यह परिवार वर्तमान में जयपुर के मालवीय नगर में रह रहा है।

दो साल पहले लगी थी जॉब
अभिनव के पिता के पीएस पंवार ने वन इंडिया हिंदी से बातचीत में बताया कि अमेरिका की कंपनी में उनके बेटे की नौकरी करीब दो साल पहले डेढ़ करोड़ के पैकेज में लगी थी। अपनी मेहनत के दम पर अभिनव ने कम समय में ही प्रमोशन पाया और पैकेज डेढ़ से बढ़कर दो करोड़ हो गया। अभिनव का सपना कंपनी में वाइस प्रेसिडेंट बनने का है।

अमेरिका की टेक्सास यूनिवर्सिटी की एमबीए की
उसी रैंक के आधार पर आईआईएससी बेंगलूरु में एरोस्पेस साइंस ब्रांच मिल रही थी लेकिन अभिनव पंवार ने वीआईटी वेल्लोर से सीएस (कम्प्यूटर साइंस) ब्रांच को चुना। बीटेक के बाद तीन साल तक बेंगलूरु में जॉब की। इसके बाद अमेरिका की टेक्सास यूनिवर्सिटी की एमबीए परीक्षा की तैयारी की। जिस कोर्स में दुनिया से 300 और भारत से केवल 20 छात्र चयनित होते हैं, अभिनव उनमें से एक रहे।

दो बहनों के इकलौते भाई
अभिनव दो बहनों का इकलौता भाई है। पिछले साल इनकी शादी नवलगढ़ निवासी शर्मिठा राजावत से हुई है। शर्मिठा ने बीकानेर से कम्प्यूटर सांइस में एमटेक करने के बाद नवलगढ़ पास कस्बे डूंडलोद में स्कूल में पढ़ाया है। फुलेरा का रहने वाला यह परिवार वर्तमान में जयपुर के बजाज नगर के विवेक विहार में रह रहा है।












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