जयपुर बम ब्लास्ट केस में आजमगढ़ के 4 आतंकियों को फांसी की सजा, जानिए किसने कहां लगाया था बम
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में 13 मई 2008 को आठ बम धमाके करने के चार दोषी आतंकियों को शुक्रवार शाम चार बजे विशेष अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। चारों आतंकी यूपी के आजमगढ़ के रहने वाले हैं। 18 दिसम्बर को जयपुर विशेष अदालत ने चारों को जयपुर बम धमाकों में दोषी करार दिया था। 19 दिसम्बर को इनकी सजा पर चर्चा की गई और 20 दिसम्बर 2019 की शाम चार बजे विशेष अदालत के जज ने दोषी सरवर आजमी, मोहम्मद सैफ, सैफुर रहमान और सलमान को फांसी की सजा सुनाई है।

इससे पहले सजा के बिन्दुओं पर सुनवाई के दौरान आतंकियों की ओर से पैरवी कर रहे न्यायमित्र अधिवक्ता पैकर फारुख ने न्यायालय से उनकी आयु, भुगती हुई सजा और पारिवारिक पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए रहम की गुहार लगाई थी। वहीं, दूसरी ओर राज्य सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्रीचंद जयपुर बम धमाकों के बाद के मंजर के हवाला देते हुए चारों आतंकियों के लिए फांसी की मांग की थी।

किस आतंकी ने कहां लगाया बम
1.मोहम्मद सरवर आज़मी, उम्र- 35 निवासी- चांद पट्टी, आज़मगढ़ गिरफ्तारी- बाटला हाउस एनकाउंटर 2009 में दोष- जयपुर के चांदपोल हनुमान मंदिर के सामने बम प्लांट करने का दोषी।
2. सैफुर उर्फ सैफुर्रहमान अंसारी, उम्र-33 निवासी- आजमगढ़ गिरफ्तारी- अप्रेल 2009 दोष- जयपुर परकोटा में फूल वालों के खंदे में बम रखने का दोषी।
3. मोहम्मद सलमान, उम्र- 31 निवासी- निजामाबाद, सरायमीर, आजमगढ़ गिरफ्तारी- दिसम्बर 2010 दोष- जयपुर के सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर के पास बम प्लांट करने का दोषी।
4. मोहम्मद सैफ उर्फ कैरीऑन, उम्र- 33 निवासी- सरायमीर, आजमगढ़ गिरफ्तारी- बाटला हाउस एनकाउंटर में गिरफ्तारी दोष- जयपुर के माणक चौक खंदे में बम रखने का दोषी।
जयपुर बम धमाकों में हुई थी 71 की मौत
13 मई 2008 की शाम को जयपुर के परकोटे में एक के बाद एक करके 8 सिलसिलवार बम धमाके हुए थे। नौवां बम जिंदा मिल गया था, जिसे बम निरोधक दस्ते ने बीस मिनट पहले ही डिफ्यूज कर दिया था। जयपुर बम धमाकों में 71 लोगों की जान गई थी। 185 घायल हुए थे। फांसी की सजा सुनाए गए चार आतंकियों के अलावा मोहम्मद आतीफ अमीन उर्फ बशीर और छोटा साज़िद बाटला हाउस एनकाउंटर में मारे गए। वहीं, एक अन्य आरोपी आरिज खान उर्फ जुनैद अभी दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में है। तीन आरोपी मिर्जा शादाब बैग उर्फ मलिक, साजिद बड़ा और मोहम्मद खालिद फरार चल रहे हैं।

साइकिल पर रखा मिला था नौवां बम
जयपुर बम धमाकों के बाद मौके पर पहुंचे बम निरोधक दस्ते की जांच में पता चला था कि जयपुर में फटने के लिए प्लांट किया गया नौवां बम जिंदा था और उसमें रात नौ बजे का टाइम सेट किया हुआ था। जब साइकिल पर बम मिला तब 8 बजटकर 10 मिनट हो चुके थे। टीम ने सक्रियता दिखाते हुए 8 बजकर 40 मिनट पर उस बम को निष्क्रिय कर दिया। बम निरोधक दस्ते के मुताबिक आठ किलोग्राम वजन का यह नौवां बम हस्त निर्मित था। इसमें साइकिल के छर्रें, लोहे की छोटी प्लेटें, बारूद तथा अन्य विस्फोटक चीजें मिली थी। यह आठों बमों से भी शक्तिशाली था। यह अगर फटता तो तबाही का मंजर कुछ और ही हो सकता था। बम निरोधक दस्ते ने इसके फटने के टाइम से 20 मिनट पहले ही डिफ्यूज कर दिया था।












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