पुलिस अकादमी से एक साथ IPS बनकर निकले शेखावाटी के 5 युवक, 2 तो एक ही मोहल्ले के हैं, जानिए इनका संघर्ष
जयपुर, 9 अगस्त। देश को सर्वाधिक फौजी देने वाला शेखावाटी अंचल बेहतरीन पुलिस अधिकारी देने में भी पीछे नहीं है। इस बात का सबूत हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) में हाल ही आयोजित 72आरआर (2019 बैच) का दीक्षांत समारोह यानी पासिंग आउट परेड 2021 है।

आईपीएस रंजीता शर्मा को स्वार्ड ऑफ ऑनर
6 अगस्त को हुई एसवीपीएनपीए की पासिंग आउट परेड 2021 में 178 प्रोबेशनर्स IPS ने प्रशिक्षण पूरा किया है। हरियाणा के रेवाड़ी के गांव डहीना की रंजीता शर्मा स्वार्ड ऑफ ऑनर पाने वाली देश की महिला आईपीएस बनीं। पासिंग आउट परेड में राजस्थान के शेखावाटी अंचल के सीकर, चूरू व झुंझुनूं के पांच आईपीएस भी शामिल थे। पांचों युवकों का आईपीएस बनने का सफर काफी प्रेरणादायक है। - आईपीएस रंजीता शर्मा की पूरी डिटेल यहां क्लिक करे जानें

आईपीएस अधिकारी विजय सिंह गुर्जर इंटरव्यू
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी विजय सिंह गुर्जर ने बताया कि हम सब पुलिस अधिकारी दो साल की ट्रेनिंग पर अपने-अपने कैडर में बतौर ट्रेनी आईपीएस के रूप में सेवाएं दे रहे थे। अब हमारा प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। हम वापस अपने कैडर में जाकर नियमित आरपीएस के रूप में सेवाएं देंगे।

शेखावाटी के ये पांच युवक बने आईपीएस
SVPNPA के दीक्षांत समारोह 2021 में शेखावाटी के सीकर जिले से आईपीएस जितेंद्र दायमा, झुंझुनूं जिले से विजय सिंह गुर्जर, पंकज कुमावत और चूरू जिले से भारत सोनी व सत्यनारायण प्रजापत ने हिस्सा लिया है। एक ही अंचल के पांच बेटों का एक साथ आईपीएस बनना हर किसी के लिए गौरव का पल है। इनमें से भारत सोनी व सत्यनारायण प्रजापत तो एक ही मोहल्ले के हैं।

आईपीएस पंकज कुमावत, झुंझुनूं
झुंझुनूं जिला मुख्यालय पर जाट बोर्डिंग के पास रहने वाले सुभाष कुमावत व राजेश्वरी देवी के घर 22 दिसम्बर 1992 को जन्मे पंकज कुमावत महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस हैं। धुले जिले में ट्रेनी आईपीएस के रूप में सेवाएं देने वाले पंकज कुमावत की इसी साल जोधपुर की लांची प्रजापत से शादी हुई है। पंकज के पिता दर्जी हैं। माता-पिता कपड़ों की सिलाई करके उन्हें पढ़ाया-लिखाया और काबिल बनाया।
IPS Pankaj Kumawat के बारे में अधिक जानकारी यहां क्लिक करके जानें
आईपीएस जितेंद्र कुमार दायमा, सीकर
8 जुलाई 1991 को जन्मे आईपीएस जितेंद्र कुमार दायमा मूलरूप से राजस्थान के सीकर के रहने वाले हैं। IIST से इन्होंने साल 2008 में बीटेक किया। यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2018 में इन्होंने 512वीं रैंक हासिल की। वर्तमान में कर्नाटक कैडर में कार्यरत हैं।

आईपीएस विजय सिंह गुर्जर, झुंझुनूं
साल 1987 को झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ उपखंड के गांव देवीपुरा में किसान लक्ष्मण सिंह व चंदा देवी के घर जन्मे विजय सिंह गुर्जर गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। भावनगर में बतौर ट्रेनी एएसपी सेवाएं दे रहे थे। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले विजय सिंह गुर्जर ने कांस्टेबल से आईपीएस बनने तक का सफर तय किया है। अपने 5वें प्रयास में साल 2017 में यूपीएससी परीक्षा 547वीं रैंक के साथ पास की। IPS Vijay Singh Gurjar के बारे में अधिक जानकारी यहां क्लिक करके जानें

आईपीएस भारत सोनी, चूरू
आईपीएस भारत सोनी मूलरूप से राजस्थान के चूरू जिले के सुजानगढ़ कस्बे के नयाबास की झंवर रोड निवासी मनोज सोनी व शांति देवी के बेटे हैं। ये बिहार कैडर में तैनात हैं। साल 2020 बिहार के भागलपुर में अवैध रूप से संचालित गन फैक्ट्री पर छापामारी व कुख्यात बदमाश दिव्यांशु झा को पकड़ने गए तब ट्रेनी आईपीएस भारत सोनी पर हमला हो गया था। हमले में सोनी बाल-बाल बच गए थे। साल 2018 में 22 वर्षीय भारत सोनी को अपनी पहले प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में 188वीं रैंक हासिल हुई थी। - IPS Bharat Soni के बारे में अधिक जानकारी यहां क्लिक करके जानें

आईपीएस सत्यनारायण प्रजापत, चूरू
यूपी कैडर के आईपीएस सत्यनाराण प्रजापत भी चूरू जिले के सुजानगढ़ कस्बे के नयाबास की झंवर रोड के रहने वाले हैं। सत्यनारायण प्रजापत ने 27 साल की उम्र में अपने दूसरे प्रयास में 445वीं रैंक के पास यूपीएससपी की सिविल सेवा परीक्षा पास की थी। इनके पिता जगदीश प्रसाद किसान व मां भगवानी देवी गृहणी हैं। सत्यनारायण प्रजापत ने अपने बचपन की दोस्त शोभा वर्मा से लव मैरिज की है। सालभर 2016 में शोभा का चयन केंद्रीय उत्पाद व आबकारी विभाग में इंस्पेक्टर पद पर हुआ।
विदेशी पुलिस अफसर भी शामिल
बता दें कि हैदराबाद स्थित पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में भारत के साथ पड़ोसी देशों के अफसरों को भी प्रशिक्षण दिया जाता है। SVPNPA में 72 आरआर की पासिंग आउट परेड 2021 में कुल 178 पुलिस अधिकारी शामिल थे। इनमें भारतीय पुलिस सेवा के 144, नेपाल पुलिस के 10, भूटान पुलिस के 12, मालदीव पुलिस के 7 और एमपीएफ के 5 अफसर शामिल थे। पुलिस आईपीएस 121 व महिला आईपीएस की संख्या 23 थी।

28 की उम्र के बाद आईपीएस बनने वाले अधिक
SVPNPA में 72 आरआर के बैच में सबसे अधिक औसतन 28 उम्र से अधिक वाले आईपीएस ज्यादा बने हैं। 25 से कम की उम्र में आईपीएस बनने वाले 6 हैं, जो 4 प्रतिशत है। 25 से 28 के बीच की उम्र में 66 आईपीएस यानी 46 प्रतिशत और 28 की उम्र के बाद आईपीएएस बनने वालों की संख्या 72 है, जो 50 फीसदी होती है।

इंजीनियरिंग वाले अधिक बनते हैं आईपीएस
भारतीय पुलिस सेवा में युवा अफसरों की शिक्षा की बात करें तो इंजीनियरिंग बैकग्राउंड वाले इस मामले में बाजी मारते दिखे हैं। 72 आरआर में सबसे अधिक इन्हीं की संख्या थी। इनमें 80 पुलिस अफसर तो ऐसे थे, जिनके पास पिछले काम का अनुभव था जबकि 64 के पास कोई वर्क एकसपीरियंस नहीं था।
किस संकाय से कितने आईपीएस बने
कला संकाय से 20
विज्ञान संकाय से 8
वाणिज्य संकाय से 4
इंजीनियरिंग से 105
एमबीबीएस से 5
कानून से 2












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