Tanishk Singh: कौन है 11 माह का तनिष्क जिसकी जान बचाने के लिए चाहिए 16 करोड़ का इंजेक्शन? MP बेनीवाल बने सहारा
जयपुर, 13 अगस्त। राजस्थान के नागौर जिले के गांव नड़वा में 11 माह के बच्चे तनिष्क सिंह की जान जोखिम में है। यह दुलर्भ बीमारी से पीड़ित है। एक इंजेक्शन लगना है। जिसकी कीमत 16 करोड़ रुपए है।

Save Tanishk Singh की मुहिम
तनिष्क के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। यह परिवार अपने दम पर 16 रुपए का फंड नहीं जुटा पा रहा है। इन्हें आर्थिक मदद की दरकार है। इसके लिए Save Tanishk Singh की मुहिम भी चलाई जा रही है। इससे नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल भी जुड़े हैं।

अभी तक 1.60 लाख रुपए ही जुटे
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में तनिष्क सिंह के पिता शैतान सिंह राव ने बताया कि वे बेटे के इलाज के लिए पाई-पाई जुटा रहे हैं। दो माह पहले एक एनजीओ के जरिए इम्पेक्ट गुरू नाम की वेबसाइट पर फंड जुटाना शुरू किया है, मगर अभी तक सिर्फ एक लाख 60 हजार रुपए एकत्रित हुए हैं जबकि इंजेक्शन के लिए 16 करोड़ रुपए की आवश्यकता है।
तनिष्क सिंह को क्या बीमारी है?
बता दें कि तनिष्क सिंह को जिनेटिक (स्पाइनल मस्कुलर अट्रोफी टाइप-1) नामक दुर्लभ बीमारी है। इसकी वजह से वह अपनी गर्दन को संभाल नहीं पाता है। हाथ-पांव में कोई हरकत नहीं है। खाना चबाकर नहीं खा सकता और ना ही खुद अपने बल पर बैठ सकता है। इस बीमारी की वजह से बच्चे की दो-चार साल में ही मौत तक हो जाती है।

इंजेक्शन क्या काम करेगा तनिष्क सिंह के शरीर में?
शैतान सिंह राव के अनुसार उन्हें जब चार-पांच माह के बेटे की इस बीमारी का पता चला तो बच्चे को जयपुर स्थित जेके लॉन अस्पताल के डॉक्टर प्रियांशु माथुर को दिखाया। डॉक्टर ने उनको बताया कि तनिष्क के शरीर में आवाज-दिमाग सब है, मगर एक जीन नहीं है।
जीन देता है मांसपेशियों को ताकत
डॉक्टरों के अनुसार तनिष्क के शरीर में जिस जीन की कमी है वो जीन शरीर में खास तरह का प्रोटीन बनाकर मांसपेशियों को ताकत देता है। ऐसे में तनिष्क को जोलगेन्स्मा इंजेक्शन लगाना पड़ेगा, जो विदेश से मंगवाना होगा और उसकी कीमत 16 करोड़ रुपए है। यह इंजेक्शन बच्चा दो साल का होने से पहले लगना जरूरी है।

नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने चिकित्सा मंत्री से मुलाकात की
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल मासूस बच्चे तनिष्क की मदद को आगे आए हैं। 9 अगस्त को सांसद बेनीवाल ने दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात कर तनिष्क के इलाज में मदद मांगी है। सांसद बेनीवाल ने ट्वीट करके इसकी जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने तनिष्क के इलाज में हर संभव मदद का भरोसा दिया है।

कैसे करें तनिष्क सिंह के परिवार की मदद?
मदद का तरीका नम्बर एक
तनिष्क के परिवार की आर्थिक मदद के तीन तरीके हैं। एक आप इस एनजीओ की वेबसाइट के जरिए फंड भेज सकते हैं। यहां लोगों एक रुपए से हजार रुपए तक भेजकर एक लाख 60 रुपए जुटा दिए हैं।

मदद का तरीका नम्बर दो
दूसरा तरीका यह है कि तनिष्क के नाम से यश बैंक में खोले गए खाना नंबर 700701717191682 व आईएफसी कोड YESB0CMSNOC में यूपीआई ट्रांसफर कर सकते है।

मदद का तरीका नम्बर तीन
तीसरा तरीका आप तनिष्क के परिजनों से मिलकर उसके बैंक खाते के नाम से चेक दे सकते हैं। तनिष्क का घर राजस्थान की राजधानी जयपुर से 120 व जिला मुख्यालय नागौर से 180 किलोमीटर दूर है। जयपुर होते हुए किशनगढ़, रूपनगढ़, परबतसर व फिर दो किलोमीटर दूर स्थित गांव नड़वा में तनिष्क के घर पहुंचा जा सकता है।

पहले बेटे हर्षदीप को भी इसी बीमारी से खोया
शैतान सिंह पहले भी एक बेटा इसी बीमारी से खो चुके हैं। तनिष्क से पहले इनके घर में बेटा हर्षदीप पैदा हुआ था। वह भी तनिष्क की तरह इसी दुलर्भ बीमारी से पीड़ित था। हर्षदीप की बीमारी परिजनों के शुरुआत में तो समझ नहीं आई थी। स्थानीय स्तर पर ही डॉक्टरों को दिखाते रहे। फिर जेके लॉक अस्पताल के डॉक्टर के पास लेकर गए तब तक काफी समय बीत चुका था और 15 दिन बाद ही उस बेटे की मौत हो गई थी। शैतान अपने पहले बेटे हर्षदीप की तरह तनिष्क को नहीं खोना चाहते।
नागौर के मकराना में चोरी के शक में लड़के को उलटा लटकाकर बेरहमी से पीटातनिष्क सिंह का परिवार
तनिष्क सिंह के पिता शैतान सिंह नागौर जिले की परबतसर कोर्ट में एडवोकेट हैं। परिवार में आय का कोई दूसरा जरिया नहीं है। शैतान सिंह की शादी साल 2016 में नागौर की दीपिका कंवर के साथ हुई। 21 अगस्त 2020 को दूसरे बेटे के रूप में तनिष्क का जन्म हुआ था।












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