जानिए आखिर क्यों छत्तीसगढ़ में विवाहित जोड़े ने फिर कर ली शादी !
दंतेवाड़ा, 29 मार्च। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार गरीब परिवारों की बेटियों की शादी करवाने के साथ उनके भविष्य के लिए आर्थिक सहायता करती है। अब एक शादीशुदा जोड़े का लालच देखिये ,उसने इसी आर्थिक सहायता के लालच में दोबारा शादी कर ली। सुनने में थोड़ा अटपटा लग सकता है,लेकिन यह सच है।छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 27 मार्च को सामूहिक विवाह के जरिए 350 जोड़ों की को शादी के बंधन में बांधा गया। इसमें से एक जोड़ा ऐसा था,जिन्होंने सरकारी आर्थिक सहायता चाहने के लिए दोबारा शादी कर ली।

आदिवासी संस्कृति से कर चुके थे विवाह
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में 27 मार्च को डोबरा मैदान में छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत शादी कार्यक्रम का आयोजन किया था। 350 युगल इस विवाह संस्कार का हिस्सा बने,जिसमे से एक जोड़ा पहले से ही शादीशुदा था। बाद में पाया गया कि विवाह के मंडप में बैठे कृष्णा कुंजाम और संजना कुंजाम पहले से ही पत्नी पत्नी हैं। पति का कर्मचारी है,तो वहीं पत्नी स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं। जिसके बाद मामले की पड़ताल करके जांच बिठाई गई।
पत्रकार के सवाल का जवाब देने में फंसे दंपति
दरअसल मामला तब प्रकाश में आया , जब एक स्थानीय पत्रकार ने उनके आदिवासी होने के बावजूद हिन्दू रीति रिवाज से शादी किये जाने के संबंध में सवाल पूछा। जोड़े का कहना था कि वह अनुसूचित जनजाति के हैं,वह भले ही हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर रहे हैं। इससे पहले हम आदिवासी मान्यताओं के मुताबिक शादी कर चुके हैं। जब यह मामला प्रकाश में आया , तो सोशल मीडिया में पत्रकार का सवाल पूछते वीडियो वायरल होने लगा,जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया।
सरकारी कर्मचारी नहीं ले सकते योजना का लाभ
जब सरकारी कर्मचारियों का दोबारा शादी करने के मामला सामने आया ,तब दंतेवाड़ा के कलेक्टर दीपक सोनी इस मामले में कार्रवाई करने की बात कही हैं।फ़िलहाल प्रशासन ने कुंजाम दम्पति को कन्या विवाह योजना के तहत मिलने वाले आर्थिक लाभ से दूर रखने का आदेश जारी कर दिया है। दरअसल छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार की तरफ से चलाई जाने वाली कन्या विवाह योजना का मकसद गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों की सहायता करना है। इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार लड़की के विवाह के लिए 25,000 रुपए तक खर्च उठाती है। इस योजना का लाभ 18 साल से अधिक आयु की 2 लड़कियों को दिया जाता है। योजना के जरिये विधवा, अनाथ और घर से दूर रहने वाली लड़कियों को भी लाभ दिया जाता है। इस योजना का फायदा शादीशुदा लड़कियां और सरकारी कर्मचारी नहीं ले सकते है।
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विभाग को जांच में जानकरी मिली कि शादी करने पहुंचा जोड़ा शासकीय सेवा में हैं। दूल्हा वन विभाग में गार्ड है, जबकि दुल्हन स्वास्थ विभाग में काम करती है। क्योंकि नियम के अनुसार इस योजना का लाभ सरकारी कर्मचारियों को नहीं दिया जा सकता है , इसलिए वह गरीब वर्ग के आयोजित सामूहिक विवाह समारोह तहत सरकारी योजनाओं और विवाह के बाद विभाग के तरफ से मिलने वाले पैसे और उपहार से भी वंचित किये जायेंगे।
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