Jabalpur समेत कई जिलों में बारिश से हाहाकार, शहर-गांव के कई इलाके जलमग्न, चल रही नाव
Jabalpur News: मध्य प्रदेश के जबलपुर समेत महाकौशल अंचल में बारिश से हाहाकार मचना शुरू हो गया हैं। कई जगहों पर गांव के गांव डूब गए हैं। सैकड़ों लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थानों पर भिजवाया गया हैं। शहरों के निचले इलाकों से भी कुछ ऐसी ही तस्वीरें सामने आ रही हैं।
बीते तीन दिन से जारी बारिश के कारण जबलपुर के ढीमरखेड़ा गांव बाढ़ जैसे हालात बन गए। जिससे लगभग डेढ़ सौ परिवार घिर गए। प्रशासन को खबर लगते हुई राहत-बचाव के लिए अमला पहुंचा। सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया।
कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन ने बताया कि जिले के कई ग्रामीण क्षेत्र डूब में हैं। जल स्तर बढ़ने पर मोटर बोट की मदद से लोगों को अस्थाई राहत कैंप में शिफ्ट किया गया हैं। मौसम विभाग के अलर्ट के हिसाब से भारी बारिश की आशंका हैं। बाढ़ संभावित ऐसे सभी क्षेत्रों को खाली कराया जा रहा हैं। प्रशासनिक अमला मुस्तैद हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष में आ रही सभी सूचनाओं को अटेंड किया जा रहा हैं।

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इधर उमरियापान में भी ऐसी ही स्थिति निर्मित हुई। गौर नदी के बाढ़ का पानी बरग बाएं तट नाहर में प्रवेश करने से गांव के हालात बिगड़ गए। 5 से 7 फीट पानी भर गया। नर्मदा घाटी विकास विभाग के कार्यपालन यंत्री ने बताया कि स्कैप चैनल द्वारा पानी निकस्लने की व्यवस्था की गई हैं। दो दर्जन लोगों को बचाया गया हैं।
नरसिंहपुर तेंदूखेड़ा, बालाघाट, सिवनी, मंडला में भी बुरा हाल हैं। एक दूसरे शहरों से संपर्क टूट गया हैं। नर्मदा नदी के पुल पर 4 से 6 फीट पानी हैं। सिवनी, मंडला में तो नाव चल रही हैं। वहीं बाढ़ के हालात ऐसे है कि लोगों की जान बचाने वाले तैराकों की जान तक मुश्किल में पड़ गई। बालाघाट जिले में ऐसी ही स्थिति बनी। टापू पर फंसे दो लोगों को बचाने के चक्कर में दो गोतोखोर तेज बहाब में बहने लगे। बाद में किसी तरह उनका रेस्क्यू किया गया। जबलपुर कमिश्नर ने सभी जिलों को सावधान रहने कहा है। एतिहातन जरुरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।












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