Jabalpur News: रेलवे में रियायत न मिलने से भड़के सीनियर सिटीजन, दिया अल्टीमेटम, लेंगे कोर्ट की शरण
सीनियर सिटीजन को रेलवे बजट में किसी भी प्रकार की रियायत न मिलने पर वरिष्ठ नागरिकों नाराजगी हैं। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच का आरोप है कि बजट में वरिष्ठ नागरिकों को अपमानित किया गया है।

Senior citizens: रेल यात्रा में सीनियर सिटीजन को मिलने वाली रियायत पर कोई फैसला नहीं होने वरिष्ठ नागरिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने रेलवे पर उपेक्षा के आरोप लगाए है। वहीं जिन यात्रियों को पहले रियायत मिल रही थी, उनको आशा थी कि बजट में रेलवे उनके हित फैसला लेगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उपभोक्ता संगठन ने इस सिलसिले में अल्टीमेटम दिया है कि रेल मंत्रालय उनकी मांगों का निराकरण करें।

उम्र के आखिरी पड़ाव में रेलवे की तरफ यात्रा के लिए सीनियर सिटीजन को दी जाने रियायत कोविडकाल के दौरान बंद कर दी गई थी। जिसके बाद लंबा वक्त बीत गया लेकिन यह सुविधा दोबारा शुरू करने पर कोई फैसला नहीं हुआ। जरूरतमंद सीनियर सिटीजन संगठनों के द्वारा मंत्रालय स्तर तक पत्राचार किया गया। जोन स्तर पर रेलवे परामर्श समिति की बैठकों में भी यह मुद्दा गूंजा। आश्वासन दिया जाता रहा कि जल्द ही रेलवे इस बारे में सकारात्मक फैसला लेगा, लेकिन बजट घोषित होते ही सभी की उम्मीदों पर पानी फिर गया। जबलपुर के नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच समेत कई संगठनों ने रेल प्रशासन पर उपेक्षा के गंभीर आरोप लगाए है। इस मुद्दे को लेकर जबलपुर में प्रदर्शन भी हुआ।
उपभोक्ता संगठन ने कहा कि घरेलू इकॉनोमी मजबूत करने ढोल पीटने वाले रेलवे के पास संवेदनाएं नहीं बची। सीनियर सिटीजन श्रेणी के कई लोग ऐसे है जो सिर्फ पेंशन या फिर अपनी चंद जमा पूंजी पर आश्रित है। बुढ़ापे में रेल यात्रा के दौरान रियायत की सुविधा इसी मकसद से शुरू की गई थी, कि सीनियर सिटिजन पर भार न पड़े। कोरोनाकाल के वक्त की परिस्थितियों में जनता ने भी रेल प्रशासन का साथ दिया। लेकिन सालों गुजरने को है, रियायत पर कोई विचार नहीं रहा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि जल्द ही इस मांग को माना गया तो वे उग्र आन्दोलन करने के साथ अब अदालत की शरण लेंगे।












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