Jabalpur News: जबलपुर में रिटायर्ड प्रिंसिपल से 1 लाख की ठगी, घुटनों के इलाज के नाम पर डॉक्टर बनकर ऐंठे पैसे
MP news: जबलपुर में एक 78 वर्षीय रिटायर्ड प्रिंसिपल से ठगी का मामला सामने आया है। बुजुर्ग को घुटनों में दर्द की समस्या थी, जिसका फायदा उठाकर एक फर्जी डॉक्टर ने इलाज के नाम पर उनसे एक लाख रुपये ठग लिए। ठग ने उन्हें 75 हजार रुपये की महंगी दवाएं भी लिख दीं।
ठगी का खुलासा तब हुआ जब एक माह बाद उसी युवक ने बुजुर्ग को दोबारा ठगने की कोशिश की। इस बार बुजुर्ग को संदेह हुआ और उन्होंने विजय नगर थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुटी है।

कैसे फंसा बुजुर्ग ठग के जाल में?
शिव नगर, जबलपुर निवासी केएल सोनी (78 वर्ष) अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। उनका बेटा बेंगलुरु में नौकरी करता है। 11 फरवरी 2025 को दोपहर में जब वे एक दवा दुकान से निकलकर एक्टिवा की ओर जा रहे थे, तब एक 35 वर्षीय युवक उनके पास आया और बोला: "अंकल, आप एक पैर से लंगड़ा रहे हैं, क्या हो गया?" बुजुर्ग ने अपनी तकलीफ बताते हुए कहा कि घुटनों में सूजन और तेज दर्द है।
युवक ने खुद को बड़ा फुहारा निवासी राजू बताया। जब बुजुर्ग ने किसी अच्छे डॉक्टर का नंबर मांगा, तो राजू ने कहा, "मेरे पास डॉक्टर का नंबर है, मैं अपनी मां के इलाज के लिए भी वहीं जाता हूं। शाम को आपको नंबर भेज दूंगा।" इसके बाद दोनों ने मोबाइल नंबर एक्सचेंज कर लिए।
फर्जी डॉक्टर का जाल और ठगी की शुरुआत
उसी दिन शाम को बुजुर्ग के पास एक कॉल आया। कॉल करने वाली एक महिला थी, जिसने खुद को राजू की मां बताया।
महिला ने कहा- "मुझे भी घुटनों में बहुत परेशानी थी। नागपुर के डॉक्टर ने कुछ ही महीनों में ठीक कर दिया। उनकी फीस थोड़ी ज्यादा जरूर है, लेकिन इलाज बहुत असरदार है।"
इसके बाद महिला ने बुजुर्ग को एक डॉक्टर का नंबर दिया।
उसी रात बुजुर्ग ने दिए गए नंबर पर कॉल किया। सामने वाले शख्स ने खुद को डॉक्टर आरके पटेल बताया। बुजुर्ग ने उन्हें अपनी तकलीफ बताई तो फर्जी डॉक्टर ने कहा- "मैं 13 फरवरी को जबलपुर आ रहा हूं और 14 फरवरी को सागर में मरीज देखूंगा। सागर जाने से पहले मैं आपको भी देख लूंगा।"
कैसे ठगे गए 1 लाख रुपये?
13 फरवरी 2025 को कथित डॉक्टर आर.के. पटेल बुजुर्ग के घर पहुंचा। उसने बुजुर्ग की कुछ जांच की और घुटनों की गंभीर बीमारी बताकर उन्हें डराया।
इसके बाद कहा
"इलाज महंगा है, लेकिन मैं आपकी तकलीफ पूरी तरह खत्म कर सकता हूं। अगर आप जल्दी इलाज कराएंगे तो बीमारी और ज्यादा नहीं बढ़ेगी।" फर्जी डॉक्टर ने बुजुर्ग से तुरंत 1 लाख रुपये लिए और महंगी दवाओं की पर्ची भी लिख दी, जिसकी कीमत 75,000 रुपये थी। बुजुर्ग ने बिना सोचे-समझे उसके झांसे में आकर कैश में एक लाख रुपये दे दिए और अगले दिन 75,000 रुपये की दवाएं भी खरीद लीं।
ठगी का खुलासा कैसे हुआ?
- ठगी का खुलासा एक महीने बाद तब हुआ जब फरवरी 2025 में ठग ने फिर से बुजुर्ग को कॉल किया और कहा कि वह इलाज का अगला चरण शुरू करने जबलपुर आ रहा है।
- बुजुर्ग को अब तक कोई राहत नहीं मिली थी। उन्हें शक हुआ और उन्होंने डॉक्टर आर.के. पटेल के बारे में जानकारी निकालनी शुरू की।
- जब नागपुर में ऐसे किसी डॉक्टर का नाम नहीं मिला, तो उन्होंने तुरंत विजय नगर थाने में शिकायत दर्ज करवा दी।
पुलिस जांच में जुटी, आरोपी की तलाश जारी
ठगी की रिपोर्ट मिलते ही पुलिस युवक राजू और कथित डॉक्टर की तलाश में जुट गई है।
पुलिस का कहना है कि
"यह एक संगठित ठगी का मामला हो सकता है। बुजुर्गों को निशाना बनाकर ठग गिरोह इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं।"
पुलिस अब
- सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है
- राजू और महिला के मोबाइल नंबर की ट्रेसिंग कर रही है
- इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में लगी है
क्या करें ताकि आप ठगी का शिकार न हों?
- अनजान लोगों की बातों में न आएं।
- किसी डॉक्टर से मिलने से पहले उसकी पहचान और साख की जांच करें।
- किसी को भी कैश में पैसे न दें।
- महंगी दवाएं खरीदने से पहले डॉक्टर के बारे में जानकारी जुटाएं।
- ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचना दें।
अब पुलिस की जांच पर निर्भर करेगा कि कब तक आरोपी को गिरफ्तार किया जाता है और क्या बुजुर्ग को उनके ठगे गए पैसे वापस मिल पाते हैं।












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