Jabalpur बरगी में रानी अवंति बाई प्रतिमा स्थल पर बनेगा भव्य स्मारक: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
देश की आजादी के लिए वीरांगना रानी अवंति बाई का बलिदान अभूतपूर्व था। लेकिन कांग्रेस की सरकारें भुलाती चली आई। ऐसे क्रांतिकारियों को सम्मान देने का काम बीजेपी सरकार कर रही हैं। यह बात सीएम शिवराज सिंह ने जबलपुर में कही।

Rani Avanti Bai statue: कांग्रेस की सरकारों एक खानदान के ही लोगों को याद रखने का काम किया। आजादी के उन महानायकों को भुला दिया गया, जिन्होंने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर देश को आजादी दिलाई। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह बात जबलपुर मनकेड़ी में रानी अवंति बाई के बलिदान दिवस मौके पर कही। सीएम बोले कि पीएम मोदी के नेतृत्व में ऐसे महानायकों को सम्मान दिया जा रहा हैं। मनकेड़ी प्रतिमा स्थल पर भी भव्य स्मारक बनेगा और रानी की वीरगाथाएं उकेरी जाएगी।

रणनीतिक कौशल की प्रतीक रानी अवंति बाई
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जबलपुर के बरगी मनकेड़ी पहुंचे। जहां वह वीरांगना रानी अवंति बाई के बलिदान दिवस कार्यक्रम में शामिल हुये। उन्होंने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि रानी अवंति बाई ने अपने अस्तित्व के लिए संपूर्ण क्षमता से लड़ते हुए मातृभूमि के लिए अपने प्राणो का उत्सर्ग किया। उन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के विरुद्ध रानी के युद्ध कौशल, नेतृत्व क्षमता और देश प्रेम की भावना पर विस्तार से प्रकाश डाला। चौहान ने रानी अवंति बाई द्वारा जबलपुर, मण्डला और डिंडोरी क्षेत्रों में किए गये युद्धों और उनके नेतृत्व क्षमता के बारे में भी बताया। सीएम ने वीरांगना के शौर्य गाथा का वर्णन करते हुए बताया कि अंग्रेज अधिकारी और प्रमुख इतिहासकार भी उनके रणनीतिक कौशल की प्रसंशा करते है।

शहीदों को सम्मान
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मंच से रानी अवंती बाई की वीरता को बताती वीररस की पंक्तियो का पाठ भी किया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी रानी अवंति बाई, राजा शंकर शाह - रघुनाथशाह और आदिवासी जननायकों को याद रखे, इसके लिए पाठ्यक्रमों में भी इनकी वीरगाथाएँ शामिल की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में मनाये जा रहे ''आज़ादी के अमृत उत्सव'' के तहत प्रदेश सरकार द्वारा शहीदों और आदिवासी जननायकों राजा शंकरशाह - रघुनाथशाह, टंटया मामा के स्मारक बनाये जा रहे है। स्वतंत्रता समर के दौरान अपने बलिदान से देश की आज़ादी में अपना अमूल्य योगदान देने वाले महापुरुषों और क्रांतिकारियों को कभी बुलाया नहीं जा सकता।

बनेगा स्मारक और पार्क
मुख्यमंत्री ने वीरांगना रानी के प्रतिमा स्थल मनकेड़ी में उनका स्मारक और पार्क बनाए जाने की घोषणा भी की। स्मारक पर रानी अवंती बाई की वीरगाथाएं भी उकेरी जाएगी। इसी प्रकार रानी अवंती बाई सागर परियोजना के अन्तर्गत ज़्यादा से ज्यादा गांवों तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने मंच से ही तत्काल सिचाई सर्वे कराने के निर्देश दिये। कार्यक्रम के पूर्व मुख्यमंत्री ने रानी अवंति बाई के छायाचित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। उन्होंने कन्यापूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

पाठ्यक्रमों में शामिल होगा इतिहास
एमपी के स्कूली पाठ्यक्रमों में भी रानी अवंति बाई समेत अन्य महानायकों की जीवनी शामिल की जाएगी। ताकि नई पीढ़ी न सिर्फ आजादी की कीमत पहचान सकें, बल्कि महापुरुषों के बलिदान पराक्रम को समझ सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे स्मारकों के विकास में बीजेपी सरकार कभी भी पीछे नहीं हटेगी। जब लोग यहां पहुंचे तो इस जगह से अवंती बाई और अन्य हस्तियों के विचारों को आत्मसात कर सकें, इसकी व्यवस्था भी की जाएगी।
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