Jaya Kishori के भक्त प्रियांश ने ही MBA गर्लफ्रेंड को मारी गोली! 48 घंटे बाद भी जबलपुर के आरोपी का सुराग नहीं
Jabalpur News: एमपी के जबलपुर में वारदात के 48 घंटे बाद भी प्रॉपर्टी और रेत कारोबारी प्रियांश विश्वकर्मा MBA गर्लफ्रेंड को गोली मारने के बाद पकड़ा नहीं जा सका। शुरू में इस गोलीकाण्ड को हादसे का रूप देने की कोशिश की थी। लेकिन पीड़िता के पुलिस बयान में हत्या के प्रयास का खुलासा हुआ।
अब कहानी प्रियांश की फरारी के साथ वारदात इरादतन और गैर-इरादतन पर उलझी हैं। यह जानते हुए कि MBA गर्लफ्रेंड पर जिस पिस्टल से फायर किया गया, वह कोई खिलौना नहीं था। शुरू में पुलिस के सामने जो कहानी पेश की गई, उसकी स्क्रिप्ट क्यों लिखी जा रही थी?
हमलावर प्रियांश विश्वकर्मा की कुछ फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही । एक तस्वीर में वह प्रसिद्द कथा वाचक जया किशोरी के भक्त के रूप भी नजर आ रहा हैं। उसके रुतबे का अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह मंच तक जया किशोरी से मिलने पहुंचा और उन्हें गुलदस्ता भेंट करते दिखा।
सामान्य तौर पर ऐसे खास लोगों से मिलने मंच पर इस तरह पहुंचना बेहद कठिन होता हैं। गोलीकांड केस में पुलिस जांच में अभी तक जो बातें निकलकर सामने आई, उसमें प्रियांश जमीनों की खरीद-फरोख्त के साथ बड़े स्तर पर रेत का कारोबार भी कर रहा था। उसका बड़ा तगड़ा नेटवर्क भी हैं और सत्तारूढ़ दल के कुछ दिग्गज नेताओं का उसे संरक्षण मिलने की बात कही जा रही हैं।
सीएसपी प्रतिष्ठा राठौर ने बताया कि वारदात के अगले दिन पुलिस जांच के लिए घटना स्थल वाले दफ्तर भी पहुंची। लड़की को गोली लगने के बाद बहे खून के धब्बे और साक्ष्य भी मिटाने के सबूत भी मिले हैं। दफ्तर में बैठे-बैठे पिस्टल दिखाते हुए यदि घोखे से फायर हुआ तो फिर प्रियांश को सीसीटीवी फुटेज गायब कर भागने की क्या जरुरत थी?

छोटे अस्पतालों में क्यों घूमता रहा प्रियांश?
पुलिस को इस केस में जो जानकारी हासिल हुई है उसके मुताबिक यह फायरिंग की घटना शाम को नहीं, बल्कि दोपहर 1 बजे हुई। इसके पांच घंटे बाद तक प्रियांश वेदिका को अपनी कार से कई छोटी अस्पताल ले गया। वह चाहता था कि पुलिस को मामले की बिना भनक लगे लड़की का इलाज करवा ले। लेकिन उसकी यह चाल कामयाब नहीं हुई।

घायल MBA स्टूडेंट से कनेक्शन
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रियांश का मिजाज लड़की पसंद हैं। दफ्तर में गोली लगने से घायल हुई एमबीए स्टूडेंट से उसकी काफी दिनों से दोस्ती हैं। उसकी कई और गर्लफ्रेंड भी हैं। उनका जन्मदिन मनाना या फिर ख़ास मौकों पर पार्टी देने में उसकी प्रियांश को मास्टरी हैं। प्रियांश को जानने वाले भी यह सवाल कर रहे है कि रेत या प्रॉपर्टी के काम में दफ्तर में लड़की का ऐसा क्या काम था? जिसे बुलाया गया।

पिता रिटायर्ड इंजीनियर और प्रियांश ने भी की पढ़ाई
आरोपी प्रियांश विश्वकर्मा के पिता भी इंजीनियर हैं। वह सरकारी विभाग में बड़े पड़ से रिटायर हो चुके हैं। पारिवारिक रूप से भी खूब संपन्न हैं। स्कूल की पढ़ाई के बाद प्रियांश ने भी इंजीनियरिंग की पढ़ाई ग्लोबल कॉलेज से की हैं। उसके बाद जमीनों के धंधा करते हुए उसने एक फर्म रजिस्टर्ड करा ली। उसी की आड़ में रेत का धंधा भी करता हैं।












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