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Jabalpur हाईकोर्ट ने कहा-‘आजकल फैशन बन गया है..’, कांग्रेस नेता राजा पटेरिया की जमानत याचिका खारिज

MP जबलपुर हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेता राज पटेरिया की जमानत याचिका कर दी है। कोर्ट ने कहा कि हिरासत अवधि में जमानत देने से समाज में गलत संदेश जाएगा।

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Jabalpur High Court rejects bail plea Congress leader Raja Patria:'भाषण के दौरान विचलित करने वाले शब्दों का प्रयोग आजकल फैशन बन गया है..', और तल्ख़ टिप्पणी के साथ एमपी हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेता राजा पटेरिया की जमानत याचिका खारिज कर दी। पटेरिया न्यायिक हिरासत में फिलहाल जेल में ही रहेंगे। दरअसल पटेरिया पर आरोप है कि उन्होंने पीएम मोदी की हत्या का उकसाने वाला बयान दिया था। जिसका वीडियो भी जमकर वायरल हुआ था। एमपी एमएलए कोर्ट से जमानत आवेदन निरस्त होने के बाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।

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मप्र के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता राजा पटेरिया को हाई कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली। न्याययिक हिरासत में जेल में बंद पटेरिया की ओर से जमानत के लिए हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में याचिका दायर की गई थी। जो जबलपुर हाईकोर्ट स्थानांतरित कर दी गई। यहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए तल्ख़ टिप्पणी भी की। अदालत ने कहा कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री जैसे उच्च पद पर आसीन व्यक्तियों को नीचा दिखाने जनता के नेता से अभद्र भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती। हिरासत अवधि के दौरान जमानत देने से जनता के बीच गलत सन्देश जाएगा। पटेरिया की जमानत याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी नेता के द्वारा भाषण के दौरान विचलित करने वाले शब्दों का प्रयोग आजकल फैशन बन गया है।

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    आपको बता दें कि दिसंबर 2022 में कांग्रेस नेता राजा पटेरिया का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या के वाले बयान का वीडियो वायरल हुआ था। जिसके आधार पर पुलिस में शिकायत की गई और 13 दिसंबर को पटेरिया को गिरफ्तार किया गया था। पहले पवई, फिर जिला अदालत से जमानत निरस्त हुई फिर मामला MP MLA कोर्ट में से भी जमानत याचिका खारिज हो गई। पटेरिया की ओर से दलील दी गई कि राजनीतिक दुर्भावनावश केस दर्ज कर कार्रवाई हुई है। अदालत में पेश किए गए वीडियो फुटेज में पूरे नहीं है और छेड़छाड़ की गई है। हाई कोर्ट ने कहा कि सीडी की प्रमाणिकता और परीक्षण पर विचार करना उचित नहीं है। कोर्ट ने कहा है कि याचिकाकर्ता 30 दिन बाद दोबारा जमानत के लिए आवेदन कर सकते है।

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