Jabalpur News: गार्डन में बुजुर्गों पर हमला करने वाले गुंडों का निकला जुलूस, पुलिस ने उतारा छेड़खानी का भूत
Jabalpur: एमपी जबलपुर के गुलौआ तालाब पार्क में महिलाओं से छेड़छाड़ के बाद वहां मॉर्निग वॉक कर रहे 3 बुजुर्गों पर तलवार से हमला हुआ था। वारदात को अंजाम देने 8 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया हैं।

Jabalpur Garden: मध्य प्रदेश के जबलपुर में गुलौआ तालाब गार्डन में मॉर्निंग वॉक करने वाली महिलाओं से पहले छेड़छाड़, फिर 3 बुजुर्गों पर तलवार-चाक़ू से हमला करने वाले सभी आरोपी दबोंच लिए गए। कोर्ट ले जाते वक्त आरोपियों का पुलिस ने जब जुलूस निकाला, तो वह गिड़गिड़ाते नजर आए।
खास बात यह है कि मामले में गिरफ्तार सभी आठों आरोपियों की उम्र ज्यादा नहीं हैं। तकदीर लिखने वाली युवा उम्र के इन हाथों ने तलवार-चाकू थाम लिए। बे-खौफ होकर जिस अंदाज में वारदात को अंजाम दिया गया, अब इन्हें इनके किए की कोर्ट से सजा मिलेगी।
घटना के बाद एसपी टीके विधार्थी ने हमलवारों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की थी। वारदात के 24 घंटे के भीतर सभी को दबोंच लिया गया। सीएसपी प्रतिष्ठा राठौर ने बताया कि दो आरोपी नाबालिग हैं। जिन्हें देखकर कोई अनुमान नहीं लगा सकता कि ये छुरे-चाकू चलाएंगे।
वारदात के मुख्य आरोपी नयन डेहरिया, को भी अरेस्ट कर लिया गया हैं। इससे पहले सुमित केवट, गौरव ठाकुर, कपिल साहू, अनुज केवट, प्रियांश केवट गिरफ्तार कर लिए गए थे। पुलिस के मुताबिक घटना के बाद CCTV फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान हुई, फिर उन्हें पकड़ा गया।

ऐसे हुई थी वारदात
दरअसल कुछ समय पहले ही गुलौआ तालाब के पार्क का निर्माण हुआ हैं। क्षेत्र के लोगों के लिए मॉर्निंग-इवनिंग वॉक के लिए पहुंचते हैं। गुरूवार की सुबह आरोपी नयन अपने साथियों के साथ यहां पहुंचा। वॉक कर रही महिलाओं और युवतियों से छेड़छाड़ कर रहा था। तभी वहां वॉक कर रहे 72 वर्षीय बुजुर्ग अशोक सिंह ने घटना का विरोध किया। इसके कुछ ही देर में तलवार-चाकू से लैस आरोपी बुजुर्गों पर टूट पड़े। घटना में ३ वृद्धों को गंभीर चोटे पहुंची। जिनका अस्पताल में इलाज जारी हैं।

ऐसी वारदातों से समाज को क्या संदेश
कम उम्र के लड़कों के द्वारा की गई इस घटना की हर जगह चर्चा हो रही हैं। नई उम्र के लड़कों में विकसित हो रही गुंडा प्रवृत्ति समाज के सामने चिंता का विषय हैं। हालांकि सभी आरोपियों की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी ऐसी ही गतिविधियों के इर्द-गिर्द रही हैं। बढ़ती उम्र युवापन के दौर में कदम रखने वाले बच्चों के मां-बाप और समाज की भी जिम्मेदारी हैं, कि उन्हें जुर्म के दलदल में गिरने से रोका जाए। साथ ही जनता को भी जागरूक होने की जरुरत है कि ऐसे तत्वों पर शंका होने पर फौरन खबर पुलिस को की जाए।












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