Jabalpur के 420 स्कूल! कागजों पर एडमिशन दिखाकर किया फर्जीवाड़ा, मान्यता रद्द करने के साथ FIR की तैयारी
Jabalpur News: 'शिक्षा के अधिकार' में गरीब तबके के बच्चों को मुफ्त शिक्षा नसीब होती हैं। लेकिन मध्य प्रदेश के जबलपुर कुछ प्राइवेट स्कूलों ने इस कानून को काली कमाई का जरिया बना लिया। ऐसे स्कूलों की जारी जांच में गड़बड़ी के अब पुख्ता प्रमाण मिल गए हैं। जिसके जिसके आधार पर दोषियों पर बड़े एक्शन की तैयारी हैं।
दरअसल मामला 2016-17 का है। जब जिले के 7 निजी स्कूलों के रिकॉर्ड में फर्जी एडमिशन दिखाकर सरकारी रकम हड़पने का मामला सामने आया। शिक्षा विभाग ने जब इस मामले में जांच शुरू की तो अब इनकी कलई खुलती जा रही हैं। आरोप हैं कि कुछ अफसरों की मिली भगत से स्कूल संचालक फर्जीवाड़ा कर रहे थे।
2019 से सुस्त गति से चल रही जांच की खबर भोपाल मुख्यालय में भी पहुंची तो उनके भी होश उड़ गए। जांच टीम को फटकार लगाते हुए अब तक हुई कार्रवाई की तत्काल मांगी गई। जबलपुर डीईओ घनश्याम सोनी ने बताया कि अब तक हुई जांच में सामने आए तथ्यों में स्कूलों की गड़बड़ी प्रमाणित हुई हैं। शासन से जो फीस हड़पी गई, उसकी वसूली भी की जा रही हैं। दो स्कूलों ने अभी तक वह रकम भी नहीं चुकाई हैं।

सरकार ने भी इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए दोषी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करने के साथ उनकी मान्यता रद्द करने के निर्देश दिए हैं। स्थानी स्तर पर प्रशासन ने संबंधित स्कूलों के खिलाफ के प्रकरण दर्ज करने पुलिस में भी शिकायत दे दी हैं। वहीं मान्यता भी रद्द की जा रही हैं। बताया गया कि इस कांड में जो स्कूल शामिल रहे, उनके द्वारा RTI के तहत एडमिशन वाले स्टूडेंट के नाम शासन से फीस वसूली जाती रही। जबकि भौतिक रूप से उन बच्चों का स्कूल में एडमिशन हुआ ही नहीं था। सिर्फ कागजों पर एडमिशन दिखाया गया।
ये है 420 स्कूल!
शिक्षा के अधिकार योजना में अधिकारियों की मिलीभगत से जिन 7 निजी स्कूलों ने लाखों रुपये का गड़बड़ घोटाला किया, उन स्कूलों के नाम इस प्रकार हैं-
- स्मिता चिल्ड्रन एकेडमी
- गुरु पब्लिक स्कूल
- उसमानिया मिडिल स्कूल
- आदर्श ज्ञान सागर स्कूल
- जगत जननी विद्या बिहार स्कूल
- सेंट अब्राहिम स्कूल और अन्य एक












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