Hindutva के मुद्दे पर सियासत में नई आग, जबलपुर में दिग्विजय सिंह बोले नहीं मानता इसे धर्म
हिंदुत्व के मुद्दे पर एमपी के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने नई बहस को जन्म दे दिया है। ये बहस 'हिंदुत्व' धर्म है या नहीं इस पर होगी। जबलपुर में दिए बयान में उन्होंने कहा कि हम 'हिंदुत्व' को धर्म नहीं मानते।

Hindutva issue: हिंदुत्व एजेंडे की सियासत में नई आग लगी है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य सभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने जबलपुर में बड़ा बयान दिया कि वो 'हिंदुत्व' को धर्म नहीं मानते। क्योकि हिन्दुत्व कहता है कि जो हमारी बात न मानें उसे उसे डंडे मारो, उसका घर तोड़ दो।
जबलपुर दौरे पर पहुंचे दिग्विजय सिंह मीडिया से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारा सनातन धर्म है। उसमें धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो-प्राणियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो नारे लगते है। लेकिन हिंदुत्व में ऐसा नहीं होता।
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दिग्विजय सिंह ने बजरंग दल के मुद्दे पर भी निशाना साधा। बोले उधर दिल्ली में बजरंग पूनिया को छोड़ सरकार को बजरंग दल की चिंता है। ब्रजभूषण को सुरक्षा मिल रही है और पूनिया परेशान है। जासूसी के मामले में सतना समेत अन्य जगहों पर पकड़े गए संगठन सदस्यों को लेकर भी सवाल उठाए।
बजरंग दल की तुलना बजरंग बली से करने पर दिग्विजय सिंह ने बीजेपी को आड़े हाथों लिया। जबलपुर में कांग्रेस दफ्तर में हुई तोड़फोड़ करने वालो को गुंडों की जमात कहा। बोले कि गुंडागर्दी करने वाले ऐसे लोगों की बजरंग दल से तुलना दुर्भाग्यपूर्ण है। यह अपमान है और मांफी मांगना चाहिए।

हिम्मत है तो गिरफ्तार करों
कर्नाटक चुनाव में सीएम कौन होगा? इस सवाल को दिग्विजय सिंह टाल गए। वहीं उनको देशद्रोही कहने वालों पर जबाव दिया कि यदि हिम्मत है तो उन्हें गिरफ्तार करके बताए। उनके खिलाफ चाहे कितने भी मुक़दमे दर्ज किए जाए, वे न्याय के लिए लड़ते रहेंगे और डरेंगे नहीं।
जीती हारी सभी सीटों पर नजर
दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश में 2020 में बनी स्थिति पर कहा कि अब कोई और गद्दार न हो। प्रदेश की उन 66 विधानसभा सीटों का जिम्मा उन पर है और ताकत के साथ बूथ लेवल तक सभी को एकजुट किया जा रहा है। जनता के मुद्दों के सहारे आगामी चुनाव में जीत का दावा भी किया। दिग्विजय को भरोसा है कि कांग्रेस 140 सीट जीतेगी।












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