CBI Trap in Jabalpur: 1 करोड़ की रिश्वत, 7 लाख लेते ही ऑफिसर की गैंग बेनकाब, सेन्ट्रल GST ऑफिस में रेड
CBI Trap in Jabalpur: मध्य प्रदेश जबलपुर के सेन्ट्रल GST दफ्तर में डिप्टी कमिश्नर रेंक के अफसर करोड़ों की रिश्वत की डिमांड कर रहे हैं। इसका खुलासा उस वक्त हुआ जब सीबीआई ने एक अफसर समेत उसके सहयोगी चार कर्मचारियों को रंगे हाथ दबोंचा। इस गैंग ने गुटखा कंपनी से 1 करोड़ की रिश्वत की डिमांड की थी।
इस मामले में राजस्थान के रहने वाले त्रिलोक चंद सेन ने सीबीआई से शिकायत की थी। आरोप लगाए कि सेन्ट्रल जीएसटी जबलपुर ऑफिस में पदस्थ डिप्टी कमिश्नर कपिल कामले उनकी सील हुई गुटखा फैक्ट्री खोलने के एवज में रिश्वत की डिमांड कर रहे हैं।
थोड़ी बहुत नहीं बल्कि आरोपी कामले ने पूरे एक करोड़ मांगे। जिसमें से दस लाख रुपये जुर्माने वाले भी शामिल थे। बातचीत हुई तो पहले 75 लाख फिर 45 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। शिकायत कर्ता के पास बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद हैं।

रिश्वत के इस खेल में कपिल कामले के साथ उसके साथ सहयोगी तीन अन्य कर्मचारी भी शामिल रहे। जो बार-बार रिश्वत के पैसे देने के लिए दबाव बना रहे थे। त्रिलोक ने बताया कि वह तंगी की हालत से गुजर रहा था। किसी तरह सील फैक्ट्री खोलने की अनुमति देने की शर्त पर 25 लाख रुपये की पहली किश्त भी दी। जब अनुमति मांगी तो कामले एंड टीम ने उन्हें यह कहते हुए इंकार कर दिया कि जब तक बाकी रकम नहीं मिलेगी, तब तक फैक्ट्री सील ही रहेगी।

पीड़ित की शिकायत और रिश्वत संबंधी तथ्यों के परीक्षण के बाद सीबीआई ने कपिल कामले को ट्रैप करने की योजना बनाई। मंगलवार को 7 लाख नकद लेकर त्रिलोक चंद जीएसटी दफ्तर पहुंचा। जैसे ही उसने यह रकम कपिल और उसके सहयोगियों को थमाई और वह गिनने लगे तो सीबीआई ने सभी को दबोंच लिया।
सीबीआई ने मौके से कई दस्तावेज भी बरामद किए हैं। बताया गया कि 19 मई को दमोह जिले के नौहटा में केजीएफ गुटखा कंपनी की फैक्ट्री पर जीएसटी टीम ने छापा मारा था। टैक्स चोरी और कई अनियमितताओं के आरोप में फैक्ट्री सील कर दी गई थी।












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