जबलपुर में अजीब फर्जीवाड़ा, 6 करोड़ का लोन लेकर बेच दी हीरो की बाइक, फिर पुलिस ने दर्ज किया केस
जबलपुर, 04 सितंबर: आयुष्मान योजना में फर्जी मरीजों का कांड उजागर होने के बाद अब जबलपुर में फर्जी ग्राहकों के नाम फर्जीवाड़ा सामने आया हैं। करीब 6 करोड़ की यह धोखाधड़ी हीरो कंपनी के टू व्हीलर के नाम पर हुई, जिसमें सरकार, बीमा कम्पनी, इण्डस्इण्ड बैंक और हीरो फिन कार्प को लगभग 6 करोड़ रुपए का चूना लगाया गया है। इस करतूत को अंजाम देने वाले एजेंसी संचालक के गिरोह में बैंक और टू-व्हीलर कंपनी से जुड़े कर्मचारी भी शामिल रहे। पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया हैं।

श्री साईं आटोमोबाईल्स एजेंसी ने बिछाया जाल
जबलपुर जिले के पाटन इलाके में 2016 में श्री साई आटोमोबाइल के नामा से एजेंसी खोली गई थी। जिसमें हीरो कंपनी की बाइक बेची जाती थी। पाटन समेत आसपास के ग्रामीणों के लिए भी यही एजेंसी सुविधाजनक थी। इसका कर्ताधर्ता मालिक पाटन क्षेत्र का ही रहने वाला मोहित पैगवार रहा। शुरू में तो कंपनी के नियमों के मुतबिक गाड़ी नकद और बैंक फाइनेंस करवाकर बेची। लेकिन बाद में इसने रातों-रात रईस बनने का सपना देखना शुरू कर दिया।

फर्जीवाड़ा करने बनाया गिरोह
करोड़, अरबपति बनने मोहित ने बड़े फर्जीवाड़े का प्लान तैयार किया। जिसमें उसने अपने साथ हीरो फिन कार्प कंपनी के सेल्स एग्जीक्यूटिव सचिन पाण्डेय, इंडसंड बैंक के मार्केटिंग ऑफिसर अंकित पटेल, कई बैंकों के फायनेंसकर्ता अधिकारियों, कर्मचारियों और एजेंट को शामिल कर लिया। बेहद शातिर ढंग से यह गिरोह आसपास के भोले-भाले लोगों को अपने चंगुल में फंसाते थे। मुख्य सरगना एजेंसी संचालक मोहित पैगवार ही रहा। जिसके निशाने पर पाटन और आसपास के रहने वाले भोले-भाले ग्रामीण रहे।

मनरेगा, शौचालय के नाम बना दिया फर्जी ग्राहक
दरअसल फर्जीवाड़े यह कहानी बेहद दिलचस्प हैं। गिरोह के एजेंट ग्रामीण इलाकों में मनरेगा के तहत काम दिलाने और शौचालय निर्माण का पैसा दिलाने के नाम पर ग्रामीणों पर अपना भरोसा जताते थे। इसके एवज में संबंधित लोगों से आधार कार्ड, पैनकार्ड और बैंक फाइनेंस संबंधी दस्तावेज हासिल कर लेते थे। ऐसे लोगों से वादा किया जाता था कि उन्हें 12 हजार रुपए मिलेंगे, जिसमें से दो हजार रुपए कमीशन देना होगा। इस लालच में सैकड़ों लोगों ने अपने दस्तावेज एजेंसी के इस गिरोह के हवाले कर दिए।

जब मोबाइल पर बैंकों से किश्त भरने आए मैसेज..
लोगों को इस धोखाधड़ी के बारे में तब पता चला जब उनके मोबाइल पर कई बैंक से किश्त भरने का मैसेज आने लगे। शुरू में तो कुछ लोगों ने कुछ महीने तक यह समझा कि यह फर्जी मैसेज होंगे, लेकिन एक ही तरह की जब सभी के साथ स्थिति बनी, तो लोगों को बड़ी गड़बड़ी का शक होने लगा। उनमें से कुछ लोग जब अपने बैंक पहुंचे और पता किया तो उन्हें जानकारी लगी कि उनके नाम से इण्डस्इण्ड बैंक या हीरो फिन कार्प में टू व्हीलर फाइनेंस है। इस बात को लेकर पीड़ित संबंधित एजेंसी संचालक के पहुंचे तो उन्हें भगा दिया गया। यह सिलसिला कई महीनों तक चलता रहा।

फर्जी ग्राहकों के नाम करीब 6 करोड़ का लिया लोन
ग्रामीणों के दस्तावेजों के आधार पर मोहित पैगवार एंड गैंग ने इंडसइंड, श्रीराम फाइनेंस, हीरो फिन कार्प कंपनी से करीब 6 करोड़ का लोन ले लिया। इसके बाद फाइनेंस से मिली राशि से 886 बाइक शहर की मुख्य एजेंसी से परचेस कर ली। बाद में कम दामों में ये बाइक यह कहते हुए असली ग्राहकों को बेची कि उन्हें गाड़ी का रजिस्ट्रेशन जल्द मिल जाएगा। बाद में इन गाड़ियों की पतासाजी की गई तो RTO में किसी भी तरह के कोई भी दस्तावेज नहीं पहुंचे थे। गाड़ी बेचने के दौरान ग्राहकों को जो बिल दिए गए वह भी फर्जी निकले।

पुलिस ने 3 लोगों के खिलाफ दर्ज की FIR
पीड़ितों की शिकायत फिर उसकी जांच के बाद पुलिस ने गिरोह के सरगना मोहित पैगवार, अंकित पटेल, सचिन पांडे समेत अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है। वही करोड़ों रुपए का फर्जीवाड़ा करने के बाद आरोपी एजेंसी बंद कर काफी पहले से फरार हो गए है। इससे सरकार और बीमा कंपनियों को भी लाखों रुपए की चपत लगी है। पुलिस का दावा है कि वह आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लेगी।












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