‘सब्सिडी पर जानवर’ इस प्रदेश में ‘काउ Lovers’ की बल्ले-बल्ले, जानिए आपको फायदा मिलेगा या नहीं

मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और मेहनतकश ग्रामीण किसानों का जीवन स्तर सुधारने की दिशा में सरकार ने एक कदम और बढ़ाया है। ऐसे किसान जो अभी तक पैसों की तंगी और खेती के लिए खुद की जमीन न होने का रोना रोते थे,

भोपाल, 01 जुलाई: गैस कनेक्शन से लेकर मकान बनाने और कारोबार के लिए सरकारी सब्सिडी के खजाने का हजारों लोग लाभ उठा रहे हैं। अब मध्यप्रदेश के लोगों के लिए अच्छी खबर ये है कि दुधारू गाय खरीदने सरकार सब्सिडी देने जा रही है। इसके लिए नई योजना का सरकारी खाका भी तैयार कर लिया गया है। योजना लॉन्च होते ही इसका श्रीगणेश आदिवासियों से होगा। राज्य के पशुधन विकास निगम के मुताबिक 75 फीसदी सब्सिडी पर दो गायें दी जाएंगी।

अब बंद करो रोना, ले लो गाय

अब बंद करो रोना, ले लो गाय

मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और मेहनतकश ग्रामीण किसानों का जीवन स्तर सुधारने की दिशा में सरकार ने एक कदम और बढ़ाया है। ऐसे किसान जो अभी तक पैसों की तंगी और खेती के लिए खुद की जमीन न होने का रोना रोते थे, उनकों डेयरी व्यवसाय से जुड़ने की राह भी मिलेगी। पशुपालन विभाग द्वारा तैयार किए प्रस्ताव के मुताबिक सब्सिडी पर दो गायें दी जाएंगी। जिनको गाय पालना नही आता, उन्हें बाकायदा ट्रेनिंग भी दी जाएगी। दो गायों के साथ एक एक बछिया भी दी जाएगी।

सिर्फ 31 हजार में अच्छी नस्ल की दो गायें

सिर्फ 31 हजार में अच्छी नस्ल की दो गायें

महंगाई के ज़माने में साहीवाल, थारपारकर, गिर समेत अन्य अच्छी नस्लों की गाय इस योजना में शामिल हैं। मप्र के पशुधन विकास निगम से मिली जानकारी के मुताबिक दो गायों की कीमत करीब सवा लाख रुपए हैं। जिसमें से हितग्राही को अपनी ज़ेब से सिर्फ 31 हजार रुपए अदा करना होगा। बाकी राशि सब्सिडी में मिलेगी। गायों की मूल कीमत 90 हजार छोड़कर बाकी ट्रांसपोर्टेशन, दवाओं और इंश्योरेंस का खर्च शामिल है।

सबसे पहले आदिवासियों को सौगात

सबसे पहले आदिवासियों को सौगात

पशुपालन विभाग द्वारा तैयार की गई इस नई योजना का सबसे पहले आदिवासियों को लाभ मिलेगा। पशुधन व्यवसाय में दिलचस्पी रखने वाले बैगाओं को लाभ से संबंधित सभी बारीकियां भी बताई जा रही है। इसकी प्रदेश मंडला, डिंडोरी जिले से लॉन्चिंग की योजना है। बाद में सहरिया और भारिया जनजातियों को भी योजना का लाभ दिया जाएगा। इससे उनके जीवन स्तर में सुधार आने के साथ कम लागत में रोजगार का सुनहरा अवसर मिलेगा। इस स्कीम के तहत गायों के साथ मिलने वाली बछिया जिस गाय की होगी, वह दूध दे रही होगी, जबकि दूसरी गाय प्रिग्नेंट रहेंगी। इससे संबंधित हितग्राही को दूध की उपलब्धता बनी रहेगी।

गाय से मिलेगा इतना दूध...

गाय से मिलेगा इतना दूध...

सब्सिडी पर मिलने जा रही कई नस्लों की गायों की दूध देने की अलग-अलग क्षमता होती है। यह हितग्राही द्वारा गायों के पालन-पोषण पर भी निर्भर करेगा। एक अनुमान के मुताबिक औसतन गिर गाय प्रतिदिन दस से पंद्रह लीटर तक दूध दे देती है। इसी तरह साहीवाल गाय प्रतिदिन इतना ही दूध देती है। एक गाय दुग्धकाल के दौरान औसतन करीब 2300 लीटर दूध देने की क्षमता रखती है। साहीवाल, थारपारकर, गिर जैसी नस्लों की गायों को खूबियों के चलते वैज्ञानिक सबसे अच्छी देशी दुग्ध उत्पादक गाय मानते है।

आचार्य विद्यासागर और नंदी शाला योजना

आचार्य विद्यासागर और नंदी शाला योजना

मध्यप्रदेश सरकार डेयरी फॉर्म व्यवसाय को फायदा का धंधा बनाने कई योजना चला रही है। नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा देने भी सरकार ने कई मापदंड बनाए है। जिसमें लाभार्थी के लिए जरुरी है कि उसके पास देसी गाय हो। ऐसे किसानों को सरकार प्रति गाय 900 सौ रुपये दे रही है। इसके अलावा मवेशी पालन के लिए भी दो योजनाएं चल रही है। आचार्य विद्यासागर और नंदी शाला योजना में क्रमशः 8.50 लाख रु. लोन और 22500/- रुपए कृत्रिम गर्भाधान के लिए सांड मुहैया कराया जाता है।

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