Zakir Naik Deportation: जाकिर नाइक की होगी गिरफ्तारी? विदेश मंत्रालय ने कही ये बात
नाइक के प्रत्यर्पण पर बागची ने कहा, “जहां तक प्रत्यर्पण का सवाल है, मैं इसकी जांच करूंगा। मुझे लगता है कि जिन देशों के साथ हमारी प्रत्यर्पण संधि है, उनकी सूची पहले से ही सार्वजनिक डोमेन में है।

File Image: PTI
भारत सरकार ने एक बार फिर कहा है कि वह जाकिर नाइक को भारत वापस लाने और सजा दिलाने के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में नाइक की ओमान यात्रा की खबरों और भारत के साथ इस देश के प्रत्यर्पण की व्यवस्था को लेकर ये बयान दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक भारत में कई मामलों में आरोपी है और कानूनन भगोड़ा है। हमने इस मामले को ओमान सरकार और वहां के अधिकारियों के साथ उठाया है। हम उसे भारत की ज्यूडीशियरी के सामने लाने के लिए सभी आवश्यक उपाय करना जारी रखेंगे।
2004 में हुई प्रत्यर्पण संधि
दरअसल भारत और ओमान के बीच 2004 में प्रत्यर्पण संधि हुई थी। 2006 में ये संधि लागू हो गई थी जिसके आधार पर ये कहा जा रहा है कि जाकिर नाइक को ओमान से भारत लाया जा सकता है। जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण पर एक सवाल के जवाब में, प्रवक्ता बागची ने कहा कि अगर भारत की ओमान के साथ प्रत्यर्पण संधि है, तो इसकी पुष्टि करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, जहां तक प्रत्यर्पण का सवाल है, मैं इसकी जांच करूंगा। मुझे लगता है कि जिन देशों के साथ हमारी प्रत्यर्पण संधि है, उनकी सूची पहले से ही सार्वजनिक डोमेन में है। हालांकि इसके साथ ही प्रवक्ता बागची ने कहा कि सरकार इसके लिए ओमान सरकार से बातचीत कर रही है।
ओमान पहुंचा जाकिर नाइक
कई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जाकिर नाइक बुधवार सुबह कथित तौर राज्य अतिथि के रूप ओमान पहुंचा। भारत ने भी ओमान सरकार से अपील की थी कि उसे वहां न आने दिया जाए। हालांकि वह वहां एक कार्यक्रम में शामिल हुआ और वहां उसने एक स्पीच भी दी। यहां उसने उसने मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री कार्यकाल की बात की, और मौजूदा सरकार और आरएसएस पर निशाना साधा। जाकिर नाइक ने कहा, "वह मुस्लिमों और गैर-मुस्लिमों को कुरान पर एक सार्वजनिक बातचीत के लिए आमंत्रित करना चाहता है।"
जाकिर नाइक पर कई गंभीर आरोप
जाकिर नाइक पर आरोप है कि वह मुस्लिम युवाओं को भारत और विदेशों में आतंकी गतिविधि में शामिल होने के लिए उकसाता है। उस पर सांप्रदायिक नफरत भड़काने, टेरर फंडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और हेट स्पीच के मामले दर्ज हैं। जुलाई 2016 में ढाका में बम धमाके के बाद जाकिर नाइक भारत से भाग गया था। इस धमाके में 29 लोगों की मौत हुई थी। इस हमले में शामिल आतंकियों ने ये माना था कि वो नाइक से प्रभावित थे और उसके फेसबुक पेज को फॉलो करते थे और उसकी स्पीच को रोजाना सुनते थे।
मलेशिया ने सौंपने से मना किया
सरकार के सख्त होने के बाद वह भारत छोड़कर मलेशिया चला गया था। उसके पीस टीवी को भी भारत में बैन किया गया। पीस टीवी पर भारत के अलावा बांग्लादेश, कनाडा, श्रीलंका और यूनाइटेड किंगडम में भी बैन लगा हुआ है। भारत, मलेशिया से उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध कर चुका है। भारत और मलेशिया के बीच प्रत्यर्पण संधि है, बावजूद मलेशिया ने उसे भारत को सौंपने से मना कर दिया। मलेशिया ने कहा कि उसने मलेशियाई कानून नहीं तोड़ा है। नाइक वर्तमान में मलेशिया में ही रहता है। यहां पर उसे स्थायी निवासी का दर्जा दिया गया है।












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