दुनिया का दूसरा सबसे गहरा Blue Hole मेक्सिको तट पर मिला, जानें इसकी भयानक गहराई में छिपे राज?
शोधकर्ताओं को मेक्सिको के समुद्र तट पर दुनिया का दूसरा सबसे गहरा ब्लू होल मिला है। यह ड्रैगन होल से सिर्फ 80 फीट कम गहरा है। यहां विचित्र जीवन की संभावना तलाशी जा रही है।

समुद्र की गहराइयों में वैज्ञानिकों ने एक ऐसा राज खोज लिया है, जिससे दूसरे ग्रहों के अनसुलझे रहस्यों से भी पर्दा उठने की संभावना बढ़ गई है। वैज्ञानिकों की मेहनत से मेक्सिको के तट पर दुनिया का दूसरा सबसे गहरा 'ब्लू होल' मिला है, जहां न तो सूरज का प्रकाश फटकता है और ना ही ऑक्सीजन का ही ठीक से प्रवेश है।

दुनिया का दूसरा सबसे गहरा 'ब्लू होल' मेकिस्को में मिला
वैज्ञानिकों ने मेक्सिको में युकाटन प्रायद्वीप के पास से दुनिया का दूसरा सबसे गहरा 'ब्लू होल' खोजा है। यह लगभग 900 फीट गहरा है। इस हिसाब से यह दुनिया के अबतक के सबसे गहरे 'ब्लू होल' से करीब 80 फीट कम गहरा है। सबसे गहरा 'ब्लू होल' दक्षिण चीन सागर में लगभग सात साल पहले खोजा गया था।

इस 'ब्लू होल' का नाम पड़ा 'ताम जा'
मेक्सिको के तट पर जो 'ब्लू होल' मिला है, वह करीब 1,47,000 वर्ग फीट क्षेत्र में फैला है। इस विशालकाय गहरे नीले रंग के सिंकहोल को 'ताम जा' नाम दिया गया है, जिसका मतलब मायन भाषा में 'गहरा पानी' होता है।

'ब्लू होल' क्या है?
'ब्लू होल' बहुत गहरे पानी की गुफाएं हैं। यह समुद्र की सतह पर प्राचीन चूना पत्थर के खजाने हैं। दुर्लभ ब्लू होल दिखने में काले होते हैं, जहां न तो रोशनी होती और न ही ऑक्सीजन। इन हालातों में यहां जीवन की संभावनाएं बिल्कुल ही नजर नहीं आतीं, लेकिन इसका भी गहरा राज है।

इसकी भयानक गहराई में छिपे राज?
डिसकवरी डॉट कॉम के मुताबिक सतह से खाली दलदली नजर आने वाले यह 'ब्लू होल' अक्सर जीवन की संभावनाओं से भरपूर होते हैं। कुछ बहुत ही आकर्षक जीव और जीवाश्म इसकी विशेषताओं में से हैं। 2012 में 'ब्लू होल' के बारे में वैज्ञानिकों ने एक बहुत बड़ा राज खोला था।

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तब वैज्ञानिकों को बहामास में ऐसी गुफाओं की गहराई में बैक्टीरिया मिले, जहां दूसरा कोई जीवन मौजूद नहीं था। इस राज का पता चलने से यह जानकारी मिली कि दूसरे ग्रहों पर भी जहां बहुत ही मुश्किल परिस्थितियां हैं, वहां भी जीवन होने की संभावनाएं मौजूद हैं।

'ब्लू होल' ताम जा की विशेषताएं
मेक्सिको में मिला ताम जा 900 फीट गहरा होने के साथ-साथ 147,000 वर्ग फीट विशाल भी है। जबकि, दक्षिण चीन सागर में स्थित ड्रैगन होल की गहराई 980 फीट है। वैज्ञानिकों ने रहस्यमय 'ब्लू होल' के बारे में जानकारी जुटाने और नमूना लेने के लिए स्कूबा डाइवर्स, समुद्र के नीचे काम करने वाले सोनार और अन्य तरीकों का इस्तेमाल किया।
इन तरीकों के इस्तेमाल का मकसद, समय के साथ जम चुके जलीय विसंगतियों की खोज करना था। ताम जा की ढाल खड़ी है और दीवारें संरक्षित हैं। यहां उन समुद्री प्रजातियों के होने की संभावनाएं भरी पड़ी हैं, जो समय के साथ बगैर-ऑक्सीजन वाले वातावरण में भी अनुकूलित हो चुके हैं।
अजनबी जीवों के जीवन की तलाश!
'ब्लू होल' को लेकर रिसर्च अभी भी जारी है और संभावना है कि कुछ ऐसे खोज हो सकते हैं, जिससे कुछ अजनबी जीवों के जीवन की जानकारियां मिल जाए। लाइवसाइंस की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह दूसरे ग्रहों की गोपनीयता के भी राज खोलने में सक्षम हो सकता है। (पहली तस्वीरे के अलावा बाकी सांकेतिक)












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