'मीट खाने वाले पुरुषों के साथ महिलाएं ना बनाएं यौन संबंध', करें 'सेक्स स्ट्राइक'! PETA ने क्यों की ये अपील?
नई दिल्ली, 25 सितंबर। अंतर्राष्ट्रीय संगठन PETA ने अब महिलाओं से एक अजीब अपील की है। जिसमें कहा गया है कि ऐसे पुरुषों के साथ महिलाओं को बिस्तर से दूरी बनानी चाहिए जो मीट खाते हैं। मीट खाने पर पुरुषों का बिस्तर पर स्वागत नहीं होना चाहिए। पेटा की अपील में ये कहा गया कि मांस खाने वाले पुरुषों के साथ महिलाओं को 'सेक्स स्ट्राइक' कर देनी चाहिए। साथ ही संगठन ने मीट पर 41% टैक्स लगानी की मांग की है।

जानवरों की सुरक्षा का अनोखा तरीका
पिछले कई वर्षों से लोगों को शाकाहार के प्रति प्रेरित कर रहे एनजीओ ने अब अनोखा तरीका चुना है। संस्था के प्रमुख सदस्यों का मानना है कि इससे तेजी से जागरूकता आएगी और लोग जानवरों को अपना आहार बनाना यानी मीट खाना बंद करेंगे। इसके लिए अब महिलाओं का सहारा लिया जा रहा है। महिलाओं से अपील की जा रही हैं वो जिस भी पुरुष के संपर्क में हो उसका बिस्तर पर तब तक ना वेलकम करें जब तक वो मीट खाना छोड़ ना दें।

'सेक्स स्ट्राइक' का सहारा
इसके लिए महिलाओं से सेक्स स्ट्राइक का सहारा लेने की अपील PETA की ओर से की गई है। ये पुरुषों को मीट खाने से रोकने का एक नायाब तरीका है। संगठन का कहना है कि अगर महिलाएं ऐसा कर पाती हैं तो निश्चित ही पुरुष मीट छोड़ने पर मजबूर हो जाएंगे।

PETA की जर्मन शाखा ने की ये अपील
पिछले काफी दिनों से पेटा शाकाहारी बनने का अभियान चला रहा है। इसी क्रम में संगठन ने महिलाओं ने अभियान में सहभागी बनने की अपील की है। PETA की जर्मन शाखा मांस खाने वाले पुरुषों के लिए सेक्स स्ट्राइक का आह्वान कर रही है। चैरिटी का सुझाव है कि महिलाओं को मांस खाने वालों पर सेक्स प्रतिबंध लगाना चाहिए। इससे ग्रीनहाउस गैस का इफेक्ट बढ़ रहा है।

PETA ने क्यों कही ये बात
एक ताजा रिसर्च में दावा किया गया है कि मांस खाने वाले लोग ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में योगदान करते है। महिला की तुलना में पुरुष वातावरण को 41 प्रतिशत ज्यादा प्रदूषित करते हैं। PETA ने इसी कारण से कहा कि बच्चे पैदा करने पर प्रतिबंध लगाना जरूरी है। ऐसे करके प्रति बच्चा 58.06 टन कार्बन उत्सर्जन बचा सकते हैं। वहीं PETA धरती को तापमान बढ़ने से बचाने के लिए मीट पर 41 फीसदी टैक्स लगाने की भी मांग की है।

PETA का क्या है उद्देश्य?
पेटा (PETA) यानी 'पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स'। यह एक एनिमल राइट संगठन है, जो वर्जीनिया में स्थित है। दुनिया भर में स्थित PETA संस्थाओं के करीब 90 लाख से अधिक सदस्य हैं। इस संस्था का उद्देश्य जानवरों की सुरक्षा के लिए लिए लोगों में जागरूकता लाना है। पूरे विश्व में पेटा के सदस्य लोगों को बताते हैं कि जानवर हमारे प्रयोग करने, खाने, पहनने, मनोरंजन के लिए उपयोग करने, या किसी अन्य तरीके से दुर्व्यवहार करने के लिए नहीं हैं।
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