बिना हिजाब वाली महिलाओं की तुलना किससे करता है तालिबान ? इंटरव्यू का ये Video हुआ वायरल
काबुल, 8 सितंबर: अफगानिस्तान में तालिबान शासन आने से वही सब डर सच साबित होने लगा है, जिसको लेकर आशंकाएं थीं। खासकर महिलाओं को लेकर उसकी घटिया सोच फिर से बेपर्दा हो रही है। एकबार फिर तालिबान ने दुनिया के सामने साबित कर दिया है कि वह जिस शरिया कानून के मुताबिक शासन चलाने की दुहाई दे रहा है, दरअसल उसकी आड़ में वह महिलाओं को इंसान समझना ही नहीं चाहता। बल्कि वह महिलाओं को एक वस्तु की तरह इस्तेमाल करना चाहता है। तालिबान के एक आतंकी ने एक इंटरव्यू में साफ खुलासा कर दिया है कि जो महिलाएं उसके कहे के मुताबिक नहीं चलेंगी, उनको लेकर उसकी क्या सोच है?

तालिबान ने तरबूज से की महिलाओं की तुलना
तालिबान का कहना है कि बिना हिजाब वाली महिलाएं 'कटे हुए तरबूत' की तरह होती हैं। दरअसल, जब से तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा किया है, वहां हिजाब बहस का अहम मुद्दा बन चुका है। तालिबान का आदेश है कि बिना हिजाब की महिलाएं घरों से बाहर कदम नहीं रखेंगी और अगर यूनिवर्सिटी में क्लास करना है तो भी छात्रों और उनके बीच पर्दे होने जरूरी हैं। दरअसल, अब ऐसे तालिबान की सत्ता आ चुकी है, जिसमें घोषित आतंकी भी सरकार के मंत्री बनाए गए हैं, लिहाजा यह तो आने वाली खौफनाक तस्वीर की शुरुआती बानगी भर लग रही है। (ऊपर की तस्वीर सौजन्य: जिया शहरयार ट्विटर)

क्या होता है हिजाब ?
दरअसल, हिजाब एक तरह का धार्मिक भावना से जुड़ा घूंघट है, जिससे मुस्लिम महिलाएं अपना सिर, बाल और सीना ढक कर रखती हैं। यही नहीं तालिबान ने यूनिवर्सिटी छात्राओं के लिए हिजाब के अलावा अबाया(बुर्के की तरह) और नकाब से चेहरा ढकने का भी फरमान जारी कर दिया है। तालिबान ने छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग क्लास की हिदायत भी दी है और मुमकिन न होने पर बीच में पर्दे लगाने का हुक्म जारी कर दिया है। यही नहीं छात्राओं के लिए महिलाओं को ही पढ़ाने की इजाजत है और अगर जरूरी हुआ तो अच्छे चरित्र वाले पुरुषों को इसकी इजाजत दी गई है।
'बिना हिजाब की महिला जैसे कटा तरबूज'
तालिबान की ओर से महिलाओं की तुलना 'कटे हुए खरबूजे' करने वाला वीडियो पत्रकार होने का दावा करने वाले जिया शहरयार ने भी अपने ट्विटर हैंडल पर जारी किया है। उन्होंने कैप्शन में लिखा है कि, 'तालिबान के एक अधिकारी ने काबुल में एक इंटरव्यू में हिजाब की अहमियत बताते हुए कहा है'- 'क्या आप कटा हुआ तरबूज खरीदते हैं या पूरा तरबूज खरीदते हैं। बेशक पूरा तरबूज लेते हैं। बिना हिजाब की एक महिला कटे हुए तरबूज की जैसी होती है।'

सोशल मीडिया पर हो रहा है विरोध
यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और महिलाओं के प्रति तालिबान की मानसिकता को भयानक बताया जा रहा है। खबर लिखे जाने तक यह वीडियो ट्विटर पर 9 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। एक यूजर लिखता है, 'मेरा सवाल है कि आप किसी दूसरे इंसान को खरीदना क्यों चाहते हैं?' एक ने तंज कसा है- 'प्रोफेसर ऑफ जेंडर स्टडीज!' नालिया इनायत नाम के एक हैंडल ने लिखा है- 'तालिबान के लिए आदर्श महिला मामलों का मंत्री लग रहा है।' रश्मि सामंत नाम के हैंडल से लिखा गया है- 'मैं विश्वास नहीं कर सकती कि महिला-विरोधी मानसिकता वाले इस शब्द के खिलाफ जोरदार आवाज नहीं उठ रही है और दुनिया इस आतंकी समूह को कानूनी करार देने में लगी हुई है। एक महिला आजाद इंसान है। लबादे से सजाओ।'












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