भारतीय राफेल को टक्कर दे पाएगा पाकिस्तान का नया JF-17 युद्धक विमान? जानिए किसमें कितना है दम?

भारतीय राफेल को टक्कर देने पाकिस्तान जेफ-17 का उन्नत वर्जन तैयार कर रहा है, आईये जानते हैं पाकिस्तानी जेएफ-17 और भारतीय राफेल के बीच कौन ज्यादा शक्तिशाली है।

नई दिल्ली, नवंबर 09: दो बड़े परमामु हथियार संपन्न दुश्मन पाकिस्तान और चीन भारत को लगातार चुनौती देते रहते हैं और चीन और पाकिस्तान, दोनों ही देशों के साथ भारत की लड़ाई हो चुकी है। जबकि, सरहद पर लगातार तनाव बना रहता है। बात दक्षिण एशिया की करें तो भारत और पाकिस्तान, दोनों ही देश परमाणु संपन्न देश हैं और दोनों ही देशों के बीच चाहे जल हो, या थल हो या फिर आकाश हो, अपना प्रभुत्व बनाने के लिए संघर्ष चलता रहता है। ऐसे में पाकिस्तान पर बढ़त बनाने के लिए भारत ने फ्रांस से राफेल विमान खरीदा तो पाकिस्तान चीन से आयातित जेएफ-17 का उन्नत वर्जन तैयार कर रहा है। ऐसे में इस बात का विश्लेषण करना दिलचस्प हो जाता है, कि भारत के राफेल और पाकिस्तान के जेएफ-17 में कौन कितना शक्तिशाली है और किसमें ज्यादा दम है?

पाकिस्तान का जेएफ-17 थंडरवोल्ट

पाकिस्तान का जेएफ-17 थंडरवोल्ट

जब भारत ने दो साल पहले पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक किया था, उस वक्त पाकिस्तान वायुसेना को एक ऐसे मिलिट्री विमान की जरूरत हुई, जो भारतीय विमानों का मुकाबला कर सके। वैसे तो पाकिस्तान के पास अमेरिकी एफ-16 फाइटर विमान मौजूद है, लेकिन पाकिस्तान उसका इस्तेमाल अपनी मर्जी से नहीं कर सकता है और अमेरिका ने कई शर्तें एफ-16 विमान के इस्तेमाल पर लगा रखी हैं, लिहाजा पाकिस्तान वायु सेना ने 'जेएफ-17 थंडर ब्लॉक-3 एमआरसीए' को बेड़े में शामिल करने के बाद इसका उन्नत वर्जन तैयार कर रहा है। जबकि, फ्रांस से भारत को राफेल विमान मिलने शुरू हो चुके हैं और फिलहाल उन विमानों की तैनाती भारतीय एयरफोर्स द्वारा की जा रही है। ये दोनों विमान, दोनों ही देशों की वायुसेना के लिए अग्रिम पंक्ति के मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट हैं, जो अपने अपने देशों की हवाई सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं।

पाकिस्तान को चीन से मिला विमान

पाकिस्तान को चीन से मिला विमान

'जेएफ-17 थंडर ब्लॉक-3 एमआरसीए' विमान पाकिस्तान को चीन से मिला है और चीन की चेंगदू एयरक्राफ्ट कंपनी और पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स के बीच समझौते के तहत इस फाइटर जेट का निर्माण किया जा रहा है। इस करार के तहत चीन और पाकिस्तान संयुक्त तौर पर इस फाइटर जेट का निर्माण करते हैं। जेएफ-17 फाइटर जेट के 58 फीसदी हिस्से का निर्माण पाकिस्तान में किया जाता है, जबकि 42 फीसदी हिस्से का निर्माण चीन में किया जाता है। पाकिस्तान में फाइटर जेट के फ्रंट फ्यबजलेस, विंग्स और वर्टिकल स्टेबलाइजर का निर्माण किया जाता है, तो चीन में इंजन समेत जेट के दूसरे हिस्सों का निर्माण होता है। हालांकि, विमान को एसेंबल पाकिस्तान में किया जाता है। पाकिस्तान की वायुसेना ने 2014 से 2017 के बीच आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए इस विमान का इस्तेमाल पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर किया है, लेकिन अब इसे उन्नत कर जेएफ-17बी-2 फाइटर जेट का निर्माण किया गया है, जो पाकिस्तान की वायुसेना में शामिल हो चुका है।

भारतीय राफेल बनाम पाकिस्तानी जेएफ-17

भारतीय राफेल बनाम पाकिस्तानी जेएफ-17

पाकिस्तान में इस वक्त जेएफ-17 का उन्नत वर्जन बनाया जा रहा है, जिसकी डिलीवरी पाकिस्तानी वायुसेना को अगले साल से होने की संभावना है और हर साल पाकिस्तान में 12 जेएफ-17बी फाइटर जेट बनाए जाएंगे। भारतीय राफेल और पाकिस्तानी जेएफ-17, दोनों ही फाइटर जेट 4.5/4+ पीढ़ी के विमान हैं और यह नामकरण चौथी पीढ़ी के विमानों के बारे में बताता है। इन दोनों ही फाइटर जेट में बेहद सक्रिय और स्कैनिंग रडार लगे हुए हैं। इसके साथ ही दोनों ही फाइटर जेट में उच्च क्षमता वाले डेटा लिंक, हाई टेक्नोलॉजी एवियोनिक्स और आधुनिक हथियारों को ले जाने की क्षमता दोनों ही विमानों के पास हैं। हालांकि, दोनों ही विमान स्टील्थ टेक्नोलॉजी के मुकाबले कम हैं। लेकिन, जेएफ-17 की तुलना में राफेल एक बार में ज्यादा हथियार ले जाने में सक्षम है और राफेल के जरिए परमाणु मिसाइलों को भी दागा जा सकता है, जो राफेल को पाकिस्तानी जेएफ-17 से घातक बनाता है।

दोनों विमानों का डिजाइन

दोनों विमानों का डिजाइन

दोनों विमानों के डिजाइन में काफी खास फर्क है। जहां राफेस को ज्यादा वजन वाले हथियारों के साथ उड़ने में सक्षम बनाया गया है, वहीं, जेएफ-17 ज्यादा तेज गति से रफ्तार भरने में सक्षम है। राफेल को उड़ान भरने के लिए ग्राउंड स्पीड/रनवे की जरूरत होगी, जबकि जेएफ-17 छोटे रनवे में उड़ान भरने में सक्षण है, लेकिन राफेल विमान को पहाड़ों के बीच लड़ाई करने के लिए डिजाइन किया गया है और राफेल की लैंडिंग काफी कम समय में हो सकती है। जबकि, जेएफ-17 पहाड़ी इलाकों में मुकाबला नहीं कर सकता है, जो इसकी सबसे बड़ी कमी है। हालांकि, ऐसा कहा जाता है कि, राफेल को भारत ने पाकिस्तान नहीं, बल्कि चीन को ध्यान में रखकर खरीदा है। वहीं, उच्च-गुरुत्वाकर्षण में परिवर्तन होने के साथ ही जेएफ-17 का इंजन काम करना बंद कर देता है, जबकि राफेल को गुरुत्वाकर्षण में बदलाव से फर्क नहीं पड़ता है। वहीं, जेएफ-17 की तुलना में राफेज का लगातार पैंतरेबाजी करने में सक्षम है।

रडार सिस्टम में राफेल को बढ़त

रडार सिस्टम में राफेल को बढ़त

राफेल में काफी उन्नत किस्म का रडार सिस्टम लगाया गया है, जबकि जेफ-17 का रडार सिस्टम ईएसआर एयर कूल्ड है, जो राफेल के क्रायो-कूल्ड थेल्स एईएसए की तुलना में काफी कमजोर है और वो जेएफ-17 विमान की क्षमता को काफी प्रभावित करता है। वहीं, राफेल का रडार सिस्टम थ्री-डी तस्वीरों का निर्माण करता है, जो जेएफ-17 के पास नहीं है। इसके साथ ही राफेल में वॉयस नियंत्रित कॉकपिट कमांड लगा है, जिससे पायलट को काफी उड़ान के बाद भी थकने नहीं देता है, जबकि जेएफ-17 में ये सुविधा नहीं है।

हथियारों को लेकर तुलना

हथियारों को लेकर तुलना

भारतीय राफेल विमान के पास चुंकी ज्यादा वजन उठाने की क्षमता है, लिहाजा राफेल ज्यादा से ज्यादा हथियारों को एक बार में ले जाने में सक्षम है। भारतीय राफेल विमान बिना ईंधन टैंक पर प्रभाव डाले जेएफ-17 के मुकाबले काफी ज्यादा हथियारों के साथ उड़ान भरने और ज्यादा समय तक मार करने में सक्षम है, जबकि जेएफ-17 के पास ये क्षमता नहीं है। वहीं, जेएफ-17 के रडार का रेंज चूंकी राफेल के मुकाबले काफी कम है, लिहाजा मिसाइल दागने की क्षमका भी पाकिस्तानी फाइटर जेट में काफी कम हो जाती है और पहाड़ी क्षेत्रों में जेएफ-17 एक तरह से काम का नहीं रह जाता है, जहां काफी टर्न होते हैं। इसके साथ ही भारतीय राफेल विमान कई तरह के मिसाइलों को हवा से ही लॉन्च करने में सक्षम है।

पाकिस्तान के पास 100 से ज्यादा जेएफ-17

पाकिस्तान के पास 100 से ज्यादा जेएफ-17

पाकिस्तानी मीडिया दावा करता है कि, पाकिस्तान के पास इस वक्त करीब 100 से ज्यादा जेएफ-17 विमान मौजूद है, जबकि अब इसके उन्नत वर्जन का निर्माण हो रहा है, जो अगले साल तक पाकिस्तानी वायुसेना को मिलने शुरू हो जाएंगे। माना जा रहा है कि, जेएफ-17 के रडार सिस्टम को बेहतर करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन, राफेल की तुलना में पाकिस्तानी जेएफ-17 को सबसे बड़ा झटका उड़ान भरने की क्षमता को लेकर लगता है। राफेल काफी ज्यादा ऊंचाई वाले एयरबेस से भी उड़ान भरने में सक्षम है, लेकिन जेएफ-17 के पास ये क्षमता नहीं है। वहीं, राफेल की सबसे बड़ी खासियत ये है, कि वो रडार को झांसा देने में सक्षम है, जबकि जेएफ-17 के पास ये क्षमता नहीं है।

अगर मुकाबला हुआ तो क्या होगा...

अगर मुकाबला हुआ तो क्या होगा...

अगर भारतीय राफेल और पाकिस्तानी जेएफ-17 के बीच मुकाबला कराया जाए को निर्विवाद रूप से जेएफ-17 पर भारतीय राफेल भारी पड़ेगा। जेएफ-17 फाइटर जेट के लिए सबसे बड़ी दिक्कत अपने कमजोर रडार सिस्टम से राफेल को पकड़ने की होगी। दूसरी तरफ जेएफ-17 की अधिकतम रफ्तार 1975 किलोमीटर प्रतिघंटा है, लेकिन ज्यादा हथियार लेने के बाद ये क्षमता प्रभावित होने के साथ साथ इंधन भी ज्यादा तेजी से खत्म होने लगता है और यहां राफेल को बढ़त मिलता है। राफेल की अधिकतम रफ्तार 2130 किलोमीटर प्रति घंटे की है और ज्यादा वजनी हथियार लेकर उड़ने के बाद भी इसके रफ्तार पर असर नहीं होगा और इंधन टैंक पर भी प्रभाव नहीं पड़ेगा।

वजन उठाने की क्षमता

वजन उठाने की क्षमता

भारतीय राफेल जहां 24 हजार 500 किलोग्राम वजन उठाकर मार करने में सक्षम है, नहीं पाकिस्तानी जेएफ-17 की मौजूदा क्षमता राफेल के मुकाबले करीब आधा है। जेएफ-17 फाइटर जेट अधिकतम 12 हजार 383 किलोग्राम वजन उठा सकता है। बात अगर लंबाई और चौड़ाई की करें तो, पाकिस्तानी जेएफ-17 फाइटर जेट 14.9 मीटर लंबा है, जबकि ये 4.7 मीटर ऊंचा है, वहीं राफेल 15.3 मीटर लंबा और 5.3 मीटर ऊंचा है। वहीं राफेल की विंगस्पैन सिर्फ 10.9 मीटर है, जो इसे पहाड़ी क्षेत्रों में किसी भी कंडीशन में मार करने में सक्षम बनाता है।

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