क्या अल-अक्शा मस्जिद को इजराइल से 'आजाद' करवा लेगा हमास? यहूदियों के खिलाफ किए जा रहे ऐलान
Al-Aqsa Mosque Controversy: फिलीस्तीन के गाजा से संचालित होने वाले आतंकवादी संगठन हमास ने आज सुबह 20 मिनट में कम से कम 5 हजार रॉकेट्स दागने का ऐलान करते हुए घोषणा की है, कि वो अल अक्शा मस्जिद को आजाद करवाने की लड़ाई शुरू कर रहा है। हमास ने इजराइल के नियंत्रण वाले वेस्ट बैंक के फिलीस्तीनी लोगों से 'जो भी हथियार हैं, उनके साथ' सड़कों पर उतरने का आह्वान किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दर्जनों इजराइली सैनिक बंदी बनाए गये हैं, लेकिन इजराइल डिफेंस फोर्स ने कहा है, कि हमास ने हमला कर बहुत बड़ी गलती कर दी है और उसे कीमत चुकानी पड़ेगी। हमास और इजराइल के बीच भीषण जंग की शुरूआत हो चुकी है, लिहाजा सवाल उठ रहे हैं, कि आखिर अल-अक्शा मस्जिद क्या है और ये मुस्लिमों और यहूदियों के बीच लड़ाई की सबसे बड़ी वजह क्यों है?

अल अक्शा मस्जिद विवाद क्या है?
इजराइल के पपित्र शहर जेरूसलम को यहूदी, ईसाई और इस्लाम.. तीनों धर्मों में पवित्र शहर माना गया है। इस्लाम में मक्का और मदीना के बाद अल-अक्सा मस्जिद को मुसलमानों के लिए तीसरी सबसे पवित्र मस्जिद का दर्जा दिया गया है।
मुसलमानों के बीच यह 'अल-हरम अल-शरीफ' के नाम से भी मशहूर है। जबकि, इसी स्थान पर यहूदी अपने टेंपल माउंट, वेस्टर्न वॉल, डोम ऑफ दी रॉक होने का दावा करते हैं। इजराइल और फिलीस्तीन के बीच का मुख्य विवाद इसी स्थान को लेकर है, जो यहूदी और मुसलमानों के बीच परिवर्तित हो गया है।
दरअसल, पैगम्बर मुहम्मद के निधन के कुछ सालों बाद खलीफा उमर ने जेरूशलम पर कब्जा कर लिया था और उसके बाद में उम्म्यद खलीफाओं ने आठवीं शताब्दी की शुरुआत में यहां अल अक्सा नाम की मस्जिद बनवाई थी।
इसी मस्जिद के सामने एक गुंबद वाली इमारत है, जिसे डोम ऑफ दी रॉक (इसके अंदर पत्थर या चट्टान जैसा कुछ है) कहा जाता है। मुसलमानों का मानना है, कि पैगंबर साहब इसी चट्टान पर चढ़कर, अपने बराक घोड़े पर सवार होकर जन्नत को गये थे।

इसी पत्थर के ठीक सामने एक छोटे आकार की दीवार है, जिसे 'डोम ऑफ दी चेन' कहते हैं। मुसलमान मानते हैं कि डोम ऑफ दी रॉक बनाने वालों के आराम करने के लिये डोम ऑफ दी चेन को बनाया गया था। इसलिये कयामत के दिन डोम ऑफ दी चेन को जो क्रॉस करेगा, वही जन्नत जायेगा।
जबकि यहूदियों का मानना है कि इजराइली साज्य के राजा सोलोमन 'डोम ऑफ दी चेन' में बैठकर न्याय किया करते थे। इसलिये यहूदी इस स्थान पर अपना दावा जताते हैं।
मुख्य विवाद का एक कारण वेस्टर्न वॉल भी है। यहूदियों के मुताबिक यह उस टेंपल माउंट का हिस्सा है, जिसे उनके पूर्वजों ने हजारों साल पहले बनवाया था। यहूदियों का मानना है, कि उनके पूर्वज हजारों साल से वहां पूजा करते रहे हैं।
यहूदियों को यकीन है, कि बाइबल में जिन यहूदी मंदिरों का जिक्र है, वे यहीं मौजूद थे। उनका मानना है कि इस्लाम और ईसाई धर्म के आने से पहले वेस्टर्न वॉल से सटा टेंपल माउंट ही उनका पवित्र मंदिर हुआ करता था। चूंकि अब टेंपल माउंट को नष्ट कर दिया गया है तो ऐसे में यहूदी वेस्टर्न वॉल की ही पूजा करते है।












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