यूक्रेन को क्यों सता रहा है रूसी हमले का डर? क्या तबाही मचाने की तैयारी कर रहे हैं राष्ट्रपति पुतिन?
यूक्रेन की सेना पिछले 7 सालों से रूस के साथ दो मोर्चों पर संघर्ष कर रही है। एक तरफ यूक्रेन की सीमा पर रूस के एक लाख से ज्यादा सैनिक मौजूद हैं तो दूसरी तरफ रूसी अलगवावादियों से भी यूक्रेन काफी परेशान है।
मॉस्को, नवंबर 22: संयुक्त राज्य अमेरिका, नैटो और यूक्रेन के अधिकारी...पिछले दो हफ्ते से लगातार कह रहे हैं कि, रूस भीषण युद्ध की तैयारी कर रहा है और बहुत आशंका है कि, रूसी सेना यूक्रेन पर हमला कर दे। यूक्रेन के सैन्य खुफिया विभाग के प्रमुख ने इस सप्ताह के अंत में मिलिट्री टाइम्स नाम के आउटलेट को बताया कि रूस जनवरी के अंत या फरवरी की शुरुआत तक हमले की तैयारी कर रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि, क्या वास्तव में यूक्रेन में तबाही मचाने की तैयारी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कर रहे हैं? आईये जानते हैं, आखिर यूक्रेन और रूस में क्या दुश्मनी है और इस देश पर पुतिन क्यों आग-बबूला हैं?

क्या हो रहा है और क्यों हो रहा है?
इस साल की शुरूआत के साथ ही रूस ने बड़ी संख्या में सैनिकों को यूक्रेन की सीमा पर भेजना शुरू कर दिया और भारी संख्या में सैनिकों ने यूक्रेन की सीमा पर युद्ध की तैयारी करनी शुरू कर दी। रूसी सेना की आक्रामकता को देखते हुए नैटो परेशान हो गया और कहा कि, सीमा पर रूसी बलों की "असामान्य गतिविधियां" रही हैं। अनुमान के मुताबिक, यूक्रेन की सीमा के पास डोनेट्स के करीब करीब एक लाख से ज्यादा सैनिक अभी भी मौजूद हैं। मैक्सार टेक्नोलॉजीज द्वारा जारी एक सैटेलाइट तस्वीर में यूक्रेनी सीमा के पास सैकड़ों रूसी टैंक और बख्तरबंद वाहन दिख रही हैं और रूसी सैनिकों की गतिविधियां ऐसी हैं, मानो वो कभी भी यूक्रेन पर आक्रामण करने के लिए तैयार हों।

रूसी आक्रामकता का मतलब?
विशेषज्ञों का कहना है कि, यूक्रेन की सीमा पर आक्रामकता को देखते हुए पूरी आशंका दिखाई दे रही है कि, रूस यूक्रेन पर हमला करने की पूरी तैयारी में है। हालांकि, संयुक्त राज्य अमेरिका के अधिकारियों ने यह कहने से इनकार कर दिया है, कि क्या उनका मानना है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन फिर से यूक्रेनी भूमि पर हमला कर कब्जा करने का प्लान बना रहे हैं? रूसी आक्रामकता को लेकर अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा है कि, "हम नहीं जानते कि राष्ट्रपति पुतिन के इरादे क्या हैं? लेकिन हम जानते हैं कि अतीत में क्या हुआ है... हम यूक्रेन या किसी अन्य देशों पर 'काल्पनिक उकसावे' का आरोप लगाकर हमला करने की कोशिश की नियत और रूस के एक और बहाने और उसके प्लेबुक को जानते हैं। उनका सभी के साथ यही करने की योजना है''। वहीं, कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि, ''यूक्रेन को नाटो में शामिल होने से रोकने के लिए भी रूस आक्रामक हो रहा है''।

यूक्रेन पर क्यों गुस्सा है रूस?
दूसरी तरफ रूस ने अमेरिका के उन सुझावों को खारिज कर दिया है, जिसमें अमेरिका ने यूक्रेन और रूस के बीच समझौता करवाने की पेशकश की थी। रूस की शिकायत है कि, अमेरिका और नैटो देश इस क्षेत्र में उकसाने वाली गतिविधियों को तेज कर रहे हैं। क्रेमलिन ने अमेरिका पर ''कृत्रिम रूप से व्युत्पन्न हिस्टीरिया" चलाने के लिए अमेरिका की निंदा की है। राष्ट्रपति पुतिन ने एक बयान में कहा है कि, "(हमारे) पश्चिमी सहयोगी घातक आधुनिक हथियारों की आपूर्ति कर रहे हैं और ब्लैक सागर में भड़काऊ युद्धाभ्यास कर स्थिति को और ज्यादा तनावपूर्ण बना रहे हैं।'' रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि, ''पश्चिमी हमलावर हमारी सीमा से 20 किमी दूर उड़ रहे हैं।"

सात सालों से चलता रूस-यूक्रेन में संघर्ष
यूक्रेन की सेना पिछले 7 सालों से रूस के साथ दो मोर्चों पर संघर्ष कर रही है। एक तरह यूक्रेन की सीमा पर रूस के एक लाख से ज्यादा सैनिक मौजूद हैं, तो एक सीमा पर रूस समर्थक विद्रोही भी यूक्रेन की नाक में दम किए हुए हैं। आपको बता दें कि, यूक्रेन और रूस समर्थक अलगाववादियों के बीच संघर्ष में अब तक 14 हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके है, जिनमें संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, 3 हजार 393 आम नागरिकों की मौत हुई है। इस बीच, यूक्रेन के लिए एक और सीमा मुद्दा है। हजारों प्रवासी जो महीनों से बेलारूस से यूरोपीय संघ में जाने की कोशिश कर रहे हैं, वे भी यूक्रेन के लिए एक समस्या बन गए हैं। यूक्रेन ने बेलरून में बड़े पैमाने पर एकत्र हुए प्रवासियों को अपने क्षेत्र में नहीं जाने की चेतावनी देते हुए कहा है कि उन्हें किसी भी हालत में यूक्रेन में नहीं आने दिया जाएगा।

क्या है क्रीमिया को लेकर विवाद?
यूक्रेन के पूर्वी हिस्से को क्रीमिया कहा जाता है और ये यूक्रेन का हिस्सा था। लेकिन 2014 में रूस ने क्रीमिया पर कब्जा कर लिया था। इस संघर्ष में इस दौरान 14 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी जिनमें काफी ज्यादा संख्या में यूक्रेन के निवासी थी। इसके साथ ही रूस ने क्रीमिया में अब भी करीब 28 हजार से ज्यादा हथियारबंद को तैनात कर रखा है। ये लोग अलगाववादी हैं, जो रूस का समर्थन करते हैं और जिन्हें रूस का समर्थन हासिल हैं। इन अलगाववादियों को डॉनबास के नाम से जाना जाता है। इन लोगों ने 2015 में यूक्रेन की सरकार के खिलाफ हथियारबंद विद्रोह का ऐलान कर दिया था और इनकी लड़ाई अब भी जारी है।

क्यों है मंडरा रहा है महायुद्ध की आशंका?
जानकारों की मानें तो रूस और यूक्रेन के बीच का विवाद काफी ज्यादा बढ़ चुका है और युद्ध की आशंका दुनिया पर मंडरा रही है। ऐसे में अगर दोनों देशों में युद्ध होता है तो रूस और अमेरिका सीधे तौर पर एक दूसरे के सामने आ जाएंगे। अमेरिका रूस के खिलाफ खड़ा हो जाएगा और यूक्रेन की मदद करने मैदान में आ जाएगा। और अगर अमेरिका यूक्रेन की मदद में आता है तो फिर दुनिया के कई और देशों को युद्ध में ना चाहते हुए शामिल होना पड़ेगा। खासकर नाटो देशों को लड़ाई का हिस्सा बनना पड़ेगा। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति का कहना है कि रूस असल में विवाद को खत्म करना ही नहीं चाहता है। उन्होंने कहा है कि रूस नहीं चाहता है कि युद्ध की आशंका खत्म हो, या फिर बातचीत के आधार पर मुद्दों को सुलझाया जा सके।












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