पाक ने किया दावा, ताशंकद में चीन ने किया एनएसजी में उसका समर्थन
ताशकंद। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उजबेकिस्तान की राजधानी ताशकंद पहुंच चुके हैं और अब से थोड़ी ही देर में वह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगें। पीएम मोदी, जिनपिंग के साथ भारत की न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप
(एनएसजी) में सदस्यता पर जिनपिंग से कुछ बात करते, उससे पहले ही पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन की ओर से अजीबो-गरीबों बयान आ गया है।

चीन ने दिया समर्थन और हुसैन ने धन्यवाद!
हुसैन ने ताशकंद में शंघाई सम्मेलन से अलग जिनपिंग से मुलाकात की और इसके बाद उन्होंने दावा किया कि चीन, एनएसजी में पाकिस्तान की सदस्यता का समर्थन कर रहा है।
हुसैन ने चीन को इसके लिए शुक्रिया भी अदा किया। पाक के न्यूज चैनल जीओ टीवी को दिए एक इंटरव्यू में हुसैन ने कहा कि भारत को एनएसजी की सदस्यता मिलने से एक असंतुलन की स्थिति पैदा हो जाएगी।
बयान पर हैरानी
हुसैन ने कहा कि एनएसजी में पाक को मिला चीन का समर्थन दोनों देशों के बीच मुश्किलों के बीच कायम दोस्ती की एक मिसाल है।
आपको बता दें कि इससे पहले चीन के आधिकारिक न्यूज पेपर ग्लोबल टाइम्स की ओर से कहा गया था चीन ने भारत और पाक दोनों के लिए ही एनएसजी सदस्यता का विरोध किया है। अगर इसके बाद हुसैन का बयान देखें तो काफी हैरानी भी होती है और हंसी भी आती है।
चीन हमेशा से ही यह बात कहता आया है कि किसी भी नॉन-एनपीटी सदस्य को एनएसजी की सदस्यता नहीं मिल सकती है। चीन ने यहां तक कहा कि इस नियम को अमेरिका की ओर से ही लागू किया गया था।
क्या हो रहा है सियोल में
इस बीच दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में भी काफी हलचल है। यहां पर 24 जून यानी शुक्रवार को एनएसजी के सदस्य देशों की मीटिंग होगी जिसमें भारत और पाक की ओर से आए आवेदनों पर विचार किया जाएगा।
चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग और पीएम मोदी की ताशकंद में मुलाकात के बाद चीन की वास्तविक स्थिति इस मुद्दे पर पता लग सकेगी।
भारत के विदेश सचिव एस जयशंकर पहले से ही सियोल में मौजूद हैं जो कि भारत की ओर से सभी तरह की कोशिशों को अंजाम देने में लगे हुए हैं।












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