10,000 से ज्यादा सुअरों को भारी सुरक्षा में क्यों रख रहा है चीन? 13 मंजिला 'लग्जरी होटल' के चप्पे-चप्पे पर नजर

बीजिंग, 2 अगस्त: चीन कई बार अपनी खाने-पीने की आदतों के चलते दुनियाभर के लोगों की आंखों पर चढ़ जाता है। इसबार भी कुछ ऐसा ही हुआ है। अबकी बार तो उसने ऐसा काम किया है, जो सुनने में बड़ा ही अजीब लग रहा है। उसने सुअरों को वो सारी लग्जरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं, जो आम चीनियों को पूरी जिंदगी में नसीब होना मुश्किल है। यही नहीं इन सुअरों को वीआईपी ट्रीटमेंट तो मिल ही रहा है, उनकी सिक्योरिटी भी किसी वीवीआईपी से कम नहीं है। सच्चाई ये है कि जिस 13 मंजिले लग्जरी 'हॉग होटल' में सुअरों को रखा गया है, वहां बिना इजाजत किसी को भी फटकने की अनुमति नहीं है।

चीन में सुअरों को वीआईपी सुरक्षा

चीन में सुअरों को वीआईपी सुरक्षा

चीन ने बायोसिक्योरिटी के नाम पर एक ऐसा विचित्र कदम उठाया है, जिसे आसानी से हजम कर पाना मुश्किल है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक ड्रैगन ने दक्षिणी चीन में एक 13 मंजिला लग्जरी बिल्डिंग में 10,000 से ज्यादा सुअरों को रख दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक उस आलीशान इमारत की सुरक्षा इतनी तगड़ी है कि बिना इजाजत परिंदा भी पर नहीं मार सकता। इस बिल्डिंग में सुअरों की चीन सरकार की ओर से किस तरह की खातिरदारी हो रही है, उसपर सहसा एकबार में यकीन करना मुश्किल है।

लग्जरी 'हॉग होटल' रखे गए हैं सुअर

लग्जरी 'हॉग होटल' रखे गए हैं सुअर

दक्षिण चीन की जिस लग्जरी बिल्डिंग में इन सुअरों को रखा गया है, उन्हें 'हॉग होटल' का नाम दिया गया है। इस होटल पर 24 घंटे सिक्योरिटी कैमरे से निगरानी रखी जा रही है, ऑन-द-स्पॉट वेटनरी सुविधा उपलब्ध है और उनतक जो खाना पहुंचाया जा रहा है, उसका भी कई बार परीक्षण किया जा रहा है और इस काम की जिम्मेदारी बहुत ही खास तरह के अधिकारियों को दी गई है। जिस होटल में ये सुअर रखे गए हैं, उसे मुयूआन फूड्स और न्यू होप ग्रुप जैसी कंपनियां तैयार कर रही हैं।

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    इंग्लैंड-अमेरिका से सीखकर गुरु बन गया 'ड्रैगन'

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    जाहिर है कि चीन अगर सुअरों की इतनी मेहमानबाजी कर रहा है तो इसके पीछे बहुत बड़ा कारण है। दअरसल, चीन में सुअर मीट का मुख्य स्रोत है और यह सारी कवायद उन्हें विनाशकारी अफ्रीकन स्वाइन फीवर समेत कई तरह के वायरस से बचाने के लिए किया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक चीन अपने देश के मुख्य मीट स्रोत को बचाने के लिए वही तरकीब कॉपी कर रहा है, जो यूरोप और अमेरिका बायोसिक्योरिटी के लिए करते आ रहे हैं। लेकिन, इंग्लैंड में कंसल्टेंट गिरा के मीट डायरेक्टर रुपर्ट क्लैक्सटन का कहना है कि 'इसने (चीन ने) 20 साल में इतना कर लिया है, जो शायद अमेरिकियों को करने में 100 साल लग जाए।'

    अफ्रीकन स्वाइन फीवर से चिंतित है ड्रैगन

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    चीन में 20 साल के भारतीय छात्र की संदिग्ध हालात में मौत, बिहार का रहने वाला था अमन नागसेनबीते जुलाई में ही कई मीडिया रिपोर्ट सामने आई थीं, जिसमें कहा गया था कि चीन के टॉप सुअर-उत्पादक प्रांतों में अफ्रीकन स्वाइन फीवर के चलते इनकी बड़ी तादाद में मौत हो रही है। इससे चीन की चिंता बढ़ गई कि यह पूरे दक्षिण चीन में फैल सकता है और उसका पोर्क उत्पादन गिर सकता है। गौरतलब है कि 2018 और 2019 में अफ्रीकन स्वाइन फीवर ने चीन से सुअरों की आधी आबादी को साफ कर दिया था। लेकिन, पिछले साल कोरोना के बावजूद चीन ने फिर से सुअरों की जनसंख्या की आपूर्ति कर ली थी।

    कई इलाकों में फैल चुका है वायरस

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    इसबार शी जिनपिंग और उनकी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना की सरकार की चिंता ये है कि यह बीमारी उत्तर चीन में भी फैली है और वायरस के कई सारे वेरिएंट घूम रहे हैं। अब इसने दक्षिण-पश्चीम चीन के सिचुआन प्रांत में भी दस्तक दे दी है, जिसने पिछले साल 4.85 करोड़ सुअर मीट के लिए उपलब्ध करवाए थे। यह संख्या चीन के कुल सुअर उत्पादन का 9 फीसदी था। लेकिन, इसबार इस इलाके में भी अफ्रीकन स्वाइन फीवर के मामले सामने आ रहे हैं। (तस्वीरें- सांकेतिक)

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