कनाडा ने जिस भारतीय डिप्लोमेट को देश से निकाला, वो R&AW अधिकारी कौन हैं? अपराधियों में नाम से फैल जाती है दहशत
Who is Indian diplomat expelled in Canada: कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कनाडाई संसद में इस साल जून महीने में मारे गये खालिस्तानी आतंकवादी, हरदीप सिंह निज्जर की मौत के पीछे भारत सरकार के लिंक होने की संभावना जताई है। जिसके बाद कनाडाई विदेश मंत्रालय ने भारतीय राजनयिक पवन कुमार राय को निष्कासित कर दिया है।
लिहाजा, सवाल उठता है, कि आखिर भारतीय राजनयिक पवन कुमार राय कौन हैं और कनाडा ने उन्हें क्यों निष्कासित करने का फैसला किया है।

कनाडाई सरकार द्वारा निष्कासित भारतीय राजनयिक पवन कुमार राय, 1997 बैच के पंजाब कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं, जो 2010 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कनाडा जाने से पहले, पंजाब में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ खतरनाक अभियान चला रहे थे। उन्होंने पंजाब में ड्रग्स की सप्लाई को काफी हद तक कम कर दिया था।
पवन कुमार राय इस वक्त कनाडा में भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के स्टेशन प्रमुख हैं और उनके ऊपर खालिस्तान समर्थकों ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भूमिका होने का आरोप लगाया था।
वहीं, प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने पवन कुमार राय को भारत सरकार और खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बीच "संभावित संबंध" के "विश्वसनीय आरोपों" की देश की जांच के बीच निष्कासित किया है।
आपको बता दें, कि कनाडा के सरे में गुरु नानक सिख गुरुद्वारा साहिब के प्रमुख 46 वर्षीय निज्जर की इस साल जून में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह अलगाववादी संगठन खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) का प्रमुख था।
कौन हैं पवन कुमार राय?
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पवन कुमार राय के एक करीबी पुलिस अधिकारी ने कहा, कि "पंजाब में अपने कार्यकाल के दौरान, वह एक प्रतिभाशाली अधिकारी, पूरी तरह से प्रोफेशनल और एक बेहतरीन इंसान के रूप में जाने जाते थे।"
पुलिस अधिकारी ने आगे कहा, कि "वह 2009-10 में तरन तारन के एसएसपी थे, जब पंजाब में ड्रग्स का मुद्दा मंडरा रहा था। राय क्षेत्र में डाले गए किसी भी राजनीतिक दबाव के आगे झुकने वाले नहीं थे और उन्हें राजनेताओं से लगातार धमकियां मिल रही थी। जिसके बाद उन्होंने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का विकल्प चुना था।"
53 साल के पवन कुमार राय, 2000 के दशक के अंत में जालंधर और अमृतसर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) थे। उन्हें 31 जनवरी को पंजाब सरकार द्वारा सात अन्य आईपीएस अधिकारियों के साथ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) के रूप में प्रमोशन दिया गया था।
पंजाब कैडर के एक अन्य भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी, पूर्व रॉ प्रमुख सामंत कुमार गोयल के करीबी माने जाने वाले पवन कुमार राय को, रॉ एजेंसी में प्रतिनियुक्ति दी गई। साल 2018 में, उन्हें केंद्र में संयुक्त सचिव या उसके समकक्ष पद संभालने के लिए सूचीबद्ध किया गया था।
विदेश मंत्रालय (एमईए) की अधिसूचना में उस वर्ष कहा गया था, कि "कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने श्री पवन कुमार राय, आईपीएस (पीबी:1997) को संयुक्त सचिव के रूप में नियुक्त करने के लिए विदेश मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।" ये कार्यभार उन्हें तीन सालों के लिए सौंपा गया था।
हालांकि पंजाब सरकार ने अभी तक उनके निष्कासन पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उनके सहयोगियों के बीच चिंताएं और गुस्सा बढ़ गया है।

पवन कुमार राय से कांपते क्रिमिनल
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, कि "हम सभी जानते हैं, कि कनाडा सरकार ने कैसे सार्वजनिक तौर पर यह खुलासा किया है। इसके पीछे राजनीतिक कारण हैं। वे कनाडा में बसे पंजाबी प्रवासियों को एक संदेश भेजना चाहते हैं, और यह वोट बैंक की राजनीति है।"
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस अधिकारी ने कहा, कि "उन्हें हर तरह से राजनीति करनी चाहिए, लेकिन एक राजनयिक को नुकसान में नहीं डालना चाहिए। यदि वे उसे निष्कासित ही करना चाहते थे, तो उन्हें कम से कम उसका नाम गुप्त रखना चाहिए था। सार्वजनिक रूप से उनका नाम लेने की कोई जरूरत नहीं थी।"
वहीं, एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा, कि वे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
पंबाज पुलिस के उस अधिकारी ने कहा, कि "हालांकि भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और हमें उम्मीद है, कि उनकी सुरक्षा और उनके परिवार की सुरक्षा सरकार के लिए सर्वोपरि होगी। हम कनाडा सरकार से अपील करते हैं, कि उन्हें भारत पहुंचने तक सुरक्षा प्रदान की जाए।'
उन्होंने कहा, कि "वह एक राजनयिक थे और उनके नाम को सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए था। अब यह उनके लिए बहुत बड़ा जोखिम है। कट्टरपंथी सिख उसकी जान के पीछे पड़ जाएंगे।"












Click it and Unblock the Notifications