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Nikhil Gupta Pannun Case: निखिल गुप्ता कौन, कैसे फंसे आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश में?

Nikhil Gupta Pannun Case: भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत में सिख अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कथित साजिश रचने का दोष स्वीकार कर लिया है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, गुप्ता ने 'मर्डर-फॉर-हायर' और 'मनी लॉन्ड्रिंग' जैसे गंभीर आरोपों को माना है।

उनके ऊपर आरोप है कि उन्होंने एक कथित भारतीय अधिकारी के निर्देश पर न्यूयॉर्क में इस हत्या की योजना बनाई थी, लेकिन अनजाने में एक अमेरिकी अंडरकवर एजेंट को ही 'हिटमैन' समझकर सुपारी दे दी। जून 2023 में चेक गणराज्य से गिरफ्तारी के बाद, अब उन्हें 29 मई 2026 को सजा सुनाई जाएगी।

Nikhil Gupta Pannun Case

Who Is Nikhil Gupta: कौन हैं निखिल गुप्ता और क्या हैं आरोप?

निखिल गुप्ता एक भारतीय नागरिक हैं, जिन्हें अमेरिकी एजेंसियां एक अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा मानती हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने भारतीय सरकारी कर्मचारी (विकास यादव) के साथ मिलकर न्यूयॉर्क में रहने वाले सिख अलगाववादी नेता पन्नू को खत्म करने की योजना बनाई। अभियोजन के अनुसार, गुप्ता ने इस काम के लिए 1 लाख डॉलर की सुपारी तय की थी और एडवांस के तौर पर 15 हजार डॉलर भी दिए थे। अमेरिकी जांच एजेंसियों का दावा है कि उनके पास गुप्ता और कथित अधिकारी के बीच हुई बातचीत के पुख्ता सबूत हैं।

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Gurpatwant Singh Pannu Murder: कैसे फंसे अमेरिकी जांच एजेंसी के जाल में?

निखिल गुप्ता की सबसे बड़ी गलती यह रही कि उन्होंने मदद के लिए जिस व्यक्ति से संपर्क किया, वह असल में अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) का एक गोपनीय मुखबिर था। उस मुखबिर ने गुप्ता को एक 'हिटमैन' से मिलवाया, जो वास्तव में DEA का एक अंडरकवर अधिकारी था। गुप्ता को लगा कि वह एक अपराधी से बात कर रहे हैं, जबकि वे सीधे अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के जाल में फंस रहे थे। उन्होंने उस एजेंट को पन्नू का पता, फोन नंबर और उसकी गतिविधियों की तस्वीरें तक मुहैया करा दी थीं।

गिरफ्तारी और दोष स्वीकार करने का मामला

निखिल गुप्ता को जून 2023 में चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद उन्हें अमेरिका प्रत्यर्पित (Extradite) किया गया। हाल ही में संघीय अदालत में गुप्ता ने स्वीकार किया कि उन्होंने हत्या के लिए सुपारी देने और पैसे के अवैध लेन-देन की साजिश रची थी। अमेरिकी कानून के तहत 'मर्डर-फॉर-हायर' और इसकी साजिश में 10-10 साल, जबकि मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश में अधिकतम 20 साल की कैद का प्रावधान है। अब 29 मई 2026 को जज उनकी अंतिम सजा पर फैसला सुनाएंगे।

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World News Hindi: भारत और कनाडा कनेक्शन का विवाद

इस मामले के तार कनाडा में हुई हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से भी जुड़े बताए जा रहे हैं। अमेरिकी अभियोजकों का दावा है कि निज्जर की मौत के बाद गुप्ता ने संदेशों में कहा था कि "अब इंतजार की जरूरत नहीं" और "हमारे पास कई लक्ष्य हैं।" दस्तावेजों के मुताबिक, गुप्ता ने निर्देश दिया था कि हत्या भारतीय प्रधानमंत्री की जून 2023 की अमेरिका यात्रा के दौरान न की जाए। इस मामले ने भारत और अमेरिका के राजनयिक संबंधों में भी काफी हलचल पैदा कर दी है, जिसकी जांच भारत सरकार भी कर रही है।

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