Osman Hadi Murder Case: कौन है फैजल करीम? जिसपर लगे उस्मान हादी को ऊपर पहुंचाने के आरोप, किससे जुड़े तार?
Osman Hadi Murder Case: 2 दिसंबर 2025 को बांग्लादेश में युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के मामले में फैसल करीम मसूद को मुख्य आरोपी बनाया गया है। पूरे देश में मसूद के खिलाफ लुकआउट नोटिस और यात्रा प्रतिबंध जारी कर दिए गए हैं। 21 दिसंबर को अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि उसकी गिरफ्तारी के लिए पूरी कोशिश की जा रही है।
कोई ठोस सुराग नहीं
इतने बड़े स्तर की कार्रवाई के बावजूद पुलिस को अब तक मुख्य संदिग्ध के ठिकाने की कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। बांग्लादेश के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (IGP) खांडेकर रफीकुल इस्लाम ने कहा, "हमारे पास फैसल के अंतिम ठिकाने की कोई विशिष्ट जानकारी नहीं है। हमारी टीमें लगातार इसे जुटाने की कोशिश कर रही हैं।" उन्होंने यह भी साफ किया कि फिलहाल ऐसा कोई पुख्ता सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो कि मसूद देश छोड़कर भाग चुका है।

हादी हत्याकांड में फैसल करीम मसूद की भूमिका
गहन जांच में सामने आया है कि फैसल करीम मसूद युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या का मुख्य आरोपी है। हादी को 12 दिसंबर को गोली मारी गई थी और गंभीर हालत में इलाज के दौरान 18 दिसंबर को सिंगापुर में उनकी मौत हो गई। एक पत्रकार के अनुसार, "फैसल हादी के चुनावी अभियान में सिर्फ एक ही मकसद से शामिल हुआ था-उसे मारने के लिए।" मसूद अवामी लीग की प्रतिबंधित छात्र लीग का पूर्व नेता भी रह चुका है।
आईटी कंपनियों का मालिक और शिक्षित प्रोफाइल
कथित तौर पर मसूद से जुड़ी एक LinkedIn प्रोफाइल के अनुसार, वह Apple Soft IT, YCU Technology और Enlist Work नाम की तीन कंपनियों का मालिक है। प्रोफाइल में यह भी दर्ज है कि उसने 2013 में ढाका के एक निजी विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन किया था और बाद में MBA की डिग्री भी हासिल की।
2024 के विरोध प्रदर्शनों में अवामी लीग के साथ सक्रिय
प्रोथोम आलो की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई 2024 के छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान मसूद, प्रदर्शनकारियों को दबाने के लिए अवामी लीग के साथ सक्रिय रूप से शामिल था। इससे पहले उसे ढाका के एक स्कूल में 1.7 मिलियन टाका की सशस्त्र डकैती के मामले में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसकी रिहाई को लेकर जनता में भारी नाराजगी और सवाल उठे थे।
चुनावी प्रचार के दौरान मारी गई गोली
मसूद ने कथित तौर पर ढाका के बिजोयनगर इलाके में उस वक्त हादी पर गोली चलाई, जब वे चुनावी प्रचार कर रहे थे। हादी 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के प्रमुख चेहरों में से एक थे और 'इंकलाब मंच' के प्रवक्ता थे। वे फरवरी 2026 के चुनावों में ढाका-8 सीट से संसद सदस्य बनने की तैयारी कर रहे थे। हादी अपने भारत-विरोधी बयानों के लिए भी जाने जाते थे।
हमले की पूरी टाइमलाइन
12 दिसंबर को मोटरसाइकिल पर सवार दो हमलावरों ने हादी को उस समय सिर में गोली मारी, जब वे ऑटो-रिक्शा में सवार थे। पहले उन्हें ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, फिर 15 दिसंबर को सिंगापुर जनरल अस्पताल के न्यूरोसर्जिकल ICU में भर्ती कराया गया। सिंगापुर के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की, "डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद... हादी अपनी चोटों के कारण दम तोड़ गए।"
हमले से एक रात पहले का चौंकाने वाला बयान
गोलीबारी से एक रात पहले, मसूद ने अपनी प्रेमिका से कथित तौर पर कहा था, "कल (शुक्रवार) कुछ ऐसा होगा, जिससे पूरा देश कांप उठेगा।" इस बयान के सामने आने के बाद मामले ने और गंभीर मोड़ ले लिया।
5 मिलियन टका का इनाम, देशव्यापी तलाश
हादी की हत्या के बाद बांग्लादेशी पुलिस ने मसूद की देशव्यापी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी से जुड़ी जानकारी देने वाले को 5 मिलियन टका का इनाम देने की घोषणा की है।
परिवार के सदस्य भी गिरफ्तार
पुलिस ने इस हत्याकांड में कई लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मसूद के परिवार के सदस्य भी शामिल हैं। गिरफ्तार लोगों में उसके पिता मो. हुमायूं कबीर, मां हसी बेगम (60), पत्नी साहेदा परवीन सामिया और साले वाहिद अहमद सिपू शामिल हैं। इससे मामले की गंभीरता और गहराई साफ झलकती है।
राजनीतिक साजिश के सबूत नहीं: IGP
रविवार को IGP खांडेकर रफीकुल इस्लाम ने फिर दोहराया कि मसूद के ठिकाने को लेकर कोई पुख्ता जानकारी नहीं है और न ही यह पुष्टि हुई है कि वह विदेश भाग गया है। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल हत्या को किसी राजनीतिक दल से जोड़ने वाला कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।
भारत भागने की अटकलें और वायरल तस्वीर
मसूद के भारत भागने की अटकलें तब तेज हुईं, जब सोशल मीडिया पर एक वायरल तस्वीर सामने आई। हालांकि, DMP के अतिरिक्त आयुक्त (डिटेक्टिव) शफीकुल इस्लाम ने कहा कि तस्वीर देखी गई है, लेकिन यह पुष्टि नहीं हो सकी कि वह भारत में ली गई थी।
भारत से संदिग्धों को सौंपने की मांग
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब किया। ढाका ने भारत से अनुरोध किया कि यदि हादी पर हमले के आरोपी भारत में प्रवेश करते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार कर बांग्लादेश को सौंपा जाए।
इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।












Click it and Unblock the Notifications