'इजराइल के लिए अच्छा नहीं होगा', गाजा पर 'कब्जा' वाले नेतन्याहू के बयान पर अमेरिका की सख्त प्रतिक्रिया
Israel-Palestine War: इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक दिन पहले कहा था, कि हमास के खात्मे के बाद इजराइल गाजा पट्टी पर नियंत्रण करेगा और आगे जाकर गाजा के भाग्य का फैसला किया जाएगा। बेंजामिन नेतन्याहू के इस बयान पर अब अमेरिका की प्रतिक्रिया आई है और अमेरिका ने कहा है, कि 'ऐसा करना इजराइल के लिए अच्छा नहीं होगा।'
व्हाइट हाउस के एक शीर्ष अधिकारी ने प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन का ये मानना नहीं है, कि इजरायली बलों को गाजा पर फिर से कब्जा करना चाहिए। जबकि, नेतन्याहू ने कहा था, कि युद्ध के बाद "अनिश्चित अवधि" के लिए गाजा पट्टी की "समग्र सुरक्षा जिम्मेदारी" इजराइल की होगी।

इजराइल के खिलाफ अमेरिकी प्रतिक्रिया
"व्हाइट हाउस राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने सीएनएन को बताया, कि "राष्ट्रपति बाइडेन अब भी मानते हैं, कि इजरायली बलों द्वारा गाजा पर दोबारा कब्जा करना अच्छा नहीं है। यह इज़राइल के लिए अच्छा नहीं है। इजरायली लोगों के लिए अच्छा नहीं है।"
उन्होंने आगे कहा, कि "सचिव (एंटनी) ब्लिंकन इस क्षेत्र में जो बातचीत कर रहे हैं, उनमें से एक यह है, कि संघर्ष के बाद गाजा कैसा दिखेगा? गाजा में शासन कैसा दिखता है? क्योंकि जो कुछ भी है, वह वैसा नहीं हो सकता जैसा 6 अक्टूबर को था। गाजा में हमास नहीं हो सकता।"
बाइडेन प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है, कि हमास के खात्मे में वो इजराइल के साथ है, क्योंकि अगर अभी युद्धविराम कर दिया जाता है, तो एक बार फिर से हमास खुद को मजबूत करेगा और फिर से इजराइल पर 7 अक्टूबर जैसा जंग होगा।
अमेरिका की यह चेतावनी नेतन्याहू के सोमवार के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था, कि गाजा पर "उन लोगों द्वारा शासन किया जाना चाहिए, जो हमास के रास्ते पर आगे नहीं बढ़ना चाहते" उन्होंने आगे कहा था, कि "मुझे लगता है कि अनिश्चित काल के लिए इजराइल पर समग्र सुरक्षा जिम्मेदारी होगी, क्योंकि हमने देखा है, कि जब गाजा पर हमारा कंट्रोल नहीं होता है, तो फिर क्या होता है।"
इजराइल और अमेरिका में शुरू हो रहा विवाद?
इससे पहले, पिछले महीने, बाइडेन ने कहा था, कि गाजा पर कब्जा करना इजरायल के लिए एक "बड़ी गलती" होगी।
ये टिप्पणियां तब आई हैं, जब युद्ध के एक महीने का समय बीतने के बाद, अमेरिका और इजराइल के बीच दूरियां उभर रही हैं। पिछले हफ्ते, ब्लिंकन ने बंधकों और नागरिकों को गाजा छोड़ने और फिलिस्तीनियों को प्रवेश में सहायता देने के लिए इजरायल पर "मानवीय विराम" के लिए दबाव डाला था।
मंगलवार को, इजराइल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने कहा, कि युद्ध समाप्त होने के बाद इजराइल "गाजा पट्टी में किसी भी स्थिति का जवाब देने के लिए कार्रवाई की पूर्ण स्वतंत्रता बरकरार रखेगा"।

जबकि, विदेश विभाग ने मंगलवार को यह भी स्पष्ट कर दिया है, कि वह गाजा पट्टी पर लंबे समय तक इजरायली कब्जे के विचार का समर्थन नहीं करता है। विदेश विभाग के प्रवक्ता वेदांत पटेल ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान संवाददाताओं से कहा, कि "हमारा दृष्टिकोण यह है, कि फिलिस्तीनियों को इन फैसलों में सबसे आगे होना चाहिए और गाजा फिलिस्तीनी जमीन है और यह फिलिस्तीनी जमीन ही रहेगी।"
उन्होंने कहा, कि "आम तौर पर कहें तो, हम गाजा पर दोबारा कब्ज़ा करने का समर्थन नहीं करते हैं और न ही इजराइल। सचिव (राज्य एंटनी) ब्लिंकन अपनी अरब देशों की यात्राओं के दौरान भी इस बारे में काफी स्पष्ट हैं।"
आपको बता दें, कि इजराइल गाजा पट्टी से साल 2005 में हट गया, जिस पर उसने 1967 के छह-दिवसीय युद्ध में मिली जीत के बाद कब्जा कर लिया था। बाद में हमास ने गाजा पट्टी में हुए चुनाव में जीत हासिल की और फिर हमास ने पूरे गाजा पट्टी का नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया और उसके बाद से हमास लगातार इजराइ पर हमले करते आया है।
जिसको लेकर वेदांत पटेल ने कहा, कि "इजरायल और पूरा क्षेत्र सुरक्षित होना चाहिए और गाजा को इजरायल के लोगों या किसी और के खिलाफ आतंकी हमले शुरू करने का आधार बनना चाहिए और अब ऐसा नहीं हो सकता है।"












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