क्या ईरान के तेल की धार कुंद कर पाएंगे अमरीकी प्रतिबंध

ट्रंप और हसन रूहानी
Reuters
ट्रंप और हसन रूहानी

पांच नवंबर से ईरान पर अमरीका के नए प्रतिबंध प्रभावी हो रहे हैं. इसमें ईरान के पेट्रोलियम सेक्टर पर शिकंजा कसने की कोशिश की गई है.

ये प्रतिबंध अमरीका ने ईरान के साथ तीन साल पुराना समझौता तोड़ने के बाद दोबारा लगाए थे जिन पर आज से अमल शुरू हो रहा है. अमरीका को लगता है कि इन प्रतिबंधों से ईरान का रवैया बदलेगा.

फॉक्स न्यूज़ संडे से बातचीत में अमरीकी विदेशमंत्री माइक पॉम्पियो ने कहा, ''अमरीकी राष्ट्रपति की नीति ईरान पर पूरी तरह से दबाव बनाने की है. ईरान की मुद्रा रियाल डॉलर के मुक़ाबले पहले ही काफी गिर चुकी है. हम चाहते हैं कि ईरान अपने तौर-तरीक़े बदले.''

उन्होंने कहा, ''सोमवार से लागू होने वाले प्रतिबंध, ईरान पर लगाए गए अब तक के प्रतिबंधों में सबसे कठोर प्रतिबंध हैं. आतंक को बढ़ावा देने से ईरान को रोकना- इसका एकमात्र उद्देश्य है.''

अमरीकी प्रतिबंधों के विरोध में ईरान में अमरीका के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हुए हैं.

ईरान में अमरीका के विरोध में प्रदर्शन
EPA
ईरान में अमरीका के विरोध में प्रदर्शन

प्रदर्शनकारियों ने अमरीका के साथ बातचीत की संभावना को खारिज़ कर दिया है.

ईरान में सेना के हवाले से कहा जा रहा है कि सोमवार और मंगलवार को सेना हवाई युद्धाभ्यास करेगी और ईरान की रक्षात्मक क्षमता का प्रदर्शन करेगी.

'अमरीका हमारा दुश्मन है'

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली ख़ामनेई ने राजधानी तेहरान में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, ''अमरीका के ख़िलाफ़ अपनी नफ़रत को कभी मत भूलना. दुश्मन की झूठी मुस्कान से धोखा मत खाना.''

उन्होंने कहा, ''अमरीका कहता है कि उसे ईरान के लोगों से कोई नफ़रत नहीं है. उसका विरोध सिर्फ ईरान की हुकूमत से है. लेकिन अमरीका झूठ कहता है, क्योंकि हुकूमत ईरान के लोगों की मदद के बिना कुछ नहीं कर सकती. अमरीका हमारा दुश्मन है....''

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली ख़ामनेई
AFP
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली ख़ामनेई

क्या अमरीकी पाबंदियों से ईरान की मुश्किलें बढ़ेंगी और इन मुश्किलों से निपटने के लिए ईरान कितना तैयार है?

इस सवाल पर तेहरान में मौजूद स्थानीय पत्रकार सहरा ज़ैदी कहती हैं, ''ईरान के लोग अमरीकी पाबंदियों के आदी हो चुके हैं. इन पाबंदियों की उम्मीद पहले से ही थी. इसलिए सरकार अपनी ओर से जो कर सकती थी, उसने तैयारी की. लेकिन यहां ऐसी कोई फीलिंग नहीं है कि अमरीकी प्रतिबंधों की वजह से कयामत आ जाएगी.''

क्या ईरान से तेल का निर्यात बंद हो जाएगा?

ईरान का तेल उद्योग
Getty Images
ईरान का तेल उद्योग

क्या इन प्रतिबंधों की वजह से ईरान से होने वाली तेल की आपूर्ति बंद हो जाएगी और इससे ईरान की अर्थव्यवस्था और मध्यपूर्व के सुरक्षा हालात किस तरह प्रभावित होंगे?

इस सवाल पर अमरीका की डेलावेयर यूनिवर्सिटी में मध्यपूर्व मामलों के जानकार प्रोफेसर मुक़्तदर ख़ान कहते हैं, ''पाबंदियों की वजह से ईरान की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा. ईरान के लिए तेल निर्यात करना मुश्किल हो जाएगा.''

वे कहते हैं, ''अभी छह महीने के लिए भारत, चीन समेत आठ देश ईरान से तेल आयात कर सकेंगे. ईरान की अर्थव्यवस्था सिकुड़ेगी तो वहां की लीडरशिप पर भी इसका असर होगा.''

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का अनुमान है कि ईरान की अर्थव्यवस्था में इस साल 1.5 प्रतिशत की गिरावट आएगी.
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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का अनुमान है कि ईरान की अर्थव्यवस्था में इस साल 1.5 प्रतिशत की गिरावट आएगी.

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