यूनाइटेड नेशंस को सबसे ज्यादा देता है भारत
न्यूयॉर्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने अमेरिकी दौरा खत्म करके वापस लौट रहे हैं। पीएम मोदी ने अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और दुनिया के तमाम देशों के सामने यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए अपनी
आवाज बुलंद की है।

नवंबर में होनी है एक मीटिंग
पीएम मोदी की अपील के बाद नवंबर में सिक्योरिटी काउंसिल में होने वाले बदलाव के मकसद से एक मीटिंग होने वाली है। अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया है। ऐसे में अब इस बात की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं भारत की मांग को अनसुना नहीं किया जा सकता है।
यूनाइटेड नेशंस ने शांति के मकसद से दुनिया के कई देशों में अपना मिशन जारी किया हुआ है। यूएन के मिशंस में भारती की सेनाओं का योगदान वर्ल्ड वॉर टू के बाद से सबसे ज्यादा है। पीएम मोदी ने भी सोमवार को देश लौटने से पहले यूएन में मौजूद सभी देशों को यह बात याद दिलाई है।
क्या आप वाकिफ हैं इन तथ्यों से
आखिर क्यों पीएम मोदी यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल के लिए भारत की आवाज इतनी बुलंद कर रहे हैं। इसके लिए आपको पीसकीपिंग मिशन में भारत के रोल के बारे में जानना होगा। एक नजर डालिए इन तथ्यों पर।
- अगस्त 2014 तक वर्ष 2014 में पीसकीपिंग मिशन के दौरान कुल 3263 सैनिकों की मौत हो चुकी है।
- इसमें भारतीय सैनिकों की संख्या 161 है और यह सबसे ज्यादा है।
- यूके के 103, फ्रांस के 111, पाकिस्तान के 136, बांग्लादेश के 119 और कनाडा के 121 सैनिक शहीद हुए।
- भारत के इस समय 180,000 ट्रूप्स यूएन के मिशन के दौरान अलग-अलग देशों में डेप्लॉयड हैं।
- इन ट्रूप्स ने 44 मिशंस में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
- भारत की ओर से एक मिलिट्री एडवाइजर, एक पुलिस एडवाइजर, एक डिप्टी मिलिट्री एडवाइजर मिशन के लिए तय हैं।
- इसके अलावा 14 फोर्स कमांडर्स और पुलिस कमिश्नर भी मिशन के लिए डेप्लॉयड हैं।
- भारत ने लाइबेरिया में वर्ष 2007 में पूरी तरह से महिला पुलिस यूनिट को भी तैनात किया।
- यह महिला यूनिट यूएन की पहली पूर्ण महिला यूनिट है।
पिछले मिशन में भारत
- 1950-54- कोरिया
- 1954-1970-इंडो-चाइना-
- 1956-1967 मिडिल ईस्ट
- 1960-1964-कांगो
- 1992-1994- मोजांबिक
- 1993-1994-सोमालिया
- 1994-1996-रवांडा
वर्तमान मिशन में भारतीय सेना
- दिसंबर 1998 से लेबनान में
- कांगो में जनवरी 2005 से
- सूडान में अप्रैल 2005 से
- फरवरी 2006 से गोलन हाइट्स में
- अप्रैल 2006 से आइवरी कोस्ट में
- दिसंबर 1997 से हैती में
- अप्रैल 2007 से लाइबेरिया में
इस बार पीएम मोदी की घोषणाएं
- पहले से जारी या फिर किसी नए मिशन के लिए भारत की ओर से अतिक्ति 850 ट्रूप्स वाली बटालियन।
- फीमेल पीसकीर्स के साथ तीन अतिरिक्त पुलिस यूनिट का डेप्लॉयमेंट।
- इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र के लिए इंजीनियरिंग, मेडिकल, फील्ड हॉस्पिटल और सिग्नल यूनिट का प्रावधान।
- यूएन मिशन के लिए टेक्निलकल पर्सनल का डेप्लॉयमेंट।
- अफ्रीकी देशों से आने वाले लोगों को ट्रेनिंग के लिए नए ट्रेनिंग कोर्स का ऐलान।
- अमेरिका के साथ मिलकर ट्रेनिंग के लिए अतिरिक्त टीमों का डेप्लायॅमेंट।












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