पहले पति और सास-ससुर को मारा, फिर बन गयी महिला सीरियल किलर
नई दिल्ली, मई 28: वेंस्ली क्लार्कसन... इंग्लैंड के अखबार मिरर (सनडे मिरर) और डेली मेल (मेल ऑन सनडे) के मशहूर क्राइम रिपोर्टर। अपनी विश्वसनीयता और खोजी पत्रकारिता के दम पर उन्होंने अंडरवर्ल्ड और गुंडा गैंग में ऐसी पैठ बना ली कि अपराध की कोई खबर उनसे छूटती नहीं थी। ब्रिटेन, स्पेन और अमेरिका के बड़े-बड़े गैंगस्टर से वह सीधे बात करते। वह किसी केस में जासूस की तरह तफ्तीश करते। ब्रिटेन की पुलिस भी बड़े-बड़े मामले सुलझाने में उनकी मदद लेने लगी। उन्होंने कई भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों को भी ट्रैप किया। हाल ही में उनकी एक किताब प्रकाशित हुई है- सीरियल किलर्स ऑफ रशिया। इस किताब में उन्होंने कहा है, पहले अमेरिका को सीरियल किलरों का गढ़ कहा जाता था। लेकिन जब अपराधविज्ञानियों ने समग्र घटनाओं का विश्लेषण किया तो पाया कि दरअसर रूस ही इनका सबसे बड़ा ठिकाना है। उन्होंने अपनी किताब में इंसान से भेडिया बन जाने वालों की कई सच्ची कहानियां लिखीं हैं।

कौन हैं वेंस्ली क्लार्कसन ?
कामयाब क्राइम रिपोर्ट होने की वजह से उनके पास सनसनीखेज कहानियों का भंडार जमा हो गया। उन्होंने अपराध की सच्ची घटनाओं पर आधारित करीब 17-18 किताबें लिखीं। सभी किताबें बेस्ट सेलर साबित हुईं। फिर वे अमेरिका चले गये। हॉलीवुड की मशहूर फिल्म निर्माण कंपनी 20 सेंचुरी फॉक्स ने उनसे एक थ्रिलर फिल्म की पटकथा लिखने का करार किया। इसके बाद उनकी किस्मत का सितारा बुलंद होता चला गया। अमेरिकी फिल्म और टेलीविजन की दुनिया में उनकी रोमांचक अपराध कथाएं, हिट होने की गारंटी हो गयीं। उन्होंने अकूत सम्पत्ति बनायी। वेंस्ले ने ब्रिटिश पुलिस में फैले भ्रष्टाचार पर एक किताब लिखी है- लाइन ऑफ ड्यूटी। बीबीसी टेलीविजन ने इस किताब पर आधारित सस्पेंस थ्रिलर सीरियल की शुरुआत की जो बहुत कामयाब रही। बीबीसी के इतिहास में यह रिकॉर्डतोड़ शो साबित हुआ। इसके 6 सीजन प्रसारित हुए।

महिला सीरियल किलर तमारा
क्या कोई महिला भी इतनी निर्दयी और क्रूर हो सकती है कि वह सीरियल किलर बन जाए ? इंसान के लोभ, लालच और हवस की कोई सीमा नहीं है। औरत भी ऐसा कर सती है। यूक्रेन उस समय सोवियत संघ का हिस्सा था। यूक्रेन की राजधानी रीव के एक गरीब परिवार में एक लड़की का जन्म हुआ जिसका नाम था तमारा मासलेंको। वह स्वभाव से अक्खड़, लालची और अनुशासनहीन थी। मार्च 1987 में पोडिलस्काई जिले के एक स्कूल में कई बच्चों और कर्मचारियों को फूडप्वाइजनिंग के लक्ष्ण के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो बच्चे और दो कर्मचारी तुरंत मर गये। नौ लोगों के आइसीयू में भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में पाया कि पीड़ित लोगों की आंत में इनफेक्शन है। बीमारी कुछ समझ में नहीं आ रही थी। एक मरे हुए व्यक्ति की जांच में पाया गया कि उसके शरीर में थैलियम जहर के अवशेष हैं। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जिन बच्चों का इलाज चल रहा था उन्होंने बताया कि बीमार होने से एक दिन पहले स्कूल के कैफेटेरिया में काशा (अनाज और दूध से बनी डिश) खाया था। पुलिस स्कूल के कैफेटेरिया पहुंची। वहां सभी कर्मचारियों की कड़ाई से पूछताछ की गयी। तमारा कैफेटेरिया में बर्तन धोने का काम करती थी। पूछताछ के दौरान पुलिस को कुछ संदेह हुआ। तमारा के घर की सघन जांच की गयी तो वहां थैलियम जहर के कुछ कण मिले। पुलिस ने सख्ती दिखायी तो तमारा ने मुंह खोल दिया। तमारा को जिनसे बदला लेना होता था उनको वह जहर दे कर मार देती थी। स्कूल में भी उसका विवाद हुआ था। तमारा ने सम्पत्ति की लालच में अपने पहले पति को जहर देकर मार दिया था। उसने दूसरी शादी की तो जमीन हड़पने के लिए सास-ससुर को जहर देकर मार दिया। तमारा के माता-पिता और बहन भी पिछले 11 साल से थैलियम जहर दे कर लोगों को मार रहे थे। अपराध साबित होने के बाद तमारा को फांसी की सजा मिली थी।

इंसान के रूप में भेड़िया था पोपकोव
रूस का अंगारस्क शहर। वो दिसम्बर 1998 की एक सर्द शाम थी। हल्की बर्फबारी भी हो रही थी। 17 साल की एक स्कूली लड़की स्वेतलाना एक सहेली से मिल कर अपने घर लौट रही थी। सड़क पर कुछ दूर चलने के बाद उसे एक पुलिसवाला दिखायी पड़ा। वह एक कार में था। उसने स्वेतलाना को कार से घर छोड़ देने की पेशकश की। मौसम के बिगड़े हुए मिजाज को देख कर स्वेतलाना जल्द घर पहुंचना चाहती थी। जब एक पुलिसवाले ने लिफ्ट का प्रस्ताव दिया तो वह मान गयी। स्वेतलाना कार में सवार हुई। जैस ही कार स्टार्ट हुई पुलिसवाला उसे घूरने लगा। फिर उसने स्वेतलाना को बुरी तरह पीटा और रेप किया। यह पुलिसवाल था रूस का सबसे भयानक सीरियल किलर मिखाइल पोपकोव। पोपकोव पुलिस की वर्दी में एक भेडिया था जो लड़कियों और महिलाओं को लिफ्ट देने के बहाने अपना शिकार बनाता। रेप के बाद हत्या उसकी सनक थी। स्कूल जाने वाली मासूम स्वेतलाना को इस वहशी दरिंदे ने मरा हुआ समझ कर छोड़ दिया था। लेकिन संयोग से उसकी सांसें चल रहीं थीं। पोपकोव ने 83 महिलाओं की अपना शिकार बनाया था जिसमें से केवल दो ही जिंदा रहीं थीं। आखिरकार वह पकड़ा गया। 2015 में उसे उम्रकैद की सजा हुई।

क्रूर कसाई शिकाटिलो
दिसम्बर 1978 का एक मनहूस दिन। रूस के रोस्टव रेलवे स्टेशन पर एक महिला लीना जाकोत्नोवा अपनी नौ साल की बच्ची के साथ बेंच पर बैठीं थीं। बच्ची को कुछ भूख लगी थी। जाकोत्नोवा, बच्ची को बेंच पर बैठा कर पास के एक कैफे में खाने का सामान खरीदने चली गयी। जब जाकोत्नोवा सामान लेकर बेंच के पास पहुंची तब बच्ची वहां नहीं थी। बच्ची के गायब होने के कुछ घंटे बाद पास के जंगल में एक व्यक्ति मिला जिसके हाथ खून से सने हुए थे। उसने उस लड़की की हत्या करने के बाद रेप किया था। यह राक्षस था रूस का सनकी सीरियल किलर आंद्रेई शिकाटिलो। उस दिन शिकाटिलो ने पहली बार किसी को शिकार बनाया था। शिकाटिलो दिमागी रूप से इतना बीमार था कि वह अगवा करने वाली औरतों के हाथ-पैर बांध कर पहले उनकी हत्या करता। फिर उनके शव के साथ रेप करता। वह पेशे से शिक्षक था लेकिन शुरू से यौनकुंठा का शिकार था। वह हत्या, रेप करने के बाद महिलाओं के अंगों को काट लेता था। उसने 12 साल में 56 महिलाओं की हत्या की हत्या करने के बाद रेप किया था। लेकिन अंत में वह पकड़ा गया।












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