Video:तालिबान अमेरिकी चॉपर से कंधार की निगरानी कर रहा था या कुछ और ? क्यों उठ रहे हैं सवाल
काबुल, 31 अगस्त: सोमवार को अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना के कूच करने की मियाद खत्म हो रही थी। अमेरिकी सेना वहां से आनन-फानन में बोरिया-बिस्तर समेटकर भाग रही थी। रात 12 बजे की तय समय-सीमा की उलटी गिनती शुरू थी। इस दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा था। यह वीडियो 60 लाख अमेरिकी डॉलर की कीमत वाले ब्लैक हॉक चॉपर का था, जो कंधार शहर के ऊपर आसमान में मंडरा रहा था। लोग मान कर चल रहे थे कि तालिबान के हाथ लगे 33 अमेरिकी ब्लैक हॉक के बेड़े का ही यह एक चॉपर था। लेकिन, सवाल इसलिए उठा कि चॉपर से एक शख्स रस्सी के सहारे झूल क्यों रहा था, जिसपर अमेरिका तक में कोहराम मचा हुआ है।

ब्लैक हॉक चॉपर से क्यों झूल रहा था शख्स ?
इंडिपेंडेंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा लगता है कि कंधार शहर की पेट्रोलिंग के दौरान तालिबान का एक सदस्य अमेरिका से मिले एक हेलीकॉप्टर से लटक रहा था। इस वीडियो को तालिब टाइम्स नाम के हैंडल से ट्विटर पर शेयर किया गया है। तालिब टाइम्स का दावा है कि वह इस्लामिक अमीरात अफगानिस्तान का 'आधिकारिक न्यूज' शेयर करता है। इस वीडियो में एक आदमी को यूएच-60 ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर से लटकते हुए दिखाया गया है।

तालिबान ने किया गश्त करने का दावा!
तालिब टाइम्स वीडियो के साथ लिखता है- 'हमारी एयर फोर्स! इस समय, इस्लामिक अमीरात के एयर फोर्स के हेलीकॉप्टर कंधार शहर के ऊपर से उड़ान भर रहे हैं और शहर में गश्त कर रहे हैं।' लेकिन, ट्विटर यूजर्स तालिब टाइम्स के इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का दावा है कि तालिबान ने लोगों में अपना दबदबा कायम करने के लिए एक खाली पड़े हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल एक शख्स को फांसी पर लटकाने के लिए किया है।

दुखद, अकल्पनीय- अमेरिकी सीनेटर
इस वीडियो पर अमेरिका के टेक्सास से सीनेटर टेड क्रूज ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा है- 'यह भयानक तस्वीर जो बाइडेन की अफगानिस्तान तबाही की गवाही है: तालिबान ने एक अमेरिकी ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टर से एक व्यक्ति को लटका दिया। दुखद। अकल्पनीय।'
ऐसे हेलीकॉप्टर उड़ाकर तालिबान क्या संदेश दे रहा है ?
हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया है कि तालिबान के आंतकी हाथ लगे अमेरिकी हेलीकॉप्टरों के साथ मस्ती कर रहे हैं या फिर सही में उसने इसका इस्तेमाल किसी को फांसी के फंदे पर लटकाने के लिए किया है। दोनों ही स्थिति में यह मानवता के लिए अच्छी तस्वीर नहीं है। सच तो यह है कि अमेरिकी सैनिक वहां करोड़ों डॉलर के सैन्य हथियार और अत्याधुनिक उपकरण छोड़ आए हैं, जो अब तालिबान के कब्जे में है। इन हथियारों, विमानों, हेलीकॉप्टरों, सैन्य वाहनों और बाकी अस्त्र-शस्त्रों की फेहरिस्त बहुत ही लंबी है। लेकिन, जिस तरह से तालिबान के आतंकियों ने हेलीकॉप्टरों से दहशत मचानी शुरू की है, वह अफगानिस्तान की शांति के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।

अमेरिका के जाने पर जश्न में डूबा तालिबान
बता दें कि 31 अगस्त की शुरुआत से पहले अमेरिकी सेना अपने इतिहास की सबसे लंबी लड़ाई लड़ने के 20 साल बाद काबुल से वापस लौट चुकी है। अमेरिका ने फिलहाल अफगानिस्तान में अपना दूतावास भी बंद कर दिया है और उसे कतर शिफ्ट कर दिया है। जब काबुल से अमेरिका का आखिरी सैनिक विदा हो गया तो तालिबान ने जश्न में फायरिंग की और पटाखे भी जलाए। तालिबान के प्रवक्ता क्वारी यूसुफ ने कहा है, 'आखिरी अमेरिकी जवान काबुल एयरपोर्ट से चला गया है और हमारा देश पूरी तरह से आजाद हो गया है।'












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