विद्रोह के बाद पहली बार दिखे वैगनर चीफ, कहा- अफ्रीका में इस्लामिक आतंकवादियों से लड़ रही आर्मी
वैगनर आर्मी के चीफ येवगेनी प्रिगोजिन रूस में तख्तापलट की कोशिश करने में असफल रहने के बाद पहली बार किसी वीडियो में दिखाई दिए हैं। इस वीडियो में उन्होंने खुलासा किया है कि वे अफ्रीका में हैं।
टेलीग्राम पर पोस्ट किए गए इस वीडियो में प्रिगोजिन अपनी चर्चित लड़ाका ड्रेस में नजर आ रहे हैं। वे एक रेगिस्तान में दिखाई दे रहे हैं जहां उनके हाथ में एक राइफल भी है। इस वीडियो में उन्होंने दावा किया कि वैगनर अफ्रीका को और ज्यादा आजाद बना रहा है।

वीडियो में प्रिगोजिन कहते हैं कि वो अफ्रीका में खनिज ढूंढ़ने के साथ इस्लामिक आतंकवादियों और दूसरे अपराधियों से भी लड़ रहे हैं। प्रिगोजिन ने कहा, कि यहां तापमान 50 डिग्री से ज्यादा है। सब कुछ वैसा ही है जैसा हम चाहते हैं। हमारे लड़ाके अपनी मेहनत से रूस को और महान और अफ्रीका को आजाद बना रहे हैं।
प्रिगोजिन ने कहा- हमारा लक्ष्य अफ्रीकी लोगों के लिए न्याय और खुशी का माहौल बनाना है। हम आईएसआईएस और अल-कायदा और अन्य आपराधिक संगठनों के लिए यहां रहना मुश्किल कर देंगे। वैगनर ग्रुप में लगातार नियुक्ति हो रही है और हमें जो भी टास्क मिले हैं, हम उन्हें पूरा करके रहेंगे। हमने जो वायदे किए थे उसमें हम सफल होकर रहेंगे।
BBC के मुताबिक, प्रिगोजिन के लड़ाके माली और सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक (CAR) जैसे देशों में हजारों लड़ाके मौजूद हैं। यहां वैगनर ग्रुप के कई बिजनेस हैं। राइट ग्रुप्स और संयुक्त राष्ट्र वैगनर आर्मी पर वॉर क्राइम्स का आरोप लगाते हैं।
ब्रिटेन ने पिछले महीने मध्य अफ्रीकी गणराज्य (CAR) में वैगनर के संचालन के दो प्रमुखों पर नागरिकों को प्रताड़ित करने और उनकी हत्या करने का आरोप लगाते हुए प्रतिबंध लगाए था। इससे पहले अमेरिका ने भी इस प्राइवेट आर्मी पर कॉन्टिनेंट पर मौजूद सोने का अवैध सौदा करने का आरोप लगाया था।
प्रिगोजिन को पिछले महीने के अफ्रीका-रूस शिखर सम्मेलन के दौरान सेंट पीटर्सबर्ग में सीएआर में राष्ट्रपति के सलाहकार, राजदूत फ्रेडी मापौका से हाथ मिलाते हुए देखा गया था।












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