वैगनर चीफ बने रूस की रहस्यमयी एजेंसी के शिकार, जानें प्रिगोजिन की मौत से क्रेमलिन को कितना फायदा?
Yevgeny Prigozhin: रूस हमेशा से अपनी जासूसी एजेंसियों की रहस्यमयी कहानियों के लिए जाना जाता रहा है और एक वक्त कहा जाता था, कि रूस के जासूस अमेरिका में इतने ज्यादा भरे हुए हैं, कि उनके पास अमेरिका का एक एक जानकारी होती है। रूस की जासूसी एजेंसी केजीबी के प्रमुख खुद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रह चुके हैं।
वहीं, वैगनर चीफ येवगेनि प्रिगोजिन की मौत के बाद शक की निगाहें क्रेमलिन की तरफ जाती है, क्योंकि प्रिगोजिन की मौत से क्रेमलिन को कई फायदे होने वाले हैं। लिहाजा, अगर वाकई में प्रिगोजिन की जिंदगी का अंतिम अध्याय लिखा गया है, और अगर वो वाकई मर चुके हैं, तो इसके पीछे काफी खतरनाक, तेजतर्रार और रहस्यमयी साजिश है।

कुछ फैक्ट्स हैं, जो अभी से साफ होने लगे हैं। जैसे, कि बुधवार दोपहर वैगनर ग्रुप के प्रमुख प्रिगोजिन ने एक रजिस्टर्ड एम्ब्रेयर लिगेसी बिजनेस जेट किराए पर लिया था, जो रूस के टवर क्षेत्र के कुज़ेनकिंसकोए गांव के ठीक दक्षिण में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें सवार सभी 10 लोग मारे गए।
रूस की राज्य विमानन एजेंसी ने कहा, कि प्रिगोजिन विमान में सवार थे।
लेकिन, सवाल उठ रहे हैं, कि क्या प्रिगोजिन के विमान को मार गिराया गया है, या फिर विमान में पहले से ही बम रख दिया गया था और कुछ सवाल ये भी उठ रहे हैं, कि प्रिगोजिन असल में मरा नहीं है।
पुतिन के कई समर्थकों का कहना है, कि प्रिगोजिन असल में मरा नहीं है, बल्कि वो अपनी मौत का नाटक रच रहा है और उसने अपने नाम से रजिस्ट्रेशन जरूर करवाया था, लेकिन वो खुद विमान में सवार ही नहीं हुआ था। बल्कि, उसने ही विमान को उड़ा दिया, ताकि उसकी मौत की खबर फैल जाए और उसे सब मरा हुआ मान लें।
प्रिगोजिन की मौत पर सस्पेंस गहराया
क्रेमलिन के लिए प्रोपेगेंडा गेम खेलने में माहिर व्लादिमीर सोलोविओव ने टेलीग्राम मैसेज में कहा है, कि प्रिगोजिन की मौत नकली है और यूक्रेनियन और उसके सहयोगी, प्रिगोजिन की मौत की नकली खबर को फैलाने में लगे हैं।
व्लादिमीर सोलोविओव फैक्ट्स के साथ खेलने के लिए कुख्यात माने जाते हैं, लिहाजा उनके दावे में कितना दम है, इसकी हमें जानकारी नहीं है।
लेकिन, ये एक फैक्ट है, कि जून महीने में प्रिगोजिन ने मॉस्को के खिलाफ बगावत का नेतृत्व किया था और रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा था, कि 'बगावत करने वालों को कभी माफ नहीं किया जाता है।'
वहीं, रूसी राज्य टेलीविजन ने प्रिगोज़िन की विग, भेषभूषा और कई पासपोर्ट के प्रति उसकी दिलचस्पी का खुलासा किया है, जो उसके गैंगस्टर वाले घर में पाए गये थे।
प्रिगोजिन के अतीत को लेकर इन दावों के नकारा भी नहीं जा सकता है, क्योंकि उसके नेटवर्क का अंदाजा इी बात से लगाया जा सकता है, कि उसने 2016 में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को भी प्रभावित कर दिया था। इसके अलावा, वो भेष बदलने में भी माहिर था। लेकिन, हर एक उठते सवालों के बाद एक सवाल ये है, कि प्रिगोजिन की मौत से क्रेमिन को कितना फायदा होगा?

प्रिगोजिन की मौत से क्रेमलिन को कितना फायदा?
प्रिगोजिन के विमान की दुर्घटना प्रिगोजिन और वैगनर के विद्रोह के लगभग दो महीने बाद हुई है, जो दो दशकों में पुतिन के शासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी।
विद्रोह के कुछ ही दिनों बाद, क्रोधित पुतिन ने स्पष्ट कर दिया था, कि वह वैगनर के विद्रोह को देशद्रोह के रूप में देखते हैं। हालांकि उन्होंने प्रिगोजिन का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने "विद्रोह के आयोजकों" पर रूस को धोखा देने का आरोप लगाया।
यह एक गंभीर आरोप है, लेकिन वैगनर विद्रोह के बाद के हफ्तों में क्रेमलिन की ओर से त्वरित प्रतिशोध नहीं देखा गया।
बेलारूसी राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको द्वारा किए गए एक समझौते के तहत वैगनर फाइटर्स को पड़ोसी बेलारूस में जाने की अनुमति दी गई थी। हालांकि, प्रिगोजिन थोड़े-थोड़े समय पर सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखते रहे।
लेकिन शायद प्रिगोजिन भी एक बात जानते थे, कि उन्होंने जो किया है, उसका बदला तो लिया जाएगा।
हालांकि, प्रिगोजिन की मौत में रूसी शासन या सीक्रेट एजेंसियों का कितना हाथ है, ये नहीं पता, लेकिन कम से कम, यह दुर्घटना 1990 के दशक की अराजक यादों को ताजा करती है, जब रूसियों को एक बाजार अर्थव्यवस्था में असफल और हिंसक संक्रमण का सामना करना पड़ा था और रूस में होने वाली राजनीतिक हत्याएं एक नियमित सुर्खियां थीं।
पुतिन के शासनकाल में उनके कई आलोचकों की खिड़की से गिरने की वजह से मौत हो गई। आलोयकों का कहना था, कि पुतिन ही अपने रास्ते में आने वाले कांटों को साफ करते जा रहे हैं।
रूस में होने वाली राजनीति मौतों में, कुछ हाई-प्रोफ़ाइल मामलों में रहस्यमय विमान दुर्घटनाएं भी एक पैटर्न रही हैं।
रूसी खोजी पत्रकार आर्टेम बोरोविक की 2000 में मृत्यु हो गई थी, जब कीव के लिए उनका विमान मॉस्को के शेरेमेतयेवो हवाई अड्डे से उड़ान भरने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। वहीं, जनरल अलेक्जेंडर लेबेड - जो एक बार राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रह चुके और क्षेत्रीय गवर्नर थे, उनकी 2002 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई, जिससे पुतिन के सामने आने वाला एक दमदार राजनीतिक आवाज हमेशा के लिए खत्म हो गया था।
वैगनर बॉस की मौत से किसे फायदा होगा?
ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन के वांडा फेलबाब-ब्राउन ने कहा, कि प्रिगोजिन की मौत के पीछे क्रेमलिन का हाथ हो या नहीं, लेकिन पुतिन विरोधियों के बीच साफ साफ शब्दोँ में संकेत जा चुके हैं।
फेलबाब-ब्राउन ने कहा, कि इसके अलावा अब नये सिरे से वैगनर ग्रुप का पुनर्गठन किया जाएगा, जिससे पुतिन विरोधियों को खत्म करने में काफी आसानी होगी। वहीं, अब अफ्रीका और अरब देशों में वैगनर को पूरी तरह से खत्म करने के बजाए फिलहाल उसे कमजोर कर दिया जाएगा और नये प्रमुखों की भर्ती की जाएगी, जो क्रेमिल के करीबी होंगे।












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