Pakistan Political Crisis: PTI सरकार की उल्टी गिनती शुरू, 3 अप्रैल को किसका साथ देंगे इमरान के ये तीन यार ?
नई दिल्ली, 29 मार्च। पाकिस्तान का सियासी घमासान चरम पर पहुंच चुका है। पीटीआई सरकार (PTI Government) के मोहरे अब पाक पीएम इमरान खान (Imran Khan) के हाथ से फिसलते जा रहे हैं। पीटीआई (Pakistan Tehreek e Insaf) सरकार बचाने की अंतिम चाल नकाम साबित होती दिख रही है। इमरान खान सरकार के सहयोगी दल अब विपक्ष का रुख कर चुके हैं। ऐसे में इमरान सरकार बहुमत के आंकड़ों से दूर हो गई है। वहीं विपक्षी काफी मजबूत नजर आ रहा है। इमरान सरकार से बागी हुए विधायकों को अगर जोड़ दिया जाए इमरान सरकार की नाव मझधार में डूबती दिख रही है। आइए जानते हैं पीएम इमरान की पार्टी को पाकिस्तान (Pakistan) के किन सहयोगी दलों ने विपक्ष के बीच अकेला छोड़ दिया है, जिसका रोना वो पाकिस्तान की आवाम से रो रहे हैं। पीएम इमरान खान की ओर पीटीआई सरकार के बचाने के तरह- तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। इनके बावजूद कामयाबी नहीं मिल रही।

3 अप्रैल को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (PM Imran Khan) के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान साथ तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (Pakistan Tehreek‑e‑Insaf) की सरकार का भविष्य तय हो जाएगा। वहीं पाकिस्तान में पीएम इमरान खान की ओर से जनता को दिखाए गए पत्र को लेकर राजनीतिक घमासान (Pakistan Political Crisis) बढ़ गया है। इस्लामाबाद जनसभा में प्रधानमंत्री इमरान खान ने जनता के सामने जमकर विक्टिम कार्ड खेला था। इमरान खान जनता की सहानुभू्ति लेने की कोई कसर नहीं छोड़ी। जनसभा के दौरान उन्होंने एक पत्र दिखाते हुए दावा किया गया था कि उन्हें बाहरी ताकतों से धमकी भरे खत मिल रहे हैं। पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने दावा किया है कि इमरान खान धमकी वाले खत पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को देने के लिए तैयार हैं। फवाद चौधरी ने कहा कि यह एक बहुत गंभीर मामला है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को धमकी मिलना राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है।
आंकड़े के फेर में चारों खाने चित इमरान सरकार
इमरान सरकार अब आंकड़ों के फेर में फंसकर चारो खाने चित हो रही है। पाकिस्तान की संसद में कुल 342 सीटें हैं। बहुमत का जादुई आंकड़ा 179 है, किसी पार्टी को पाकिस्तान की सत्ता पर बैठने के लिए पर्याप्त होता है। इससे पहले इमरान खान को 179 सांसदों का समर्थन हासिल था। जिसमें 155 सांसद अकेले इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (Pakistan Tehreek‑e‑Insaf) के थे। इसमें से कुल 56 सांसद अब बागी हो चुके थे। ऐसे में वर्तमान में इमरान खान के पास 123 सांसदों का समर्थन है। जो पाकिस्तान संसद के जादुई आंकड़े से संख्या में 49 कम है। इम सांसदों की संख्या को अगर विपक्ष में जोड़ दिया जाए तो उनकी संख्या 218 पहुंच जाती है। इसी आधार पर अब कहा जा रहा है कि अब इमरान खान सरकार पाकिस्तान में गिर रही है।
सौदेबाजी जुटे पीएम इमरान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) अब सियासी सौदेबाजी में जुट गए हैं। अपनी कुर्सी बचाने के लिए इस्लामाबाद में रैली के बाद उन्होंने अब पाकिस्तानी संसद नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव से पहले सांसदों को पीटीआई की ओर से प्रलोभन देना शुरू कर दिया है। इमरान ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री के पद से अपनी पार्टी के नेता को हटा कर अपने सहयोगी दल पाकिस्तान मुस्लिम लीग कायद (PML-Q) के नेता परवेज इलाही को देने की पेशकश की है। इससे पहले सोमवार को ही पंजाब के सीएम उस्मान बजदर ने इस्तीफा दे दिया है। उस्मान बजदर के इस्तीफे के बाद PML-Q के नेताओं ने प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात कर संसद में उनको समर्थन देने की घोषणा की।
तीन पार्टियों के सांसद इमरान सरकार का तय करेंगे भविष्य
इमरान खान सरकार में सहयोगी पार्टी MQMP, PMLQ और BAP ने विपक्ष को समर्थन देने का निर्णय लिया है। पंजाब में MQMP के सांसद को इमरान खान ने पाकिस्ता के पंजाब प्रांत का मुख्यमंत्री बनाने प्रस्ताव दिया है। जिसके बाद पार्टी के सांसद पीटीआई सरकार के पक्ष में आते दिख रहे हैं। वहीं PMLQ और BAP को मनाने की कोशिश इमरान खान की ओर से जारी है लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं नकला है। पार्टी की सरकार सत्ता में बनी रहे इसके लिए सीटों की संख्या काफी कम है। वहीं इमरान सरकार से बागी हुए विधायक अगर विपक्ष के साथ पीटीआई के विरोध में मतदान करते हैं तो इमरान खान सरकार का गिरना तय है। कुल मिलाकर इमरान सरकार का भविष्य उनके सहयोगी दलों के सहयोग पर अटक गया है।












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