अमेरिका-NATO ने बदमाशी की तो बरसेंगे गोले, व्लादिमीर पुतिन की चेतावनी के बाद यूक्रेन में हड़कंप
व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि, अगर नाटो ने आक्रामक व्यवहार दिखाया, तो रूस की सेना सैन्य कार्रवाई कर करारा जवाब देगी।
मॉस्को, दिसंबर 22: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका और नाटो को साफ चेतावनी देते हुए कहा है कि, अगर रूस को नाटो से कोई भी खतरा पैदा होता है, तो रूस की सेना उसका करारा जवाब देगी। राष्ट्रपति पुतिन की की चेतावनी के बाद यूरोपीय देश और अमेरिका के साथ रूस का तनाव और भी ज्यादा बढ़ गया है और आशंका सबसे ज्यादा इस बात को लेकर है, कि क्या रूस यूक्रेन पर हमला करने जा रहा है।

पुतिन ने दी नाटो को चेतावनी
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि, अगर रूस को नाटो से खतरा महसूस होता है तो वह एक सैन्य प्रतिक्रिया पर विचार करेगा। रूसी राष्ट्रपति पुतिन का ये बयान साफ तौर पर यूक्रेन के खिलाफ एक मिलिट्री ऑपरेशन को लेकर संकेत माना जा रहा है, जिससे काफी ज्यादा तनाव भड़कने की आशंका है। वहीं, रूसी राष्ट्रपति के बयान से साफ जाहिर हो रहा है, कि यूक्रेन की सीमा पर तैनात एक लाख से ज्यादा रूसी सैनिक ना तो हटने के लिए तैयार हैं और ना ही रूस तनाव को कम करने के लिए तैयार है।

नाटो से 'सुरक्षा की गारंटी' की मांग
मंगलवार को एक आक्रामक भाषण के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नाटो से "सुरक्षा गारंटी" की मांग की है। उन्होंने अपने शीर्ष सैन्य कमांडरों को संबोधित करते हुए बढ़ते तनाव के लिए पश्चिमी देशों को दोषी ठहराया है। आपको बता दें कि, पिछले कई हफ्तों से रूस ने सैकड़ों टैंक, मिसाइल, एक लाख से ज्यादा सैनिकों की तैनाती यूक्रेन की सीमा पर कर रखी है और इस की आशंका है कि, अगले साल की शुरूआत में ही रूस यूक्रेन पर हमला कर सकता है। वहीं, अमेरिका ने कहा है कि, अगर यूक्रेन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की गई, तो अमेरिका भी रूस के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करेगा।

नाटो के खिलाफ रूस का मोर्चा
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने सोवियत संघ के पतन के बाद से नाटो के विस्तार के खिलाफ लगातार आवाज उठाई है और पश्चिम पर यूक्रेन को रूस के खिलाफ आक्रामक करने का आरोप लगाया है। यूक्रेन में साल 2014 में हुई एक क्रांति के बाद पश्चिमी देशों के समर्थक सरकार की स्थापना हुई थी और उसके बाद से ही रूस नाटो को लेकर बौखलाया हुआ है। वहीं, रूस ने 2014 में यूक्रेन पर हमला कर दिय था और क्रीमिया पर कब्जा कर लिया था। वहीं, रूसी आक्रमण के बाद पूर्वी यूक्रेन में भी एक संघर्ष का जन्म हो गया, जिसमें 14 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे। जिसके बाद यूक्रेन और नाटो देशों के बीच का सैन्य सहयोग और भी ज्यादा मजबूत हो गया।

'हमारे दरवाजे पर खड़ा है अमेरिका'
"यूक्रेन में संयुक्त राज्य अमेरिका जो कर रहा है वह हमारे दरवाजे पर है," उन्होंने यूक्रेन, जिसे कीव भी कहा जाता है, उसके लिए वाशिंगटन के समर्थन को लेकर कहा है। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि, "और उन्हें समझना चाहिए कि हमारे पास पीछे हटने के लिए रास्ता नहीं है। वो अमेरिका के संरक्षण के तहत रूस के खिलाफ चरमपंथियों की फौज तैयार कर रहे हैं और उन्हें हथियार दे रहे हैं, उन्हें क्या लगता है, कि हम मुर्ख बनकर देखते रहेंगे''। हालांकि, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने विशेष रूप से यूक्रेन में एक आक्रामक ऑपरेशन की संभावना का उल्लेख नहीं कियाो। हालांकि, यूक्रेन की सीमाओं पर सैनिकों को इकट्ठा करने की बात को लेकर रूस ने साफ कर दिया है कि, हमला होगा या नहीं, ये बातचीत की टेबल पर है।

हम करारा जवाब देने के लिए तैयार- पुतिन
रूसी राष्ट्रपति ने साफ तौर पर आक्रामक बयान देते हुए कहा कि, अगर हमारे पश्चिमी देशों के साथ आक्रामकता दिखाते हैं, तो हम उसी अनुपात में सैन्य कार्रवाई करेंगे और किसी भी अमित्रता का जवाब दें। पुतिन ने जोर देकर कहा कि, ''मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि हम ऐसा करने के पूरी तरह से हकदार हैं।" मंगलवार को रूसी राष्ट्रपति ने जो भाषण दिया है, उससे साफ झलकियां मिल रही हैं कि, हो सकता है अगले महीने रूसी सैनिक यूक्रेन पर हमला कर दें। वहीं, रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने कहा कि, ''एक अनाम निजी अमेरिकी सैन्य कंपनी ने रासायनिक हथियार हासिल कर लिए थे और वह पूर्वी यूक्रेन के अवदिवका और क्रास्नी लिमन शहरों में रूस को "उकसावे" वाली काम कर रही है।'' आपको बता दें कि, रूस की सेना ने पहले सीरिया में इसी तरह के दावे किए थे, जो गलत साबित हुई थी।












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