सर्गेई सोईगु को रक्षा मंत्री के पद से हटाएंगे रूस के राष्ट्रपति, व्लादिमीर पुतिन ने अचानक क्यों लिया ये फैसला?
Russia News: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कैबिनेट फेरबदल के तहत सर्गेई शोइगु को रक्षा मंत्री के पद से हटाने की योजना बनाई है, और रिपोर्ट के मुकाबिक, अब उन्हें देश की सुरक्षा परिषद का सचिव बनाया जा सकेगा।
क्रेमलिन ने रविवार को कहा है, कि पूर्व उप प्रधान मंत्री आंद्रेई बेलौसोव, जो अर्थशास्त्र में विशेषज्ञता रखते हैं, वो अब देश के नए रक्षा मंत्री बनेंगे।

व्लादिमीर पुतिन इस साल पांचवीं बार देश के राष्ट्रपति बने हैं और अब उन्होंने अपने कैबिनेट में फेरबदल किया है। रूसी कानून के मुताबिक, क्रेमलिन में पुतिन के फिर से शासन संभालने के बाद मंगलवार को पूरी कैबिनेट ने इस्तीफा दे दिया।
आंद्रेई बेलौसोव की उम्मीदवारी को रूस की संसद के ऊपरी सदन, फेडरेशन काउंसिल द्वारा अनुमोदित करने की आवश्यकता होगी। रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगू को 2012 में रक्षा मंत्री नियुक्त किया गया था, इससे दो साल बाद रूस ने यूक्रेन के क्रीमिया प्रायद्वीप पर आक्रमण किया था और उस पर कब्ज़ा कर लिया था।
रक्षा मंत्री को क्यों हटाया जा रहा है?
आपको बता दें, कि शोइगु के एक प्रतिनिधि, तिमुर इवानोव को पिछले महीने रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और आधिकारिक जांच होने तक हिरासत में रहने का आदेश दिया गया है। गिरफ्तारी को व्यापक रूप से शोइगु पर हमले और पुतिन के साथ उनके करीबी संबंधों के बावजूद उनकी बर्खास्तगी के पीछे की संभावित वजह समझा जा रहा है।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने रविवार को कहा, कि पुतिन ने रक्षा विभाग एक सिविलियन को देने का फैसला किया है, क्योंकि मंत्रालय "इनोवेशन और अत्याधुनिक विचारों के लिए खुला होना चाहिए" और बेलौसोव इस पद के लिए उपयुक्त हैं।
पुतिन ने इस साल मार्च में हुए चुनाव में एक 87 प्रतिशत वोट हासिल करके जीत हासिल की थी। हालांकि, रूस में होने वाले चुनाव पर विश्लेषकों का कहना है, कि यूक्रेन में युद्ध का विरोध करने वाले कई उम्मीदवारों को केंद्रीय चुनाव आयोग ने चुनाव लड़ने से रोक दिया था, जिससे चुनाव में लोकतांत्रिक वैधता की भारी कमी थी।
यूक्रेन युद्ध के बीच रक्षा मंत्री को हटाने का फैसला
यह फेरबदल तब हुआ है, जब पूर्वोत्तर यूक्रेन के खार्किव क्षेत्र में रूस के नए सिरे से जमीनी हमले से हजारों नागरिक भागने पर मजबूर हो गए हैं। रूस ने तोपखाने और मोर्टार गोलाबारी के साथ कस्बों और गांवों को निशाना बनाया है।
तीव्र लड़ाई ने कम से कम एक यूक्रेनी यूनिट को पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया है, क्योंकि रूसी सेना ने रूसी सीमा के साथ लगने वाले ग्रे ज़ोन में कम संरक्षित बस्तियों में ज्यादातर क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया है।
आपको बता दें, कि 17,000 की आबादी वाला वोवचांस्क शहर, जो पूर्वोत्तर के सबसे बड़े शहरों में से एक है, वो रविवार दोपहर तक युद्ध में केंद्र बिंदु के रूप में उभर चुका था।












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