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रिपब्लिकन पार्टी की बहस में विवेक रामास्वामी छाए, स्टेज पर सभी उम्मीदवार दिखे परेशान, जानिए क्या हुआ?

Vivek Ramaswamy Debate: अमेरिका में अगले साल राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं, लेकिन उससे पहले अमेरिका में सियासत काफी तेज हो चुकी है। इस साल अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में भारतीय मूल के दो उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, एक नाम है विवेक रामास्वामी का और दूसरा नाम है निक्की हेली का। लेकिन, सबसे खास बात ये है, कि विवेक रामास्वामी, जो गर्व से खुद को हिन्दू बता रहे हैं, वो काफी तेजी से राष्ट्रपति की कुर्सी की तरफ आगे बढ़ रहे हैं।

रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से इस बार आठ उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश की है और इन उम्मीदवारों के बीच बुधवार रात को बहस की गई है, जिसमें विवेक रामास्वामी सेंटर स्टेज बन गये। हालांकि, इस बहस में डोनाल्ड ट्रंप ने हिस्सा नहीं लिया था, लेकिन जिस आक्रामक अंदाज से विवेक रामास्वामी ने बहस की है, उससे डोनाल्ड ट्रंप के साथ साथ राष्ट्रपति बाइडेन भी घबरा गये हैं।

Vivek Ramaswamy

जिस वक्त रिपब्लिकन पार्टी के दावेदारों की बहस चल रही थी, उस वक्त डोनाल्ड ट्रंप भी फॉक्स न्यूज के पूर्व एंकर टकर कार्लसन को एक इंटरव्यू दे रहे थे, जिसे ऑनलाइन स्ट्रीम किया गया था। डोनाल्ड ट्रंप का कहना है, कि उन्हें पहले ही बहुमत हासिल है, इसीलिए बहस की कोई जरूरत ही नहीं है।

हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप की स्टेज पर गैरमौजूदगी ने रिपब्लिकन पार्टी के अंदर दूसरे दावेदारों को अपनी बातों को रखने का एक मजबूत मौका दे दिया, जिसका भरपूर फायदा विवेक रामास्वामी और रॉन डिसेंटिस ने उठाने की कोशिश की, जो डोनाल्ड ट्रंप के बाद रिपब्लिकन पार्टी के सबसे मजबूत उम्मीदवार हैं।

रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों को लेकर ये प्राइमरी राउंड की पहली बहस थी और इनके बीच एक राउंड की बहस और होनी है।

पहले राउंड के बहस में क्या हुआ?

फॉक्स न्यूज इस बहस को होस्ट कर रहा था और पहले राउंड की बहस के दौरान किसी को उम्मीद नहीं थी, कि 38 साल के विवेक रामास्वामी बहस के केन्द्र में होंगे, जिन्हें कुछ महीने पहले नौसिखिया उम्मीदवार माना जा रहा था।

हालांकि, विवेक रामास्वामी पब्लिक पोल में डोनाल्ड ट्रंप से काफी पीछे हैं, लेकिन हालिया समय में अपने आक्रामक प्रचार की बदौलत उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के अंदर बाकी के उम्मीदवारों को काफी पीछे छोड़ना शुरू कर दिया है। उनका मुख्य मुकाबला फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डिसेंटिस के साथ है, जिन्हें विवेक रामास्वामी ने पीछे छोड़ना शुरू कर दिया है।

अगर डोनाल्ड ट्रंप मुकदमों की वजह से चुनाव से बाहर कर दिए जाते हैं, तो इस बात की पूरी संभावना है, कि विवेक रामास्वामी या फिर रॉन डिसेंटिस में से किसी एक और रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के लिए टिकट मिल जाएगा।

वहीं, बहस के पहले राउंड में विवेक रामास्वामी ने अपने तर्कों से रॉन डिसेंटिस के पसीने ला दिए। बहस के दौरान विवेक रामास्वामी ने ये दिखाने की कोशिश की, कि वो कोई रेगुलर नेता नहीं हैं। वहीं, बहस के दौरान उन्होंने एक जगह कहा, कि वो स्टेट पर मौजूद इकलौते उम्मीदवार हैं, जिन्हें पैसा देकर नहीं लाया गया है।

उन्होंने मंच से बताया, कि वो एक ऐसे माता-पिता की संतान हैं, जो गरीब थे और जो अमेरिका में बसने आए और उन्होंने अपनी मेहनत की बदौलत करोड़ों डॉलर की कंपनी बनाई।

इसके साथ ही, विवेक रामास्वामी ने अपने विरोधियों को इस बात के लिए फटकार लगाई, कि उनके खिलाफ वही पुरानी और घिसी-पिटी बातों को लेकर निशाना बनाया जा रहा है।

वहीं, डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान उप-राष्ट्रपति रहे माइक पेंस ने विवेक रामास्वामी के राजनीतिक अनुभव को लेकर सवाल उठाए और कहा, कि जब लोगों को नौकरी की जरूरत है, तब हम किसी को ट्रेनिंग देने के लिए भर्ती नहीं कर सकते हैं।

Vivek Ramaswamy

विवेक रामास्वामी पर चौतरफा वार

बहस के दौरान ऐसा लग रहा था, कि चारों तरफ से विवेक रामास्वामी पर ही वार किया जा रहा है। रामास्वामी के खिलाफ सबसे कटु हमलों में से एक, न्यू जर्सी के पूर्व गवर्नर क्रिस क्रिस्टी ने किया।

क्रिस क्रिस्टी भी राष्ट्रपति पद की रेस में हैं।

क्रिस क्रिस्टी ने कहा, कि "मेरे पास ऐसे बहुत से लोग हैं, जो यहां खड़े हैं और चैटजीपीटी की तरह लगते हैं।"

क्रिस क्रिस्टी ने बहस के दौरान कहा, कि विवेक रामास्वामी के नाम का उच्चारण काफी मुश्किल है और उनका दुबला-पतला शरीर, उन्हें बराक ओबामा की याद दिलाता है, लिहाजा रिपब्लिकन पार्टी के मंच पर बराक ओबामा जैसा दिखना, तारीफ के काबिल बात नहीं है।

वहीं, दक्षिण कैरोलिना की पूर्व गवर्नर और भारतीय मूल की एक और नेता, निक्की हेली ने रामास्वामी के इस तर्क पर हमला किया, कि अमेरिका को रूस के आक्रमण के खिलाफ यूक्रेन की रक्षा में उसका समर्थन नहीं करना चाहिए। निक्की हेली ने कहा, कि विवेक रामास्वामी के विचार अमेरिका को कमजोर बनाते हैं और अमेरिका की विदेश नीति को लेकर उनके पास कोई अनुभव नहीं है और उनकी बातें ये दिखाता है।

डोनाल्ड ट्रंप भी बने रहे हॉट टॉपिक

बहस के दौरान रिपब्लिकन पार्टी के करीब करीब सभी नेताओं ने एक आवाज में कहा, कि अगर डोनाल्ड ट्रंप को सजा भी मिल जाती है, फिर वो उनके साथ खड़े रहेंगे।

वहीं, डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों का लगातार समर्थन करने वाले विवेक रामास्वामी ने कहा, कि अगर वो राष्ट्रपति बनते हैं, तो वो डोनाल्ड ट्रंप को हर एक मामले में माफी दे देंगे।

रामास्वामी ने कहा, कि "आइए सच बोलें और मेरा मानना है, कि राष्ट्रपति ट्रंप 21वीं सदी के सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रपति थे। यह एक सच्चाई है।"

क्रिस्टी, एक पूर्व अमेरिकी वकील, दर्शकों के शोरगुल से कई बार दब जाने के बावजूद आक्रामक तरीके से पीछे हट गईं।

वहीं, रॉन डिसेंटिस, जो विवेक रामास्वामी के साथ राष्ट्रपति पद की रेस में हैं, उन्होंने कहा, कि अगर वो राष्ट्रपति बनते हैं, तो अमेरिकी न्याय विभाग को हथियार की तरह किसी नेता के खिलाफ इस्तेमाल करने की प्रथा को खत्म कर देंगे।

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