Abortion pill ruling: गर्भपात की गोली पर निचली अदालत के बैन के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई अस्थायी रोक
अमेरिका के नियमों के मुताबिक, अमेरिका की राज्य सरकारें उस दवा को अपने राज्य में प्रतिबंधित नहीं कर सकती हैं, जिन्हें एफडीए पहले ही मान्यता दे चुका है।

अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के गर्भपात से जुड़े फैसलों पर अस्थायी रूप से रोक लगा दिया है। एक सप्ताह पहले एक फैसले में निचली अदालत ने गर्भपात की गोली मिफेप्रिस्टोन का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दिया था।
अपने फैसले में सुप्रीम अदालत ने प्रशासन से गर्भपात की दवा तक पूर्ण पहुंच बहाल करने के लिए कहा है। न्याय विभाग (डीओजे) ने मिफेप्रिस्टोन तक पहुंच बहाल करने के लिए एक आपातकालीन अपील दायर की है। ये दवा देश में आधे से अधिक गर्भपात में इस्तेमाल में लाया जाता है।
बीबीसी रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट द्वारा निचली अदालत के फैसले पर अस्थायी रोक लगाने का प्रभाव न केवल लाखों महिलाओं पड़ेगा, बल्कि इससे दवा के एप्रूवल का भविष्य भी तय होगा। फिलहाल फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट को अब यह तय करने का समय है कि निचली अदालत के फैसलों के संबंध में आगे क्या करना है।
दवा से जुड़ी कानूनी लड़ाई तब शुरू हुई जब पिछले हफ्ते टेक्सास की एक अदालत ने मिफेप्रिस्टोन दवा को बाजार से हटाने का आदेश दिया था। इस आदेश में कहा गया था कि दवा का इस्तेमाल जन्म लेने से पहले बच्चे को मारने के लिए किया जा रहा है।
कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा था कि उनकी सरकार गर्भपात की दवा के लिए एफडीए की मंजूरी को रोकने वाले टेक्सास कोर्ट के फैसले को चुनौती देगी। आपको बता दें कि अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने मिफेप्रिस्टोन के गोलियों का सेवन करने को लेकर मान्यता दे रखी है।
अमेरिका में जिन राज्यों ने गर्भपात पर रोक लगाई है, उन पर गोलियों की डिलीवरी रोकने के उपायों पर विचार चल रहा है। पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात को कानूनी मंजूरी देने वाले 50 साल पुराने फैसले को पलटते हुए कहा था कि अमेरिका के अलग-अलग राज्य अपने लिए अलग नियम बना सकते है कि वहां गोलियों को मंजूरी दी जाएगी या नहीं।
आपको बता दें कि अमेरिका में गर्भपात की गोलियों को लेकर लंबे समय से कानूनी जंग जारी है। इसी साल जनवरी में यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने पहली बार देश में गर्भपात की गोलियों के लिए प्रमाणित फार्मेसियों के लिए एक मार्ग को मंजूरी दी। इससे पहले केवल एक प्रमाणित स्वास्थ्य सेवा प्रदाता ही इन गोलियों को लिख सकता था और वितरित कर सकता था।
मिफेप्रिस्टोन दवा पर प्रतिबंध लगाने के पक्ष में गर्भपात-विरोधी कार्यकर्ता दावा करते है कि ये असुरक्षित है और इसे पूरी तरह से नियंत्रित या प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि दवा के इस्तेमाल से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम पैदा कर सकती है। इससे ब्लड फ्लो ज्यादा होता है और संक्रमण का भी खतरा बढ़ जाता है।












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