चीनी राष्ट्रपति पर बाइडेन का निशाना, बोले- उनका COP26 समिट में न आना बड़ी गलती, दुनिया चीन की तरफ देख रही है
ग्लासगो (स्कॉटलैंड): अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने चीन और रूस के राष्ट्रपतियों के रोम में G20 समिट और ग्लासगो में COP26 क्लाइमेट समिट में हिस्सा नहीं लेने पर निराशा जताई। बाइडेन ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर निशाना साधते हुए कहा कि, समिट में शामिल न होकर उन्होंने एक बड़ी गलती की है। बाइडेन ने कहा, 'चीनी राष्ट्रपति के लिए COP26 में शामिल नहीं होना एक बड़ी गलती है। बाकी दुनिया चीन की तरफ देख रही है और पूछ रही है कि वे क्या योगदान दे रहे हैं। उन्होंने दुनिया और COP में मौजूद लोगों का भरोसा खोया है।'

बाइडेन का जिनपिंग पर निशाना
उधर, समिट से एक दिन पहले चीन ने आरोप लगाया कि, उनके राष्ट्रपति शी जिनपिंग को स्कॉटलैंड में सीओपी26 जलवायु वार्ता सम्मेलन में बोलने के लिए वीडियो लिंक उपलब्ध नहीं कराया गया, इसीलिए उन्होंने कार्यक्रम में भाषण नहीं दिया। बल्कि, इसके जगह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने लिखा हुआ बयान एक कागज के जरिए भेजा था।' वैश्विक मंच पर ये बात बहुत मायना रखती है कि, शी जिनपिंग व्यक्तिगत तौर पर सीओपी-26 सम्मेलन में शामिल होने के लिए ग्लासको नहीं पहुंचे थे और उन्होंने यूनाइटेड नेशंस के इस वैश्विक कार्यक्रम में अपना लिखित बयान भिजवा दिया। जिसको लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी नाराजगी जाहिर की है।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन का भी जिक्र किया
चीनी राष्ट्रपति को निशाने पर लेने के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भी जिक्र किया, क्योंकि पुतिन भी इस सम्मेलन में शिरकत करने के लिए नहीं पहुंचे थे। हालांकि, पुतिन के नहीं जाने के पीछे रूस में अचानक कोविड-19 के मामलो में भारी बढ़ोतरी है और इस वक्त रूस में हर दिन एक हजार से ज्यादा लोग कोविड-19 की वजह से अपनी जान गंवा रहे हैं। लेकिन, चीन के राष्ट्रपति पिछले 21 महीनों से देश से बाहर नहीं जा रहे हैं और कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि, शी जिनपिंग को देश में तख्तापलट का डर दिख रहा है, लिहाजा वो चीन से बाहर नहीं निकल रहे हैं। पूरी खबर यहां पढ़िए: 21 महीने से चीन छोड़कर बाहर नहीं निकले हैं शी जिनपिंग, सता रहा है तख्तापलट का डर?

चीन ने ऐसे झाड़ा समिट से पल्ला
चीन ने सीओपी26 में हिस्सा न लेने पर कहा है कि, राष्ट्रपति शी जिनपिंग को वीडियो लिंक नहीं दिया गया, जिसकी वजह से उन्होंने चिट्ठी भिजवा दी। इस चिट्ठी में जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए चीन की तरफ से कोई प्रतिज्ञा नहीं की गई थी, बल्कि सिर्फ ये आश्वासन दिया गया था कि, चीन 2060 तक जीवाश्म ईंधन का इस्तेमाल बंद कर देगा। इसके अलावा शी जिनपिंग की चिट्ठी में विश्व के दूसरे देशों को ही नसीहत दी गई थी और अपने वादों को पूरा करने के लिए कहा गया था। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने एक नियमित ब्रीफिंग में संवाददाताओं से 1 दिन पहले कहा कि, "जैसा कि मैं इसे समझता हूं, सम्मेलन के आयोजकों ने वीडियो लिंक प्रदान नहीं की।"












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